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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 230916 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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,,,??*किसी के कहने से न तो किसी का बुरा होता है और नहीं भला....*
*यदि ऐसा होने लगे तो यह संसार पूरी तरह स्वर्ग बन जाए अथवा नरक.....*
जय जिनेंद्र |
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2026-06-15 05:24:23 |
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| 230914 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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?? *प्रेरक वचन* ?
जीवन में कभी भी आगे होने का घमंड और आखरी होने का गम न करें। पता नहीं जिंदगी कब बोल दे, "पीछे मुड़"।
? *जय जिनेन्द्र*? |
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2026-06-15 05:24:21 |
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| 230913 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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?? *प्रेरक वचन* ?
जीवन में कभी भी आगे होने का घमंड और आखरी होने का गम न करें। पता नहीं जिंदगी कब बोल दे, "पीछे मुड़"।
? *जय जिनेन्द्र*? |
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2026-06-15 05:24:20 |
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| 230912 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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जय जिनेन्द्र सभी साधर्मी स्नेहीजनों से विनम्र निवेदन है की आप अपने *जन्म दिन, वैवाहिक वर्ष गांठ, गृह प्रवेश, पुण्य स्मृति एवम मांगलिक एवम विशिष्ट* अवसरों पर अति प्राचीनतम अतिशय कारी मधुवन के तेरह पंथी कोठी के जिनालय में विराजामन *मूल नायक श्री 1008 पुष्पदंत नाथ भगवान* की प्रतिमा पर जिनवाणी चैनल के माध्यम से ऑनलाइन शान्ति धारा करवा कर वृहद धर्म प्रभावना करते हुए अक्षय पुण्य कमाए ? ? |
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2026-06-15 05:22:27 |
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| 230911 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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जय जिनेन्द्र सभी साधर्मी स्नेहीजनों से विनम्र निवेदन है की आप अपने *जन्म दिन, वैवाहिक वर्ष गांठ, गृह प्रवेश, पुण्य स्मृति एवम मांगलिक एवम विशिष्ट* अवसरों पर अति प्राचीनतम अतिशय कारी मधुवन के तेरह पंथी कोठी के जिनालय में विराजामन *मूल नायक श्री 1008 पुष्पदंत नाथ भगवान* की प्रतिमा पर जिनवाणी चैनल के माध्यम से ऑनलाइन शान्ति धारा करवा कर वृहद धर्म प्रभावना करते हुए अक्षय पुण्य कमाए ? ? |
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2026-06-15 05:22:27 |
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| 230910 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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??Vandami Mataji ??? |
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2026-06-15 05:21:58 |
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| 230909 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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??Vandami Mataji ??? |
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2026-06-15 05:21:57 |
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| 230907 |
40449669 |
दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 |
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2026-06-15 05:20:16 |
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| 230908 |
40449669 |
दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 |
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2026-06-15 05:20:16 |
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| 230905 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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जय जिनेन्द्र
सुप्रभात |
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2026-06-15 05:15:15 |
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