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82322 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-13 11:12:57
82321 50892187 श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर 2026-04-13 11:12:56
82319 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन *मंगल प्रभात लोढ़ा के बयान पर उबाल के दावानल के संदर्भ में कुछ जरूरी बात….. *जैन चैनल को जॉइन करें-* <a href="https://whatsapp.com/channel/0029Va9TdEcEquiTnAsleW2b" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029Va9TdEcEquiTnAsleW2b</a> * ????मंगल प्रभात लोढ़ा के जैनों को हिन्दू धर्मी बताने और जैनों को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर लाने की उनकी चाहत पर देश भर के जैनों के विरोध व भीषण उबाल का जो दावानल खड़ा हुआ है,यह इस बात का द्योतक है कि भाजपा के जैन नेता संघ व भाजपा के एजेण्डे पर चलते हुए जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व व अल्पसंख्यक दर्जे के खात्मे की बात करेंगे तो जैन अब इसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे,मगर मामला अकेले लोढ़ा का नहीं है बल्कि गुजरात के हर्ष सांघवी हो,राजस्थान के गुलाब चंद कटारिया हो या बैंगलोर के लहर सिंह सिरोया हो या मध्य प्रदेश के जैन भाजपा मंत्री हो,वे सब घुमा फिराकर यही बात कहते है जो लोढ़ा कह रहे और वे भी संघ व भाजपा को खुश करने के नाम यही खेल खेल रहे है.जितने भी जैन भाजपा के नेता है उन्हें जैनों के बोट,विशालकाय चन्दा ही नहीं हर बार जैनों के धार्मिक व सामाजिक मंचों व आयोजनों में मुख्य अतिथि बनने, माला, साल,गुलदस्ते और शानदार सम्मान चाहिए और जैनों पर आक्रमण हो,जैनों के मंदिर व उनके परिसरों पर कब्जे हो और तीर्थ हड़पे जाए तो उनकी जुबानें बंद रहती है,जुबानों पर लकवा मार जाता है और वे कायरता का बाना ओढ़ो मरणासन्न ही बने रहते है.जब मोदी की केंद्र सरकार व झारखंड की भाजपा की रघुवरदास सरकार ने सम्मेद शिखरजी तीर्थ को तबाह कर उसे निगल लेने का षड्यंत्र रचा और जैनों ने इसके ख़िलाफ़ देश भर में विशालकाय और विराट आंदोलन और रैलियां निकाली तो मोदी व शाह के इशारे पर ये ही सारे भाजपा जैन नेताओं ने जैन धर्म व समाज को गुमराह कर झूट बोलते आंदोलन को बर्बाद बनाते पीठ में छुरा भोंप जिन शासन के साथ उच्च दर्जे की दगेबाजी की और समाज इन जैन भाजपा नेताओं की धोखेबाजी का शिकार हो गया.बात इतनी ही नहीं मोदी जी के सबसे मर्जीदान भाजपा के पूर्व सांसद महेश गिरी की गिरनार पर दादागिरी और एक मोदी के खास संत द्वारा पालीताणा पर कब्जे की धमकी को लेकर गुजरात के गृहमंत्री होते हर्ष सांघवी कोई मदद नहीं कर पाए और जैनों के मंचों पर सबसे ज़्यादा भाषणों से जैनों के सबसे बड़े सेवक होने का दावा करने वाले गुलाबचंद कटारिया और लहर सिंह सिसोदिया चुप्पी की चादर ओढ़े ऐसी मुद्रा में रहे जैसे उन्हें जैन धर्म व जैन जगत से कोई सरोकार ही नहीं है.शर्म तो तब अधिक आई जब लोकसभा व राज्यसभा में कांग्रेस व सपा सहित दो दो मुस्लिम सांसदों ने सम्मेद शिखरजी,पालीताणा व गिरनार को लेकर जैनों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर खूब दवाब डाला,पुरजोर माँग उठाई और हमारे सबसे बड़े जैन हितैषी होने का स्वांग रचने वाले लहर सिंह सिसोदिया तो एक शब्द भी कभी नहीं बोले जबकि दूसरे अन्य मामलों व हिन्दू धर्मियों के पक्ष में हर दूसरे व तीसरे दिन सिरोया के बयान प्रमुखता से छपते है.इन सारे भाजपा नेताओं में एक मात्र मंगल प्रभात लोढ़ा ही है जो जैनों के पक्ष में बोलते भी है और मुंबई में दिगम्बर जैन मंदिर तोड़े जाने के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे भी है,उसके बावजूद उनके हाल ही में दिए बयान जिन शासन व जैन धर्म के लिए घातक हैं वहीं जैन जगत के वैधानिक व संवैधानिक अधिकारो व संरक्षण की मौत से कम नहीं है.लोढ़ा हो या कोई भाजपा के जैन नेता हों वो इस बात को समझ लें कि मोदी का जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व के खात्मे,भाजपा समर्पित नेता व संतों द्वारा जैन तीर्थों को तबाह व क़ब्ज़ा करने और जैन अल्पसंख्यकता को बर्बाद बनाने का कोई एजेंडा अब जैन जगत न स्वीकार करेगा और न बर्दास्त करेगा.भाजपा को खुश करने के लिए जैनों का अहित करना अब चलने वाला नहीं है. अब समय बदल चुका है और जैनों ने भी करवटें बदलने का महत्व समझ लिया है. ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-13 11:09:47
82320 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन *मंगल प्रभात लोढ़ा के बयान पर उबाल के दावानल के संदर्भ में कुछ जरूरी बात….. *जैन चैनल को जॉइन करें-* <a href="https://whatsapp.com/channel/0029Va9TdEcEquiTnAsleW2b" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029Va9TdEcEquiTnAsleW2b</a> * ????मंगल प्रभात लोढ़ा के जैनों को हिन्दू धर्मी बताने और जैनों को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर लाने की उनकी चाहत पर देश भर के जैनों के विरोध व भीषण उबाल का जो दावानल खड़ा हुआ है,यह इस बात का द्योतक है कि भाजपा के जैन नेता संघ व भाजपा के एजेण्डे पर चलते हुए जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व व अल्पसंख्यक दर्जे के खात्मे की बात करेंगे तो जैन अब इसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे,मगर मामला अकेले लोढ़ा का नहीं है बल्कि गुजरात के हर्ष सांघवी हो,राजस्थान के गुलाब चंद कटारिया हो या बैंगलोर के लहर सिंह सिरोया हो या मध्य प्रदेश के जैन भाजपा मंत्री हो,वे सब घुमा फिराकर यही बात कहते है जो लोढ़ा कह रहे और वे भी संघ व भाजपा को खुश करने के नाम यही खेल खेल रहे है.जितने भी जैन भाजपा के नेता है उन्हें जैनों के बोट,विशालकाय चन्दा ही नहीं हर बार जैनों के धार्मिक व सामाजिक मंचों व आयोजनों में मुख्य अतिथि बनने, माला, साल,गुलदस्ते और शानदार सम्मान चाहिए और जैनों पर आक्रमण हो,जैनों के मंदिर व उनके परिसरों पर कब्जे हो और तीर्थ हड़पे जाए तो उनकी जुबानें बंद रहती है,जुबानों पर लकवा मार जाता है और वे कायरता का बाना ओढ़ो मरणासन्न ही बने रहते है.जब मोदी की केंद्र सरकार व झारखंड की भाजपा की रघुवरदास सरकार ने सम्मेद शिखरजी तीर्थ को तबाह कर उसे निगल लेने का षड्यंत्र रचा और जैनों ने इसके ख़िलाफ़ देश भर में विशालकाय और विराट आंदोलन और रैलियां निकाली तो मोदी व शाह के इशारे पर ये ही सारे भाजपा जैन नेताओं ने जैन धर्म व समाज को गुमराह कर झूट बोलते आंदोलन को बर्बाद बनाते पीठ में छुरा भोंप जिन शासन के साथ उच्च दर्जे की दगेबाजी की और समाज इन जैन भाजपा नेताओं की धोखेबाजी का शिकार हो गया.बात इतनी ही नहीं मोदी जी के सबसे मर्जीदान भाजपा के पूर्व सांसद महेश गिरी की गिरनार पर दादागिरी और एक मोदी के खास संत द्वारा पालीताणा पर कब्जे की धमकी को लेकर गुजरात के गृहमंत्री होते हर्ष सांघवी कोई मदद नहीं कर पाए और जैनों के मंचों पर सबसे ज़्यादा भाषणों से जैनों के सबसे बड़े सेवक होने का दावा करने वाले गुलाबचंद कटारिया और लहर सिंह सिसोदिया चुप्पी की चादर ओढ़े ऐसी मुद्रा में रहे जैसे उन्हें जैन धर्म व जैन जगत से कोई सरोकार ही नहीं है.शर्म तो तब अधिक आई जब लोकसभा व राज्यसभा में कांग्रेस व सपा सहित दो दो मुस्लिम सांसदों ने सम्मेद शिखरजी,पालीताणा व गिरनार को लेकर जैनों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर खूब दवाब डाला,पुरजोर माँग उठाई और हमारे सबसे बड़े जैन हितैषी होने का स्वांग रचने वाले लहर सिंह सिसोदिया तो एक शब्द भी कभी नहीं बोले जबकि दूसरे अन्य मामलों व हिन्दू धर्मियों के पक्ष में हर दूसरे व तीसरे दिन सिरोया के बयान प्रमुखता से छपते है.इन सारे भाजपा नेताओं में एक मात्र मंगल प्रभात लोढ़ा ही है जो जैनों के पक्ष में बोलते भी है और मुंबई में दिगम्बर जैन मंदिर तोड़े जाने के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे भी है,उसके बावजूद उनके हाल ही में दिए बयान जिन शासन व जैन धर्म के लिए घातक हैं वहीं जैन जगत के वैधानिक व संवैधानिक अधिकारो व संरक्षण की मौत से कम नहीं है.लोढ़ा हो या कोई भाजपा के जैन नेता हों वो इस बात को समझ लें कि मोदी का जैन धर्म के स्वतंत्र अस्तित्व के खात्मे,भाजपा समर्पित नेता व संतों द्वारा जैन तीर्थों को तबाह व क़ब्ज़ा करने और जैन अल्पसंख्यकता को बर्बाद बनाने का कोई एजेंडा अब जैन जगत न स्वीकार करेगा और न बर्दास्त करेगा.भाजपा को खुश करने के लिए जैनों का अहित करना अब चलने वाला नहीं है. अब समय बदल चुका है और जैनों ने भी करवटें बदलने का महत्व समझ लिया है. ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *पत्रकार:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* 2026-04-13 11:09:47
82317 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? मनीष जी पिंजरकर यांनी खूप छान चित्रांकन केले आहे. ? 2026-04-13 11:08:16
82318 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? मनीष जी पिंजरकर यांनी खूप छान चित्रांकन केले आहे. ? 2026-04-13 11:08:16
82315 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-04-13 11:08:11
82316 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-04-13 11:08:11
82314 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-04-13 11:08:10
82313 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-04-13 11:08:09