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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 76144 |
40449718 |
विनय गुरु ? |
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2026-04-11 06:56:41 |
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| 76143 |
40449718 |
विनय गुरु ? |
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2026-04-11 06:56:40 |
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| 76141 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??? |
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2026-04-11 06:52:00 |
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| 76142 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??? |
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2026-04-11 06:52:00 |
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| 76139 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-04-11 06:51:08 |
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| 76140 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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2026-04-11 06:51:08 |
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| 76138 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??????????
♨ आज शनिवार है ♨
?आज तिथि नम(9) है✨
?आज के दर्शन?
?श्री मुनिसुव्रत स्वामी दादा के दर्शन ?
?श्री मुनिसुव्रत भगवान?
? वैभवगिरी हिल?
?? राजग्रही?
?? बिहार
? स्वयं शनि देव जिनके चरणों की सेवा में उपस्थित रहते है ऐसे श्री मुनिसुव्रत स्वामी भगवान की आराधना करने से शनि की सारी तकलीफे दूर होती है ।
✨ आज का मंत्र जाप ✨
ॐ ह्रीं श्री मुनिसुव्रत स्वामी प्रभो नमस्तुभ्यं मम ग्रह शांतिः शांतिः शांतिः?
?मुनिसुव्रत नामे, जे भवि चित्त कामे ,
?सवि संपत्ति पामे ,स्वर्गना सुख जामे ।
?दुर्गति दुःख वामे ,नवि पड़े मोह भामे,
?सवि कर्म विरामे ,जई वसे सिद्धि धामे ?
?प्रातः कालीन वंदना?
?अरिहंते, सिद्धे, साहु, शरणं पवजामी
केवली पन्नतम धम्मम शरणं पवजामी?
?लोक में विराजित
समस्त अरिहंत परमेष्ठीयों को वंदन?
?लोक के अग्र भाग में सिध्द शिला पर विराजित
समस्त सिध्द परमेष्ठीयों को वंदन ?
?ढाई द्वीप में विराजित समस्त
आचार्य उपाध्याय साधु परमेष्ठीयों को नमन ?
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2026-04-11 06:50:15 |
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| 76135 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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2026-04-11 06:50:14 |
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| 76136 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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2026-04-11 06:50:14 |
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| 76137 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??????????
♨ आज शनिवार है ♨
?आज तिथि नम(9) है✨
?आज के दर्शन?
?श्री मुनिसुव्रत स्वामी दादा के दर्शन ?
?श्री मुनिसुव्रत भगवान?
? वैभवगिरी हिल?
?? राजग्रही?
?? बिहार
? स्वयं शनि देव जिनके चरणों की सेवा में उपस्थित रहते है ऐसे श्री मुनिसुव्रत स्वामी भगवान की आराधना करने से शनि की सारी तकलीफे दूर होती है ।
✨ आज का मंत्र जाप ✨
ॐ ह्रीं श्री मुनिसुव्रत स्वामी प्रभो नमस्तुभ्यं मम ग्रह शांतिः शांतिः शांतिः?
?मुनिसुव्रत नामे, जे भवि चित्त कामे ,
?सवि संपत्ति पामे ,स्वर्गना सुख जामे ।
?दुर्गति दुःख वामे ,नवि पड़े मोह भामे,
?सवि कर्म विरामे ,जई वसे सिद्धि धामे ?
?प्रातः कालीन वंदना?
?अरिहंते, सिद्धे, साहु, शरणं पवजामी
केवली पन्नतम धम्मम शरणं पवजामी?
?लोक में विराजित
समस्त अरिहंत परमेष्ठीयों को वंदन?
?लोक के अग्र भाग में सिध्द शिला पर विराजित
समस्त सिध्द परमेष्ठीयों को वंदन ?
?ढाई द्वीप में विराजित समस्त
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2026-04-11 06:50:14 |
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