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जिनोदय?JINODAYA |
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??सभी सा धर्मी जैन समाज,सागर, ललितपुर,अशोक नगर,गुना,भोपाल एवम अन्य।बुंदेलखंड,अंचल,सभी को सादर जय जिनेन्द्र,सोशल मीडिया,व्हाट्सएप,फेस बुक के माध्यम से ,आप सभी नेसुना एवम पढ़ा ही होगा, कैसे हम ,विवेक हीन,कमजोर,और विभाजित होते जा रहें है,अपने ही हाथों से अपना गला घोंट रहे है,अपनी ही इज्जत को बीच बाजार में आवाज लगा, लगा कर नीलम कर रहे है,???? आखिर क्यों मौन है,समाज के बीच सम्मान प्राप्त करने वाले,न्यायाधीश, IAS,IPS, शासन,प्रशासन,के उच्च अधिकारी,समाज के वरिष्ठ समाज सेवी,समाज का नेतृत्व करने वाले नेता,पंडित,कवि,आलोचक,समालोचक,आखिर क्यों ?? क्यों चुप है,मात्र कुछ दुराग्रही व्यक्तियों को खुश करने के लिए,किसी डर से,या हमे क्या मतलब????सभी लोग सब कुछ जानते हुए भी,इस प्रकरण को घर में बंद कमरे ने जमीन खोद कर गाड़ सकते थे,122 देशों के सम्मुख क्या, ऐसे सवाल जवाब किए जा ना चाहिए,जिससे पूरे।दिगंबर जैन समाज की इज्जत चौराहे पर ही नही, हर एक समाज के नजरों में।बेआबरू हो गई,एक वीडियो को सुन कर,उसके कमेन्ट में कुछ मुस्लिम भाइयों की।अभिव्यक्ति।पढ़ कर,मन बेहद दुखी है,क्या मिला अपनी समाज और धर्म की अंतर कथा का बखान करके, सत्य एवम असत्य ,घर में था,सबके घर में वर्तन बजते है,पर पड़ोसी को देख कर मुस्करा देते है,अभी कुछ विवेक जीवित हो तो,इन सभी कांडों को समझने के लिए,सुलझाने के लिए,निस्प्रही,न्याय प्रिय, सत्य प्रिय न्यायाधीशों को ,आगे आना चाहिए, संघ के वरिष्ठ पूज्य साधु महाराजों को भी साम्य।भाव से,इस दुर्दांत,बेहद, जहरीली हवा वाले प्रकरण को शांत कराना ही होगा,यह काले कोयले की खदान है,जितना खोदोगे, काला, काला,ही निकलेगा,??किसी भाई ने लिखा,सीबीआई,को ??सोचा कभी,कृपया पंचम काल के अंत तक रहने वाले सस्वत धर्म का अंत अभी हो सकता है, उक्त वीडियो के कमेन्ट देख कर,लिखने।वाले को समझ जाना चाहिए,??क्या किया आपने,आप तो हमारे हो,क्या कहें पूरे भोपाल का नाम आपके साथ जुड़ रहा है,निर्ग्रंथ साधु,या प्रतिमा धारी थाने या कोर्ट में जाते है,तो क्या समाज देखती रहेगी , लाखों वीर अकलंको , निक लंको की भीड़ साथ जाएगी,जब हमारी समाज,धर्म,देव,शास्त्र,गुरु के प्रति अपनी जान भी देने।में।पीछे नही रहेगी,????एक ही सविनय विनम्र।निवेदन है,सभी पक्षों से सोशल मीडिया में ऐसे वीडियो न डालें,जिस से दिगंबर समाज,गुरुओं ,के ऊपर उंगली उठें,नई पीढ़ी को।हम क्या परोस रहें है,संत बाद,पंथ बाद,उन पूज्य सभी।महाराजोँ से।साधु साध्वी जनों से विनम्र अनुरोध ,विनय करता हूं, की स्थ ती करन, उपगुहन, भी हमारे धर्म के अंग है,उनका उपयोग करें,अपने अपने,मान,अभिमान,का त्याग, करें,में तो एक गुरु महाराज का चरण।सेवक हूं,अज्ञानी,अल्पज्ञ हूं,?मेरे मन में जो पीढ़ा थी सो।देव,शास्त्र,गुरु,समाज,प्रबुद्ध प्रभाव शाली ,न्यायविद, गुणी जनों के सम्मुख रख दी,इस।संकट के समय में मौन रहना भी ,समाज,धर्म का घाती होना है, सत्य और असत्य का निर्णय कर्म।विज्ञान करेगा ही,लोग मुखर हों,??गुरु देव पूज्य भगवान आचार्य।भगवान विद्या सागर महाराज पूज्य विद्या शिरोमणि, परम परा चार्यसमय सागर जी के अनमोल खजाने को सहेज कर रखें,योगी जी का फॉर्मूला हम बटेंगे तो कटेंगे,को सदेव शिरोधार्य करें??सविनय प्रार्थना डॉक्टर नरेंद्र जैन निर्भीक।भोपाल, |
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2026-06-14 00:13:39 |
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