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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 233254 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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2026-06-15 23:05:59 |
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| 233255 |
40449701 |
??संत शिरोमणि अपडेट?? |
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2026-06-15 23:05:59 |
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| 233253 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-15 23:04:42 |
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| 233252 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-15 23:04:41 |
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| 233251 |
42131354 |
जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन |
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दुःख में सुख चाहते हो? देखें और बदलाव लाएँ ✨
हम सभी जीवन में सुख चाहते हैं, लेकिन क्या बिना अपनी सोच बदले सुख संभव है? ?
<a href="https://www.facebook.com/share/r/1EJQJU4LxP/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/r/1EJQJU4LxP/</a> |
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2026-06-15 22:53:18 |
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| 233250 |
42131354 |
जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन |
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दुःख में सुख चाहते हो? देखें और बदलाव लाएँ ✨
हम सभी जीवन में सुख चाहते हैं, लेकिन क्या बिना अपनी सोच बदले सुख संभव है? ?
<a href="https://www.facebook.com/share/r/1EJQJU4LxP/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/r/1EJQJU4LxP/</a> |
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2026-06-15 22:53:17 |
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| 233248 |
40449732 |
? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? |
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<a href="https://youtube.com/shorts/ThjzvJcU8z8?si=Du9nEmruqgyXUIuC" target="_blank">https://youtube.com/shorts/ThjzvJcU8z8?si=Du9nEmruqgyXUIuC</a> |
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2026-06-15 22:49:54 |
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| 233249 |
40449732 |
? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? |
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<a href="https://youtube.com/shorts/ThjzvJcU8z8?si=Du9nEmruqgyXUIuC" target="_blank">https://youtube.com/shorts/ThjzvJcU8z8?si=Du9nEmruqgyXUIuC</a> |
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2026-06-15 22:49:54 |
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| 233246 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*"सफेद पट्टी से सबक: दान सुपात्र को, धर्म प्रोजेक्ट सोचकर"*
*✍? हार्दिक हुंडिया - कल्याण मित्र*
*जैन समाज दानवीरता के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।*
करोड़ों-अरबों रुपया हम मंदिर, उपाश्रय, धर्मशाला, भोजनशाला के निर्माण में लगाते हैं।
*परन्तु आज एक यक्ष प्रश्न सामने खड़ा है - जब मुंबई की घाटकोपर सोसायटी में और दादर आराधना भवन के बाहर संतों के लिए बनी "सफेद पट्टी" तक नहीं बचा पाये, तो कल बड़े संस्थानों का क्या होगा?*
*पंच महाव्रतधारी महात्मा, जो भीषण गर्मी में नंगे पाँव विहार करते हैं, उनकी सुविधा के लिए भक्तों ने सफेद पट्टी बनाई थी।*
पर आक्रमकता दिखाकर उस पर काली पट्टी लगा दी गई। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है।
*दान की दिशा पर पुनर्विचार आवश्यक*
समाज द्वारा रोड पर चलाए जा रहे खिचड़ी घर सराहनीय हैं। परन्तु क्या हम यह जांच रहे हैं कि हमारी खिचड़ी सुपात्र के पेट में जा रही है या कुपात्र के❓
*नशा करने वाले, काम न करने वाले को खिला कर क्या हम पुण्य कमा रहे हैं या अनजाने में पाप? समय आ गया है कि दान देने से पहले हम "सुपात्रता" का मूल्यांकन करें।*
*प्राथमिकता तय करने का समय*
जहाँ जैन बस्ती नहीं है, वहाँ 108 देहरी का भव्य मंदिर बना देने से पहले हमें सोचना होगा - इसका संचालन, सुरक्षा, देखभाल कौन करेगा❓ करोड़ों का निर्माण करके छोड़ देना उचित नहीं। पहले से मौजूद संस्थाओं को सुदृढ़ करना, साधर्मिक भाइयों को आर्थिक-सामाजिक रूप से मजबूत करना आज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
चातुर्मास और धर्म प्रोजेक्ट पर दिखावा कम हो, "जैन शासन के प्रति खुमारी" ज्यादा हो।
*प्रभु महावीर का क्षत्रिय धर्म तभी मजबूत होगा जब शासनभक्त समाज के सामने आएंगे।*
*समाज को जागना होगा*
जो लोग जैन धर्म को "जैन जिहाद" कहकर बदनाम करते हैं, उन पर कानूनी कार्यवाही करने वाले प्रवीण भाई छेड़ा जैसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है।
*परन्तु उससे पहले हमें खुद जागना होगा। साधु वेश में धर्म के नाम धंधा करने वालों को चिन्हित कर समाज से बाहर करना होगा।*
राजनेताओं से अपेक्षा रखने से पहले जैन नेता जैन समाज के साथ खड़े हों, यह जरूरी है।
सफेद रंग शांति, शुद्धता और अहिंसा का प्रतीक है।
*उसी रंग से तकलीफ रखने वाले सोचें कि भाई-भाई में विरोध करके कौन सी बहादुरी कर ली❓*
*निष्कर्ष*
*अनिल जैन लोढ़ा*
हार्दिक हुंडिया जी की विनती पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब समय है खर्चे कम करने का, दिखावे को त्यागने का और साधर्मिक एकता को मजबूत करने का। तभी हम मंदिर और संस्कार दोनों बचा पाएंगे।
*नाकोड़ा की पुकार* इस विचार से सहमत है कि "दान सुपात्र को" और "धर्म पहले, दिखावा बाद में"।
*जय जिनेन्द्र, जय नाकोड़ा* |
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2026-06-15 22:48:48 |
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| 233247 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*"सफेद पट्टी से सबक: दान सुपात्र को, धर्म प्रोजेक्ट सोचकर"*
*✍? हार्दिक हुंडिया - कल्याण मित्र*
*जैन समाज दानवीरता के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।*
करोड़ों-अरबों रुपया हम मंदिर, उपाश्रय, धर्मशाला, भोजनशाला के निर्माण में लगाते हैं।
*परन्तु आज एक यक्ष प्रश्न सामने खड़ा है - जब मुंबई की घाटकोपर सोसायटी में और दादर आराधना भवन के बाहर संतों के लिए बनी "सफेद पट्टी" तक नहीं बचा पाये, तो कल बड़े संस्थानों का क्या होगा?*
*पंच महाव्रतधारी महात्मा, जो भीषण गर्मी में नंगे पाँव विहार करते हैं, उनकी सुविधा के लिए भक्तों ने सफेद पट्टी बनाई थी।*
पर आक्रमकता दिखाकर उस पर काली पट्टी लगा दी गई। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है।
*दान की दिशा पर पुनर्विचार आवश्यक*
समाज द्वारा रोड पर चलाए जा रहे खिचड़ी घर सराहनीय हैं। परन्तु क्या हम यह जांच रहे हैं कि हमारी खिचड़ी सुपात्र के पेट में जा रही है या कुपात्र के❓
*नशा करने वाले, काम न करने वाले को खिला कर क्या हम पुण्य कमा रहे हैं या अनजाने में पाप? समय आ गया है कि दान देने से पहले हम "सुपात्रता" का मूल्यांकन करें।*
*प्राथमिकता तय करने का समय*
जहाँ जैन बस्ती नहीं है, वहाँ 108 देहरी का भव्य मंदिर बना देने से पहले हमें सोचना होगा - इसका संचालन, सुरक्षा, देखभाल कौन करेगा❓ करोड़ों का निर्माण करके छोड़ देना उचित नहीं। पहले से मौजूद संस्थाओं को सुदृढ़ करना, साधर्मिक भाइयों को आर्थिक-सामाजिक रूप से मजबूत करना आज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
चातुर्मास और धर्म प्रोजेक्ट पर दिखावा कम हो, "जैन शासन के प्रति खुमारी" ज्यादा हो।
*प्रभु महावीर का क्षत्रिय धर्म तभी मजबूत होगा जब शासनभक्त समाज के सामने आएंगे।*
*समाज को जागना होगा*
जो लोग जैन धर्म को "जैन जिहाद" कहकर बदनाम करते हैं, उन पर कानूनी कार्यवाही करने वाले प्रवीण भाई छेड़ा जैसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है।
*परन्तु उससे पहले हमें खुद जागना होगा। साधु वेश में धर्म के नाम धंधा करने वालों को चिन्हित कर समाज से बाहर करना होगा।*
राजनेताओं से अपेक्षा रखने से पहले जैन नेता जैन समाज के साथ खड़े हों, यह जरूरी है।
सफेद रंग शांति, शुद्धता और अहिंसा का प्रतीक है।
*उसी रंग से तकलीफ रखने वाले सोचें कि भाई-भाई में विरोध करके कौन सी बहादुरी कर ली❓*
*निष्कर्ष*
*अनिल जैन लोढ़ा*
हार्दिक हुंडिया जी की विनती पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब समय है खर्चे कम करने का, दिखावे को त्यागने का और साधर्मिक एकता को मजबूत करने का। तभी हम मंदिर और संस्कार दोनों बचा पाएंगे।
*नाकोड़ा की पुकार* इस विचार से सहमत है कि "दान सुपात्र को" और "धर्म पहले, दिखावा बाद में"।
*जय जिनेन्द्र, जय नाकोड़ा* |
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2026-06-15 22:48:48 |
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