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Message
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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?✨ *प्रथम दिवस की झलकियाँ* ✨?
?? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव*
? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में*
? *ध्वजारोहण के मंगलमयी क्षण*
भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से भरे
प्रथम दिवस के दिव्य दृश्य…
? अब जुड़िए *द्वितीय दिवस* के पावन प्रसंग से
✨ *गर्भ कल्याणक (पूर्वार्ध)* ✨
? *आज का LIVE प्रसारण देखें:*
<a href="https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU" target="_blank">https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU</a>
? *कृत, कारित, अनुमोदना से सातिशय पुण्य का अर्जन करें* ? |
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2026-04-12 10:19:49 |
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| 79478 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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?✨ *प्रथम दिवस की झलकियाँ* ✨?
?? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव*
? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में*
? *ध्वजारोहण के मंगलमयी क्षण*
भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से भरे
प्रथम दिवस के दिव्य दृश्य…
? अब जुड़िए *द्वितीय दिवस* के पावन प्रसंग से
✨ *गर्भ कल्याणक (पूर्वार्ध)* ✨
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? *कृत, कारित, अनुमोदना से सातिशय पुण्य का अर्जन करें* ? |
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2026-04-12 10:19:25 |
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| 79477 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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?✨ *प्रथम दिवस की झलकियाँ* ✨?
?? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव*
? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में*
? *ध्वजारोहण के मंगलमयी क्षण*
भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से भरे
प्रथम दिवस के दिव्य दृश्य…
? अब जुड़िए *द्वितीय दिवस* के पावन प्रसंग से
✨ *गर्भ कल्याणक (पूर्वार्ध)* ✨
? *आज का LIVE प्रसारण देखें:*
<a href="https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU" target="_blank">https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU</a>
? *कृत, कारित, अनुमोदना से सातिशय पुण्य का अर्जन करें* ? |
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2026-04-12 10:19:24 |
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| 79476 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 10:19:16 |
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| 79474 |
48925761 |
आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 |
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?✨ *प्रथम दिवस की झलकियाँ* ✨?
?? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव*
? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में*
? *ध्वजारोहण के मंगलमयी क्षण*
भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से भरे
प्रथम दिवस के दिव्य दृश्य…
? अब जुड़िए *द्वितीय दिवस* के पावन प्रसंग से
✨ *गर्भ कल्याणक (पूर्वार्ध)* ✨
? *आज का LIVE प्रसारण देखें:*
<a href="https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU" target="_blank">https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU</a>
? *कृत, कारित, अनुमोदना से सातिशय पुण्य का अर्जन करें* ? |
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2026-04-12 10:19:15 |
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| 79475 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 10:19:15 |
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| 79472 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*प्रथमाचार्य शांतिसागरजी*
***************************
*( भाग - 320*)
""""""""""""""""""""""""""
( *उत्तरार्ध* )
प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागरजी महामुनिराज हे एक अलौकिक असे व्यक्तिमत्व होते. त्यांच्याविषयी काही विशेष माहिती आपण घेतो आहोत..
*45*) प्रथमाचार्य आ. श्री.108 शांतिसागरजी महामुनिराज यांचा ससंघ चातुर्मास ( सन 1945 मध्ये ) फलटण ( पुणे ) येथे संपन्न झाला. त्या दरम्यान एके दिवशी अचानक एका श्रावकाने आचार्यश्रींना विचारले,
*" महाराज आपणास अवधिज्ञान किंवा काही विशेष निमित्त ज्ञान आहे काय ?"*
त्यावेळी आचार्यश्री म्हणाले,
*"...याला कसल्याही खास ज्ञानाची जरुरी नाही. मात्र अशा आणि याशिवाय पुष्कळशा इतर ठिकाणी आम्हाला " अंतः प्रेरणा " होत असे. त्या आधाराने वागलो म्हणजे संकटे सहसा येत नसत. नेहमी मी आतला आवाज ऐकतो. पण जर का लोकाग्रहाला बळी पडलो तर संकटे टळू शकत नाहीत. निर्मल अंतःकरण आणि प्राणीमात्रांबद्दल खरी हितचिंता असणाऱ्या प्रत्येकाजवळ ही अंतःप्रेरणा असू शकते आणि ती संकटकाळी संरक्षणही देऊ शकते असा आमचा अनुभव आहे."*
*" याउपर आमच्यावर जी संकटे आली ती आमच्या कर्माचे फल म्हणून आली. निमित्त मात्र ते झालेत. तरी ते आमचे खरे अपराधी नाहीतच. तेव्हा त्यांच्या दुःखाला पुन्हा आमचे आम्हीच आमचे अपराधी आहोत. निमित्त होणे हे आम्हास मंजूर नाही. आमच्यामुळे कोणाला शासन होणे, कैद होणे, त्रास होणे आम्हास इष्ट वाटले नाही. म्हणून आम्ही कधी कोणालाही तसे होऊ दिले नाही. आपल्या सुख - दुःखाचे मूळ कारण बाह्य वस्तूत असू शकत नाही, ते आतमधेच असते."*
..असे होते आगमोक्त सहज, सुंदर, समर्पक विवेचन करणारे प्रथमाचार्य शांतिसागरजी महामुनिराज !
*..आणि म्हणूनच तर प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागरजी महामुनिराज अलौकिक, असामान्य, असाधारण भव्यत्त्व होते !*
(*प्रथमाचार्य श्री 108 शांतिसागरजी महामुनिराज आचार्य पदारोहण शताब्दी निमित्त..*)
*क्रमशः साप्ताहिक लेखमाला..*
*रविवार, दि. 12/04/2026*
*--डॉ.अजित ज.पाटील, सांगली*
???
(ए.9631/आ.3242) |
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2026-04-12 10:19:14 |
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| 79473 |
48925761 |
आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 |
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?✨ *प्रथम दिवस की झलकियाँ* ✨?
?? *श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव*
? *आदीश्वरधाम, बाजार गांव पंचकल्याणक, नागपुर*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से*
? *प्रातः स्मरणीय परम पूज्य वर्तमान आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में*
? *ध्वजारोहण के मंगलमयी क्षण*
भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से भरे
प्रथम दिवस के दिव्य दृश्य…
? अब जुड़िए *द्वितीय दिवस* के पावन प्रसंग से
✨ *गर्भ कल्याणक (पूर्वार्ध)* ✨
? *आज का LIVE प्रसारण देखें:*
<a href="https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU" target="_blank">https://www.youtube.com/live/6deCvMrCd5A?si=tPNyPzTfgkam_xDU</a>
? *कृत, कारित, अनुमोदना से सातिशय पुण्य का अर्जन करें* ? |
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2026-04-12 10:19:14 |
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| 79471 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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*प्रथमाचार्य शांतिसागरजी*
***************************
*( भाग - 320*)
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( *उत्तरार्ध* )
प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागरजी महामुनिराज हे एक अलौकिक असे व्यक्तिमत्व होते. त्यांच्याविषयी काही विशेष माहिती आपण घेतो आहोत..
*45*) प्रथमाचार्य आ. श्री.108 शांतिसागरजी महामुनिराज यांचा ससंघ चातुर्मास ( सन 1945 मध्ये ) फलटण ( पुणे ) येथे संपन्न झाला. त्या दरम्यान एके दिवशी अचानक एका श्रावकाने आचार्यश्रींना विचारले,
*" महाराज आपणास अवधिज्ञान किंवा काही विशेष निमित्त ज्ञान आहे काय ?"*
त्यावेळी आचार्यश्री म्हणाले,
*"...याला कसल्याही खास ज्ञानाची जरुरी नाही. मात्र अशा आणि याशिवाय पुष्कळशा इतर ठिकाणी आम्हाला " अंतः प्रेरणा " होत असे. त्या आधाराने वागलो म्हणजे संकटे सहसा येत नसत. नेहमी मी आतला आवाज ऐकतो. पण जर का लोकाग्रहाला बळी पडलो तर संकटे टळू शकत नाहीत. निर्मल अंतःकरण आणि प्राणीमात्रांबद्दल खरी हितचिंता असणाऱ्या प्रत्येकाजवळ ही अंतःप्रेरणा असू शकते आणि ती संकटकाळी संरक्षणही देऊ शकते असा आमचा अनुभव आहे."*
*" याउपर आमच्यावर जी संकटे आली ती आमच्या कर्माचे फल म्हणून आली. निमित्त मात्र ते झालेत. तरी ते आमचे खरे अपराधी नाहीतच. तेव्हा त्यांच्या दुःखाला पुन्हा आमचे आम्हीच आमचे अपराधी आहोत. निमित्त होणे हे आम्हास मंजूर नाही. आमच्यामुळे कोणाला शासन होणे, कैद होणे, त्रास होणे आम्हास इष्ट वाटले नाही. म्हणून आम्ही कधी कोणालाही तसे होऊ दिले नाही. आपल्या सुख - दुःखाचे मूळ कारण बाह्य वस्तूत असू शकत नाही, ते आतमधेच असते."*
..असे होते आगमोक्त सहज, सुंदर, समर्पक विवेचन करणारे प्रथमाचार्य शांतिसागरजी महामुनिराज !
*..आणि म्हणूनच तर प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागरजी महामुनिराज अलौकिक, असामान्य, असाधारण भव्यत्त्व होते !*
(*प्रथमाचार्य श्री 108 शांतिसागरजी महामुनिराज आचार्य पदारोहण शताब्दी निमित्त..*)
*क्रमशः साप्ताहिक लेखमाला..*
*रविवार, दि. 12/04/2026*
*--डॉ.अजित ज.पाटील, सांगली*
???
(ए.9631/आ.3242) |
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2026-04-12 10:19:13 |
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| 79470 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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1 *सोचे बिना किया कार्य सदा पछतावा देता है।*
2 *धर्म वस्तु के स्वभाव की श्रद्धा का नाम है।*
3 *होनहार हो अच्छी तो जिनवाणी मिलती है सच्ची।*
4 *दान न्याय की कमाई बिना असंभव है।*
5 *साथी वो ही सही जो सिद्धालय तक साथ दे।*
6 *जितना समय निर्विकल्पता में गया उतने समय हम जिए।*
7 *सबको जीतने से नहीं,अपनी कषाय जीतने से भगवान बनते हैं।*
8 *सही ज्ञान बिना निःशंकता असंभव है।*
9 *अहंकारी व्यक्ति मित्रता लायक नहीं होता है।*
10 *स्वयं में स्वयं से खुश रहने का नाम है आराधना।*
(श्रेणिक जैन जबलपुर 12-4-26) |
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2026-04-12 10:19:11 |
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