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जिनोदय?JINODAYA |
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?✍️ आदरणीय..
आप भोपाल का जिक्र कर रहे है और भोपाल के वर्तमान अध्यक्ष का पक्ष लेकर कह रहे है कि एक पक्ष का सीधा एजेंडा है कि भोपाल को सिर्फ एक साधु का बना दो और जो अध्यक्ष न हो , उसके ख़िलाफ़
षडयंत्र करके पद से गिरा दो...????
और भोपाल में एजेंट दलाल किसी भी नीचता की सीमा को भी पार करने तैयार है.???
आपकी विचारों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आप कि आप भोपाल के अध्यक्ष के पद की जो कुर्सी है... उसकी आपको चिंता अधिक है.. और इसलिए आप उनकी कार्यशैली के हिसाब से ही विचार रख रहे है...?????
खैर, हमें कोई फर्क नही पड़ता है कि आप
उनके पद, उनकी कुर्सी की चिंता करे या नहीं...
हां, उनकी पिछले 5 माह की कार्यशैली से भोपाल जैन समाज में कटुता के साथ साथ विभाजन जरूर अधिक होता जा रहा है...
उनको जितना करीब से हम जानते है , उतना आप नहीं पहचान सकते हैं..??????
कारण.. हम उनके बचपन से पचपन वाले भी हैं और साथ में पंचायत कमेटी में एक साथ एक अध्यक्ष के अधीनस्थ होकर सामाजिक सेवा भी की है..!!
उनकी कार्यशैली की तुलना गिरगिट के समान रंग बदलने वाली मानी जाती हैं.. और कभी कभी तो उनकी भ्रामक और झूठी बाते सुनकर कह देते है.. भाई , चने की पत्ती पर भी लौट लगाने में माहिर हो क्या..?????
और यदि उनके पूरे सामाजिक काले काले गुलाब जामुन स्वरूप कारनामों का बखान किया जाए तो झूठ, भ्रम
और पद (अध्यक्ष) की जिद्द के ऐसे ऐसे कांड हैं कि बस ... सुनकर आनंद
ही आनंद की अनुभूति मिलेगी..( पूर्व के संविधान विरुद्ध कार्य शैली के अदालती प्रूफ भी है) और वर्तमान में भी पिछले 5 माह से अध्यक्ष बनने के बाद भी असंवैधानिक कार्य करने में कोई चूक नहीं कर रहे हैं, वो चाहे अपनी ट्रस्ट कमेटी का गठन हो या अन्य पंचायत की संपत्ति संबंधी मामले...
देव शास्त्र गुरु की कही बातों को नहीं मानने के तो अनेक उदाहरण है...
महाराज श्री के कहे वीडियो भी है, और फिर उसी बात को न सुनकर अपनी जिद्द अनुसार कार्य करने के प्रमाण भी है...?????
और अभी वर्तमान विवाद में तो आज तक मुंह में दही जमाए बैठे है... या फेविकाल की पूरी ओठों पर लगा चुके है... कारण स्पष्ट है.. एक प्रतिष्ठाचार्य के आगे नतमस्तक रहते हैं....
और वो सभी अभी फंसे है( चाहे अशोकनगर FIR
का मुद्दा हो या भोपाल मूर्तियों का कांड हो)...
आगे कौन कौन इन कांडों में फंसेगा...?? भोपाल तक भी आँच की संभावना बलवती है ..??
इसलिए चुप्पी साधे है और फेविकाल , दही की कीमतें बढ़ा रहे हैं..??
? जय जिनेन्द्र ? |
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2026-06-12 18:38:27 |
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