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81829 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? ॐ ह्रीं श्रीं श्री चंद्रप्रभु जिनेन्द्राय नमः 2026-04-13 08:15:01
81830 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? ॐ ह्रीं श्रीं श्री चंद्रप्रभु जिनेन्द्राय नमः 2026-04-13 08:15:01
81827 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-13 08:12:37
81828 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-13 08:12:37
81825 40449749 जिनोदय?JINODAYA *सोमवार — अतुलनीय दिव्यता से आलोकित पावन क्षण* आज जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल की पावन भूमि पर वह अद्भुत और आत्मा को स्पर्श करने वाला दिव्य अवसर उपस्थित हुआ, जब भूगर्भ से अवतरित चैतन्य चिंतामणि श्री पार्श्वनाथ भगवान का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। वातावरण में गूंजते मंगलाचरण, भक्तों की नमित वंदना और जिनेन्द्र देव के जयघोष से सम्पूर्ण तीर्थ क्षेत्र मानो देव लोक का आभास करा रहा था। यह भूमि कोई साधारण स्थल नहीं, बल्कि अनादिकालीन तप, साधना और दैविक कृपा से अभिसिंचित वह पुण्यस्थली है, जहाँ समय-समय पर अद्भुत चमत्कारिक घटनाओं के माध्यम से स्वयं भूगर्भ से जिनेन्द्र देव एवं शासन रक्षक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं प्रकट होती रही हैं। यह प्रकट होना केवल संयोग नहीं, बल्कि यह संकेत है कि यह धाम आज भी दिव्य शक्तियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति से जीवंत है। इस तीर्थ की महिमा और भी अलौकिक हो जाती है जब हम यहाँ अवतरित प्रतिमाओं के दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं। आदिब्रह्मा श्री आदिनाथ भगवान की तीन दिव्य प्रतिमाएं इस भूमि की प्राचीनता और आध्यात्मिक गहराई का प्रमाण हैं। शनि ग्रह के समस्त अरिष्टों का निवारण करने वाले श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की पावन प्रतिमा यहाँ साधकों को अद्भुत शांति और संरक्षण प्रदान करती है। विशेष रूप से, चिंतामणि स्वरूप श्री पार्श्वनाथ भगवान की छह दिव्य प्रतिमाओं का इस भूमि पर अवतरण यह दर्शाता है कि यह धाम स्वयं में एक जीवंत तीर्थ है, जहाँ प्रभु की अनुकम्पा अनवरत प्रवाहित हो रही है। भक्त जब यहाँ श्रद्धा से शीश नवाते हैं, तो उनकी मनोकामनाएँ स्वतः ही शांत होकर पूर्णता की ओर अग्रसर होती हैं। इस दिव्य क्षेत्र में शासन की अधिष्ठात्री देवी माँ पद्मावती और माँ चक्रेश्वरी का सान्निध्य इस स्थान को और भी चमत्कारिक बना देता है। उनकी कृपा से यह तीर्थ केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संकटों के निवारण और आत्मिक उन्नति का केन्द्र बन गया है। साथ ही, शासन रक्षक देव बाबा क्षेत्रपाल जी की उपस्थिति इस पावन धाम की रक्षा और मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखती है। आज का यह अभिषेक और शांतिधारा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का एक दिव्य उत्सव था, जिसमें हर श्रद्धालु ने अपने भीतर शांति, श्रद्धा और भक्ति का संचार अनुभव किया। निस्संदेह, जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल वह पावन भूमि है जहाँ आस्था केवल देखी नहीं जाती, बल्कि अनुभव की जाती है; जहाँ चमत्कार केवल सुने नहीं जाते, बल्कि साक्षात घटित होते हैं; और जहाँ जिनेन्द्र देव की कृपा प्रत्येक श्रद्धालु के जीवन को आलोकित कर देती है। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-13 08:12:34
81826 40449749 जिनोदय?JINODAYA *सोमवार — अतुलनीय दिव्यता से आलोकित पावन क्षण* आज जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल की पावन भूमि पर वह अद्भुत और आत्मा को स्पर्श करने वाला दिव्य अवसर उपस्थित हुआ, जब भूगर्भ से अवतरित चैतन्य चिंतामणि श्री पार्श्वनाथ भगवान का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। वातावरण में गूंजते मंगलाचरण, भक्तों की नमित वंदना और जिनेन्द्र देव के जयघोष से सम्पूर्ण तीर्थ क्षेत्र मानो देव लोक का आभास करा रहा था। यह भूमि कोई साधारण स्थल नहीं, बल्कि अनादिकालीन तप, साधना और दैविक कृपा से अभिसिंचित वह पुण्यस्थली है, जहाँ समय-समय पर अद्भुत चमत्कारिक घटनाओं के माध्यम से स्वयं भूगर्भ से जिनेन्द्र देव एवं शासन रक्षक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं प्रकट होती रही हैं। यह प्रकट होना केवल संयोग नहीं, बल्कि यह संकेत है कि यह धाम आज भी दिव्य शक्तियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति से जीवंत है। इस तीर्थ की महिमा और भी अलौकिक हो जाती है जब हम यहाँ अवतरित प्रतिमाओं के दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं। आदिब्रह्मा श्री आदिनाथ भगवान की तीन दिव्य प्रतिमाएं इस भूमि की प्राचीनता और आध्यात्मिक गहराई का प्रमाण हैं। शनि ग्रह के समस्त अरिष्टों का निवारण करने वाले श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की पावन प्रतिमा यहाँ साधकों को अद्भुत शांति और संरक्षण प्रदान करती है। विशेष रूप से, चिंतामणि स्वरूप श्री पार्श्वनाथ भगवान की छह दिव्य प्रतिमाओं का इस भूमि पर अवतरण यह दर्शाता है कि यह धाम स्वयं में एक जीवंत तीर्थ है, जहाँ प्रभु की अनुकम्पा अनवरत प्रवाहित हो रही है। भक्त जब यहाँ श्रद्धा से शीश नवाते हैं, तो उनकी मनोकामनाएँ स्वतः ही शांत होकर पूर्णता की ओर अग्रसर होती हैं। इस दिव्य क्षेत्र में शासन की अधिष्ठात्री देवी माँ पद्मावती और माँ चक्रेश्वरी का सान्निध्य इस स्थान को और भी चमत्कारिक बना देता है। उनकी कृपा से यह तीर्थ केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संकटों के निवारण और आत्मिक उन्नति का केन्द्र बन गया है। साथ ही, शासन रक्षक देव बाबा क्षेत्रपाल जी की उपस्थिति इस पावन धाम की रक्षा और मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखती है। आज का यह अभिषेक और शांतिधारा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का एक दिव्य उत्सव था, जिसमें हर श्रद्धालु ने अपने भीतर शांति, श्रद्धा और भक्ति का संचार अनुभव किया। निस्संदेह, जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल वह पावन भूमि है जहाँ आस्था केवल देखी नहीं जाती, बल्कि अनुभव की जाती है; जहाँ चमत्कार केवल सुने नहीं जाते, बल्कि साक्षात घटित होते हैं; और जहाँ जिनेन्द्र देव की कृपा प्रत्येक श्रद्धालु के जीवन को आलोकित कर देती है। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-13 08:12:34
81824 47534159 Maharstra (kartick) ?? 2026-04-13 08:12:32
81821 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-13 08:12:31
81822 47534159 Maharstra (kartick) ?? 2026-04-13 08:12:31
81823 40449749 जिनोदय?JINODAYA 2026-04-13 08:12:31