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226869 40449663 ? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? 2026-06-13 10:45:57
226867 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर मेरे सभी नियम है जी ???? आप भी अपनी-अपनी सुविधानुसार 1,2,34,5,6,7,8,9,10,11, या सारे नियम ले सकते है जी ?????? 2026-06-13 10:45:37
226868 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर [12/06, 10:21] dipikadilkushjain❤️??: ?????????? ? *जिनवाणी--स्तुति*? ************************************* *भाव मे कषाय के* *विभाव को जो नाश करे* *सांचे अर्थो मे तो* *वो ही जिन वाणी है* *चेतना से चेतन को* *ज्ञान भानु भान हुआ* *ज्ञान हुआ चेतना का* *वो ही जिन वाणी है* *द्रव्य भाव कर्म नाश* *भव्यता का हो विकास* *देने बाली हो प्रकाश* *वो ही जिन वाणी है* *नित्य "नेमी" सिर नवाय* *स्वाध्याय मे चित्त रमाय* *भवसागर तर जाये* *ऐ ही उर आनी है* ? *दोहा--*? ************************************* *जिनवाणी को नित नमो* *मन विकार धुल जाऐ* *ज्ञान ज्ञेय ज्ञाता बनूँ* *निज वैभव को पाय* ?? *पं नेमीचंद सिद्धांत चक्रवर्ती*?? ?????????? *?जिनवाणी माता की जय?* ???????????????????? [12/06, 10:22] dipikadilkushjain❤️??: (दोहा) वीतराग वन्दौं सदा, भाव सहित सिर नाय | कहूं काण्ड निर्वाण की, भाषा सुगम बनाये || (चौपाई) अष्टापद आदीश्वर स्वामि, वासुपूज्य चम्पापुरि नामि | नेमिनाथ स्वामी गिरनार, वन्दौं भाव भगति उर धार ||1|| चरम तीर्थकर चरम शरीर, पावापुरि स्वामि महावीर | शिखर समेद जिनेसुर बीस, भावसहित वन्दौं निश दीस ||2|| वरदत्तराय रु इन्द मुनिंद, सायरदत्त आदि गुणवृन्द | नगर तारवर मुनि उठकोडी, वन्दौं भाव सहित कर जोडी ||3|| श्रीगिरनार शिखर विख्यात, कोडी बहत्तर अरु सौ सात | सम्बु प्रद्युम्न कुमर द्वै भाय, अनिरुध आदि नमूं तसु पाय ||4|| रामचन्द्र के सुत द्वै वीर, लाडनरिंद आदि गुणधीर | पांच कोडी मुनि मुक्ति मंझार, पावागिरि वन्दौं निरधार ||5|| पांडव तीन द्रविड़ राजान, आठ कोडी मुनि मुक्ति पयान | श्रीशत्रुंजय के सीस, भावसहित वन्दौं निश दीस ||6|| जे बलभद्र मुक्ति में गये, आठ कोडी मुनि औरहू भये | श्रीगजपन्थ शिखर सुविशाल, तिनके चरण नमूं तिहूँ काल ||7|| राम हणु सुग्रीव सुडील, गव गवाख्य नील महानील | कोडी निन्याणव मुक्ति पयान, तुंगीगिरि वन्दौं धरि ध्यान ||8|| नंग अनंग कुमार सुजान, पांच कोडी अरु अर्ध प्रमान | मुक्ति गये सोनागिरि शीस, ते वन्दौं त्रिभुवन पति ईस ||9|| रावण के सुत आदिकुमार, मुक्ति गये रेवा तट सार | कोटि पंच और लाख पचास, ते वन्दौंधरि परम हुलास ||10|| रेवानदी सिद्धवर कूट, पश्चिम दिशा देह जहँ छूट | द्वे चक्री दश कामकुमार, उठकोडी वन्दौं भव पार ||11|| बडवानी बडनयर सुचंग, दक्षिण दिशि गिरि चूल उतंग | इन्द्रजीत अरु कुम्भ जो कर्ण, ते वन्दौं भव सागर तरण ||12|| सुवरणभद्र आदि मुनि चार, पावागिरि वर शिखर मंझार | चेलना नदी तीर के पास, मुक्ति गये नित वन्दौं नित तास ||13|| फलहोडी बडगाम अनूप, पश्चिम दिशा द्रोणगिरि रूप | गुरुदत्तादी मुनिसुर जहाँ, मुक्ति गये वन्दौं नित तहां ||14|| बाल महाबाल मुनि दोय, नागकुमार मिले त्रय होय | श्रीअष्टापद मुक्ति मंझार, ते वन्दौं नित सुरत सँभार ||15|| अचलापुर की दिश ईसान, तहां मेढगिरि नाम प्रधान | साढ़े तीन कोडी मुनिराय, तिनके चरण नमूं चित लाय ||16|| वंसस्थल वन के ढिग होय, पश्चिम दिशा कुंथुगिरी सोय | कुलभूषण दिशिभूषण नाम, तिनके चरणनि करूं प्रणाम ||17|| जसरथ राजा के सुत कहे, देश कलिंग पांच सौ लहे | कोटिशिला मुनि कोडी प्रमान, वन्दन करूं जोरि जग पान ||18|| समवशरण श्री पार्श्व जिनन्द, रेसिन्दीगिरि नयनानंद | वरदत्तादि पंच ऋषिराय, ते वन्दौं नित धरम जिहाज ||19|| मथुरा पुर पवित्र उद्यान, जंबूस्वामी जी निर्वाण । चरम केवली पंचम काल। ते बंदो नित दीन दयाल।।20।। तीन लोक ते तीरथ जहाँ, नित प्रति वन्दन कीजै तहां | मन-वच-काय सहित सिर नाय, वन्दन करहिं भविक गुण गाय ||20|| संवत सतरह सौ इकताल, आश्विन सुदि दशमी सुविशाल | भक्त वन्दन करहिं त्रिकाल, जय निर्वाणकांड गुणमाल ||21 2026-06-13 10:45:37
226865 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर मेरे सभी नियम है जी ???? आप भी अपनी-अपनी सुविधानुसार 1,2,34,5,6,7,8,9,10,11, या सारे नियम ले सकते है जी ?????? 2026-06-13 10:45:36
226866 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर [12/06, 10:21] dipikadilkushjain❤️??: ?????????? ? *जिनवाणी--स्तुति*? ************************************* *भाव मे कषाय के* *विभाव को जो नाश करे* *सांचे अर्थो मे तो* *वो ही जिन वाणी है* *चेतना से चेतन को* *ज्ञान भानु भान हुआ* *ज्ञान हुआ चेतना का* *वो ही जिन वाणी है* *द्रव्य भाव कर्म नाश* *भव्यता का हो विकास* *देने बाली हो प्रकाश* *वो ही जिन वाणी है* *नित्य "नेमी" सिर नवाय* *स्वाध्याय मे चित्त रमाय* *भवसागर तर जाये* *ऐ ही उर आनी है* ? *दोहा--*? ************************************* *जिनवाणी को नित नमो* *मन विकार धुल जाऐ* *ज्ञान ज्ञेय ज्ञाता बनूँ* *निज वैभव को पाय* ?? *पं नेमीचंद सिद्धांत चक्रवर्ती*?? ?????????? *?जिनवाणी माता की जय?* ???????????????????? [12/06, 10:22] dipikadilkushjain❤️??: (दोहा) वीतराग वन्दौं सदा, भाव सहित सिर नाय | कहूं काण्ड निर्वाण की, भाषा सुगम बनाये || (चौपाई) अष्टापद आदीश्वर स्वामि, वासुपूज्य चम्पापुरि नामि | नेमिनाथ स्वामी गिरनार, वन्दौं भाव भगति उर धार ||1|| चरम तीर्थकर चरम शरीर, पावापुरि स्वामि महावीर | शिखर समेद जिनेसुर बीस, भावसहित वन्दौं निश दीस ||2|| वरदत्तराय रु इन्द मुनिंद, सायरदत्त आदि गुणवृन्द | नगर तारवर मुनि उठकोडी, वन्दौं भाव सहित कर जोडी ||3|| श्रीगिरनार शिखर विख्यात, कोडी बहत्तर अरु सौ सात | सम्बु प्रद्युम्न कुमर द्वै भाय, अनिरुध आदि नमूं तसु पाय ||4|| रामचन्द्र के सुत द्वै वीर, लाडनरिंद आदि गुणधीर | पांच कोडी मुनि मुक्ति मंझार, पावागिरि वन्दौं निरधार ||5|| पांडव तीन द्रविड़ राजान, आठ कोडी मुनि मुक्ति पयान | श्रीशत्रुंजय के सीस, भावसहित वन्दौं निश दीस ||6|| जे बलभद्र मुक्ति में गये, आठ कोडी मुनि औरहू भये | श्रीगजपन्थ शिखर सुविशाल, तिनके चरण नमूं तिहूँ काल ||7|| राम हणु सुग्रीव सुडील, गव गवाख्य नील महानील | कोडी निन्याणव मुक्ति पयान, तुंगीगिरि वन्दौं धरि ध्यान ||8|| नंग अनंग कुमार सुजान, पांच कोडी अरु अर्ध प्रमान | मुक्ति गये सोनागिरि शीस, ते वन्दौं त्रिभुवन पति ईस ||9|| रावण के सुत आदिकुमार, मुक्ति गये रेवा तट सार | कोटि पंच और लाख पचास, ते वन्दौंधरि परम हुलास ||10|| रेवानदी सिद्धवर कूट, पश्चिम दिशा देह जहँ छूट | द्वे चक्री दश कामकुमार, उठकोडी वन्दौं भव पार ||11|| बडवानी बडनयर सुचंग, दक्षिण दिशि गिरि चूल उतंग | इन्द्रजीत अरु कुम्भ जो कर्ण, ते वन्दौं भव सागर तरण ||12|| सुवरणभद्र आदि मुनि चार, पावागिरि वर शिखर मंझार | चेलना नदी तीर के पास, मुक्ति गये नित वन्दौं नित तास ||13|| फलहोडी बडगाम अनूप, पश्चिम दिशा द्रोणगिरि रूप | गुरुदत्तादी मुनिसुर जहाँ, मुक्ति गये वन्दौं नित तहां ||14|| बाल महाबाल मुनि दोय, नागकुमार मिले त्रय होय | श्रीअष्टापद मुक्ति मंझार, ते वन्दौं नित सुरत सँभार ||15|| अचलापुर की दिश ईसान, तहां मेढगिरि नाम प्रधान | साढ़े तीन कोडी मुनिराय, तिनके चरण नमूं चित लाय ||16|| वंसस्थल वन के ढिग होय, पश्चिम दिशा कुंथुगिरी सोय | कुलभूषण दिशिभूषण नाम, तिनके चरणनि करूं प्रणाम ||17|| जसरथ राजा के सुत कहे, देश कलिंग पांच सौ लहे | कोटिशिला मुनि कोडी प्रमान, वन्दन करूं जोरि जग पान ||18|| समवशरण श्री पार्श्व जिनन्द, रेसिन्दीगिरि नयनानंद | वरदत्तादि पंच ऋषिराय, ते वन्दौं नित धरम जिहाज ||19|| मथुरा पुर पवित्र उद्यान, जंबूस्वामी जी निर्वाण । चरम केवली पंचम काल। ते बंदो नित दीन दयाल।।20।। तीन लोक ते तीरथ जहाँ, नित प्रति वन्दन कीजै तहां | मन-वच-काय सहित सिर नाय, वन्दन करहिं भविक गुण गाय ||20|| संवत सतरह सौ इकताल, आश्विन सुदि दशमी सुविशाल | भक्त वन्दन करहिं त्रिकाल, जय निर्वाणकांड गुणमाल ||21 2026-06-13 10:45:36
226864 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर *हे भगवान संसार के सभी जीव सुखी रहें* *कोई दुखी ना रहें , अनाथ न रहें ,असहाय न, रहें पीड़ित ना रहें ,रोगी ना रहें ,सभी निरोग रहें ।* *सभी आचार्य,उपाध्याय, सर्व साधु,* *आर्यिका, ऐलक , क्षुल्लक, क्षुल्लिका जी* *व्रती ,महाव्रती भट्टारक जी के* *सभी के निरंतराय आहार हों ,सभी* *स्वस्थ रहें ,सभी के द्वारा जिनधर्म की* *दिन दूनी रात चौगुनी धर्म की प्रभावना हो* *मैं यही भावना भाती हूंँ।* *सारे संसार में ,देश में, राष्ट्र में ,समाज में,* *घर में, परिवार में सुख, शांति, समृद्धि हो मुझे भी ,शक्ति दो ,भक्ति दो ,शांति दो,समृद्धि दो, चारित्र दो ,स्वास्थ्य दो, संकल्प दो जिससे आत्म कल्याण के साथ साथ दूसरों का भी कल्याण कर सकूँ* *यही भावना भाती हूँ जी।* ?????? ??????? ??????? अनंतानंत सिद्ध परपेष्ठी के चरणों में मेरा कोटि-कोटि प्रणाम नमन????????????? पंच परमेष्ठी के चरणों मे कोटी कोटी नमन????????????? नवदेवता के चरणों में बारम्बार प्रणाम नमन????????????????????? बारह अंग चौदह पूर्वांग को धारण करने वाली सरस्वती माता को कोटी कोटी नमन मुझें भी ज्ञानप्रदान करें ???????????? ढाई दीप मे समस्त साधु परमेष्ठि को मेरा नमन कोटि-कोटि नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु???????????????? ??????? समस्त आर्यिका श्री को वन्दामि समस्त ऐलक क्षुल्लक क्षुल्लिका को इच्छामि कोटी नमन ???????????????? त्यागी व्रती भैयाजी और दीदी जी को वंदना ?????? सभी के निरंतराय आहार हो सभी का मंगल हो सभी को सादर जय जिनेन्द्र जी ????????????????????? सभी के दिन और रात मंगलमय हों??????????? सुप्रभात हों सभी के ????????????? ?? पंच परमेष्ठी भगवंतों को नमन ????? संसार में जितने भी सम्यक्तवी आत्मा है उनको मेरा नमन है?????? चराचर जीव जगत के अनंतानंत ????? जीवात्माओं से उत्तम क्षमा ?? ??? ??? ??? हे भगवान आज का दिन दिखाने के लिए धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद??????????? सभी से मेरी मैत्री हो सभी मेरे मित्र है ???? ????? *हे भगवान!आपकी असीम कृपा से प्रातः काल की ??????* ❤️❤️❤️❤️❤️❤️???* *पावन बेला में ये भावना भाते है* *संसार में जितने भी रत्नत्रय धारी* *आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु हैं सभी के रत्नत्रय की पूर्णता हो और जो रत्नत्रय धारण करना चाहते हैं उनको रत्नत्रय की प्राप्ती हो जाए तथा शेष जितने जीव हैं*??? *उन सबके योग्यतानुसार क्रम से रत्नत्रय धारण करने के भाव हो जाए यही भगवान से प्रार्थना करती हूँ जी* ?????????? *धन्यवाद* *धन्यवाद* *धन्यवाद* ????????? मे एक एसा जादू है जो समस्त संसार में प्यार आशीर्वाद बनाए रखता है। *धन्यवाद*???? उन लोगों का जो मुझसे नफ़रत करते है " क्यो की उन्होंने मुझे मजबूत बनाया " *धन्यवाद*??? उन लोगों का जो मुझसे प्यार करते है " क्यो की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया " *धन्यवाद* ???? उन लोगों का जो मेरे लिए परेशान हुए " और मुझे बताया दर असल वो मेरा बहुत ख्याल रखते है " *धन्यवाद* ??? उन लोगों का जिन्होंने मुझे अपना बनाकर छोड़ दिया " और मुझे अहसास दिलाया की दुनिया में हर चीज आखरी नही " *धन्यवाद*?? उन लोगों का जो मेरी जिंदगी में शामिल हुए " और मुझे ऐसा बना दिया जैसा सोचा भी ना था " *और सबसे ज्यादा धन्यवाद मेरे ईश्वर का* ??? जिसने मुझे हालात का सामना करने की हिम्मत दी ???? *धन्यवाद* आप सभी का जो मुझे आपके साथ रहने का मोका मिला जी ????? 2026-06-13 10:45:35
226859 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म नमोस्तु भगवन् 2026-06-13 10:45:34
226860 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर *दीपीका दिलखुश जैन?* *?जय जिनेन्द्र जी सभी को*? *?‍♀️जिनागम 1वाणी पाठशालाएं* ?????? *अनंतानंत सिद्ध परमेष्ठि के* *चरणो में कोटि-कोटि नमन* ????? *जैन धर्म बढे चलो* ????? ??????? ? *सभी दिंगबर जैन  साधुओं और माताजी ,ऐलक जी, क्षूलक जी, क्षूलिका जी , त्यागी व्रती, भट्टाकरक जी सभी  के निर्विघ्न आहार हो ये भावनाएं भाती हूं जी।*???????? *?प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर गुरूवे नमो नमः* ???? *आचार्य श्री संभव सागराय नमः* ???? *आचार्य गुरूदेव विद्यासागराय नमः* ???? *?आर्यिका श्री उदित मति माताजी के चरणों में नमः।* *?जय जिनेंद्र जी सभी को* ??????? *चौबीस भगवान के चरणों में कोटि-कोटि नमन* ?????? *?‍♀️ॐ ह्रीं श्रुतज्ञान प्राप्ताये गणिनी श्री प्रमुख ज्ञानमती मात्रे नमः* *↪️ज्ञानमती माताजी के चरणों में कोटी कोटी नमन बारम्बार प्रणाम* ??????❤️❤️❤️ ? *आज के नियम* *?️‍?दिए गए सभी नियम आप जब ले रहे तब से 24 घंटे का है जी* ??????? 1️⃣आज ? भारत से बाहर जाने का त्याग है जी । बीत चीत करने को छोड़कर । आज? 100किलोमीटर की यात्रा छोड़कर बाकी सभी दिशाओं का त्याग है जी। *?जो जो अपने अपने स्थान से बाहर जाते है अपने हिसाब से किलोमीटर का नियम ले सकते हैं जी।* आज ?देव दर्शन करने का नियम है जी जैसे सुविधाएं उपलब्ध हैं जी। या आज ? आहार देने या देखने का नियम है जी। आज? एक नियम अपने मन से लेवे जी। मेरा नियम मन से वाला है आज? होटल जाने का त्याग है जी। ???????? ???‍♂️?‍♀️?‍♂️ 2️⃣??आज 20वस्त्र छोड़कर बाकी सभी के त्याग है। आज पहनने के लिए। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ 3️⃣?? आज पांच मिठाई छोड़कर बाकी सभी के त्याग है। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ 4️⃣??आज बीस हरी छोड़कर बाकी सबके त्याग है। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️? 5️⃣??शांति नाथ भगवान जी तीर्थंकर की जाप *?? ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथाय जगत् शांति कराय सर्वोपद्रव शांतिं कुरु कुरु ह्रीं नम: स्वाहा:* *?नो बार जाप* *?या एक माला* *?ॐ ह्रुं णमो आइरियाणं* *की एक माला करने का नियम है* *? ॐ ह्रीं अर्हं णमो सव्वसिद्धायदणाणं मनोवांछित सिद्धि दायकं भवतु स्वाहा:* *?एक माला या नो बार जाप* ??????? *?एक माला या नो बार करे जी* ????????? 6️⃣??आज पांच घर जाने की छोडकर बाकी सबके त्याग है। ?आज पांच बिस्तर ,पांच पंलग छोड़कर बाकी सभी के त्याग है। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ 7️⃣??आज दशों दिशा में   जितना  आवागमन होता  है। उसको छोड़कर बाकी बची  सभी दिशाओं का आवागमन  का त्याग रहेगा । ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ 8️⃣ ??आज 20 मिनट, या 10मिनट स्वाध्याय करने का नियम है। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ 9️⃣??आज जमीकंद में पांच वस्तुएं छोड़कर बाकी सभी के त्याग है जी। *? बीस प्रकार के अनाज, धान* *छोड़कर बाकी सभी के त्याग है जी* *भूल चूक माफ ।* ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ ???20मिनट या 30 मिनट ,या 10, मिनट का मोन का नियम है। ???‍♀️?‍♀️?‍♀️?‍♂️ 1️⃣1️⃣? आज? निर्वाण कांड भाषा पढ़ने का नियम है जी। या आज ? जिनवाणी माता की स्तुति पाठ सुनने, पढने का नियम है जी। ???‍♀️?‍♂️?‍♀️?‍♂️ ?????? *यथा शक्ति नियम पालन करते*?? *द्वितीय जेष्ठ* *आज तिथी जेष्ठ कृष्ण त्रयोदशी* ?????? सपरिवार नियम पालन करने वालों को विशेष धन्यवाद ? ?छोटे से  छोटे से भी नियम मुक्ति मिल सकती ह। *?आज का नियम पालन करने वाले कृपया नियम हैं लिखकर ग्रृप में भेजे* ?????? *नोट:? एक नियम भी* *पालन कर सकते ह जी*      ?????      *एडमिन*   *दीपीका दिलखुश जैन* ‌      *बैंगलोर कर्नाटक* ??????? *सानिध्य  भी हम सभी का* *पुरुसार्थ भी हम सभी का* ??????? 2026-06-13 10:45:34
226861 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म नमोस्तु भगवन् 2026-06-13 10:45:34
226862 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर *हे भगवान संसार के सभी जीव सुखी रहें* *कोई दुखी ना रहें , अनाथ न रहें ,असहाय न, रहें पीड़ित ना रहें ,रोगी ना रहें ,सभी निरोग रहें ।* *सभी आचार्य,उपाध्याय, सर्व साधु,* *आर्यिका, ऐलक , क्षुल्लक, क्षुल्लिका जी* *व्रती ,महाव्रती भट्टारक जी के* *सभी के निरंतराय आहार हों ,सभी* *स्वस्थ रहें ,सभी के द्वारा जिनधर्म की* *दिन दूनी रात चौगुनी धर्म की प्रभावना हो* *मैं यही भावना भाती हूंँ।* *सारे संसार में ,देश में, राष्ट्र में ,समाज में,* *घर में, परिवार में सुख, शांति, समृद्धि हो मुझे भी ,शक्ति दो ,भक्ति दो ,शांति दो,समृद्धि दो, चारित्र दो ,स्वास्थ्य दो, संकल्प दो जिससे आत्म कल्याण के साथ साथ दूसरों का भी कल्याण कर सकूँ* *यही भावना भाती हूँ जी।* ?????? ??????? ??????? अनंतानंत सिद्ध परपेष्ठी के चरणों में मेरा कोटि-कोटि प्रणाम नमन????????????? पंच परमेष्ठी के चरणों मे कोटी कोटी नमन????????????? नवदेवता के चरणों में बारम्बार प्रणाम नमन????????????????????? बारह अंग चौदह पूर्वांग को धारण करने वाली सरस्वती माता को कोटी कोटी नमन मुझें भी ज्ञानप्रदान करें ???????????? ढाई दीप मे समस्त साधु परमेष्ठि को मेरा नमन कोटि-कोटि नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु???????????????? ??????? समस्त आर्यिका श्री को वन्दामि समस्त ऐलक क्षुल्लक क्षुल्लिका को इच्छामि कोटी नमन ???????????????? त्यागी व्रती भैयाजी और दीदी जी को वंदना ?????? सभी के निरंतराय आहार हो सभी का मंगल हो सभी को सादर जय जिनेन्द्र जी ????????????????????? सभी के दिन और रात मंगलमय हों??????????? सुप्रभात हों सभी के ????????????? ?? पंच परमेष्ठी भगवंतों को नमन ????? संसार में जितने भी सम्यक्तवी आत्मा है उनको मेरा नमन है?????? चराचर जीव जगत के अनंतानंत ????? जीवात्माओं से उत्तम क्षमा ?? ??? ??? ??? हे भगवान आज का दिन दिखाने के लिए धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद??????????? सभी से मेरी मैत्री हो सभी मेरे मित्र है ???? ????? *हे भगवान!आपकी असीम कृपा से प्रातः काल की ??????* ❤️❤️❤️❤️❤️❤️???* *पावन बेला में ये भावना भाते है* *संसार में जितने भी रत्नत्रय धारी* *आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु हैं सभी के रत्नत्रय की पूर्णता हो और जो रत्नत्रय धारण करना चाहते हैं उनको रत्नत्रय की प्राप्ती हो जाए तथा शेष जितने जीव हैं*??? *उन सबके योग्यतानुसार क्रम से रत्नत्रय धारण करने के भाव हो जाए यही भगवान से प्रार्थना करती हूँ जी* ?????????? *धन्यवाद* *धन्यवाद* *धन्यवाद* ????????? मे एक एसा जादू है जो समस्त संसार में प्यार आशीर्वाद बनाए रखता है। *धन्यवाद*???? उन लोगों का जो मुझसे नफ़रत करते है " क्यो की उन्होंने मुझे मजबूत बनाया " *धन्यवाद*??? उन लोगों का जो मुझसे प्यार करते है " क्यो की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया " *धन्यवाद* ???? उन लोगों का जो मेरे लिए परेशान हुए " और मुझे बताया दर असल वो मेरा बहुत ख्याल रखते है " *धन्यवाद* ??? उन लोगों का जिन्होंने मुझे अपना बनाकर छोड़ दिया " और मुझे अहसास दिलाया की दुनिया में हर चीज आखरी नही " *धन्यवाद*?? उन लोगों का जो मेरी जिंदगी में शामिल हुए " और मुझे ऐसा बना दिया जैसा सोचा भी ना था " *और सबसे ज्यादा धन्यवाद मेरे ईश्वर का* ??? जिसने मुझे हालात का सामना करने की हिम्मत दी ???? *धन्यवाद* आप सभी का जो मुझे आपके साथ रहने का मोका मिला जी ????? 2026-06-13 10:45:34