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233742 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? *गिरनार में फिर प्राचीन संस्कृति से छेड़छाड़, प्रतिमा स्वरूप बदला, खतरे में प्राचीन विरासत* ? *प्राचीन संस्कृति से फिर रविवार को गिरनार चौथी टोंक चट्टान पर उकेरी तीर्थंकर प्रतिमा का स्वरूप बदला, पुरातत्त्व विभाग मौन, प्रशासन ने नहीं करी कोई कार्यवाही* ? *जिन संत का वर्षायोग खर्च शून्य, उनको नहीं चढ़ाया अभी तक किसी ने श्रीफल, क्या हम संतों को कमाई की मशीन समझने लगे ?* ? *लालकिले की बगीची कुएं से मिली 20वें तीर्थंकर की प्रतिमा, अब कहां* ? *पड़गाहन क्या कभी देखा आपने ?* ? **दो संतों के रूप म...* <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1188863244?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1188863244?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-16 07:05:52
233743 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? ?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??️‍??????????????????????????️?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️?️???????????? ?? *प्रवास स्थान* ???? ????????? *श्री अग्रवाल दिगम्बर जैन मन्दिर, जयसिंहपुरा,राजाबाजार, कनाॅट प्लेस,नयी दिल्ली* ????????️?️‍? ???????????? *जैन वीर निर्वाण संवत-* 2️⃣5️⃣5️⃣2️⃣ ? *विक्रम संवत-* 2️⃣0️⃣8️⃣1️⃣ ? *दिनाँक*:: 1️⃣6️⃣ /0️⃣6️⃣/ 2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ ⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕⭕ ? *मास ज्येष्ट शीर्ष - तिथि* *ज्येष्ट शुक्ला द्वितीया* ? *वार :- मंगलवार* ??????????? ? ???⛳ ??️‍????❤️?? *केवल आज के लिए – नियम व सकंल्प त्याग की सुंदर साधना* _⭐? *आज हम आत्म-शुद्धि और* *संयम की ओर एक छोटा सा कदम बढ़ाएँ* ..._ ???????????? ⭐? *आज का नियम* :: ? *Spite* ? ????????? ?️⭐? ( *यदि संभव हो, तोह भोजन करते समय– मन, वाणी और शरीर में संतुलन बनाये )_* ?️⭐?✨ *संपूर्ण परिवार मिलकर ये संकल्प लें कि तीर्थों के संरक्षण व पवित्रता के लिए णमोकार महामन्त्र एक जाप – एक साथ किया गया त्याग, एक नई ऊर्जा देता है।* ?️⭐? *_आपका यह छोटा-सा प्रयास, आत्मा के उत्थान की दिशा में एक महान यात्रा का आरंभ हो सकता है।_* ????️‍??⛳????❤️? ???????????? ???????????? ?? *मुनिवर श्री, 108 प्रथमानन्दजी मुनि महाराजश्री की दैनिक चर्या* ??? *प्रातः : 09.00 बजे आहार चर्या* *दोपहर: 12.15 बजे सामायिक* ????????????? ?????????????????? 2026-06-16 07:05:52
233741 40649233 Mumukshu mandal?‍♂️ *अंजना सती के पूर्व भव से सीखा जा सकता है* ? *जैन परंपरा में अंजना सती की कथा का उल्लेख इस रूप में मिलता है कि पूर्व भव में उनसे जिनप्रतिमा के संबंध में एक अनुचित कार्य हुआ था। यद्यपि वह कार्य अल्पकाल के लिए था और बाद में उन्होंने अपनी भूल स्वीकार कर प्रतिमा को यथास्थान रखवा भी दिया, फिर भी कर्म का बंध हो चुका था। जैन दर्शन का मूल सिद्धांत है कि कर्म केवल कार्य से नहीं, बल्कि उस समय के भावों से भी बंधता है।* ? कथा का सार यह है कि— *भूल क्षणिक थी, परंतु जिनेन्द्र भगवान और धर्म से संबंधित विषय होने के कारण उसका परिणाम गंभीर हुआ ।* *बाद में पश्चाताप और प्रायश्चित्त से कर्म की तीव्रता कम हुई, किंतु कर्म का उदय पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।* *उसी कर्म के उदय से उन्हें अगले भव में अनेक कष्ट, अपमान, तिरस्कार और वियोग सहने पड़े।* *निर्दोष होते हुए भी उन्हें संदेह, आरोप और सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा।* *पति और परिवार से भी दूर रहना पड़ा तथा लंबे समय तक दुःख सहन करना पड़ा।* *अंततः सत्य की विजय हुई, उनका चरित्र उज्ज्वल सिद्ध हुआ और वे आदर्श सती के रूप में पूजनीय बनीं।* ? इस प्रसंग से जैनाचार्य यह शिक्षा देते हैं - *“धर्म और जिनप्रतिमा के प्रति असावधानी भी कर्मबंधन का कारण बन सकती है।”* *“भूल हो जाए तो उसे स्वीकार कर प्रायश्चित्त अवश्य करना चाहिए, क्योंकि पश्चाताप कर्म की तीव्रता को कम करता है।”* ? *अंजना सती की कथा का मुख्य संदेश भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि सावधानी, श्रद्धा, विनय और कर्म-सिद्धांत की गहनता को समझाना है। उनके जीवन से यह भी सीख मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, धैर्य और सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अंततः सत्य ही प्रतिष्ठित होता है।* ? 2026-06-16 07:05:09
233740 40649233 Mumukshu mandal?‍♂️ *अंजना सती के पूर्व भव से सीखा जा सकता है* ? *जैन परंपरा में अंजना सती की कथा का उल्लेख इस रूप में मिलता है कि पूर्व भव में उनसे जिनप्रतिमा के संबंध में एक अनुचित कार्य हुआ था। यद्यपि वह कार्य अल्पकाल के लिए था और बाद में उन्होंने अपनी भूल स्वीकार कर प्रतिमा को यथास्थान रखवा भी दिया, फिर भी कर्म का बंध हो चुका था। जैन दर्शन का मूल सिद्धांत है कि कर्म केवल कार्य से नहीं, बल्कि उस समय के भावों से भी बंधता है।* ? कथा का सार यह है कि— *भूल क्षणिक थी, परंतु जिनेन्द्र भगवान और धर्म से संबंधित विषय होने के कारण उसका परिणाम गंभीर हुआ ।* *बाद में पश्चाताप और प्रायश्चित्त से कर्म की तीव्रता कम हुई, किंतु कर्म का उदय पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।* *उसी कर्म के उदय से उन्हें अगले भव में अनेक कष्ट, अपमान, तिरस्कार और वियोग सहने पड़े।* *निर्दोष होते हुए भी उन्हें संदेह, आरोप और सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा।* *पति और परिवार से भी दूर रहना पड़ा तथा लंबे समय तक दुःख सहन करना पड़ा।* *अंततः सत्य की विजय हुई, उनका चरित्र उज्ज्वल सिद्ध हुआ और वे आदर्श सती के रूप में पूजनीय बनीं।* ? इस प्रसंग से जैनाचार्य यह शिक्षा देते हैं - *“धर्म और जिनप्रतिमा के प्रति असावधानी भी कर्मबंधन का कारण बन सकती है।”* *“भूल हो जाए तो उसे स्वीकार कर प्रायश्चित्त अवश्य करना चाहिए, क्योंकि पश्चाताप कर्म की तीव्रता को कम करता है।”* ? *अंजना सती की कथा का मुख्य संदेश भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि सावधानी, श्रद्धा, विनय और कर्म-सिद्धांत की गहनता को समझाना है। उनके जीवन से यह भी सीख मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, धैर्य और सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अंततः सत्य ही प्रतिष्ठित होता है।* ? 2026-06-16 07:05:08
233738 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE *?️श्री शांतिनाथ दि०जैन मंदिर विल्सन गार्डन ?️* *??*---:निवेदन:---?? सभी संघों एवं संस्थाऔं के पदाधिकारों तथा धर्मानुभावौं निवेदन है कि *परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रमुखसागर जी महाराज ससंघ दिनांक 16 जून,मंगलवार को प्रात:08.00 बजे लालबाग वेस्ट गेट से प्रस्थान करके कर्नाटका जैन भबन की और विहार करेगें।* जो भी धर्मानुभाव मुनि श्री को आहार देकर पूण्यार्जन करना चाहे वे लालबाग से मुनि श्री के साथ विहार में सम्मिलित हो जाये। आहार देने की व्यवस्था कर्नाटका जैन भवन में उपलब्ध रहेगी। *??श्री सकल दि० जैन समाज, बैंगलोर??* 2026-06-16 07:05:00
233739 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE *?️श्री शांतिनाथ दि०जैन मंदिर विल्सन गार्डन ?️* *??*---:निवेदन:---?? सभी संघों एवं संस्थाऔं के पदाधिकारों तथा धर्मानुभावौं निवेदन है कि *परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रमुखसागर जी महाराज ससंघ दिनांक 16 जून,मंगलवार को प्रात:08.00 बजे लालबाग वेस्ट गेट से प्रस्थान करके कर्नाटका जैन भबन की और विहार करेगें।* जो भी धर्मानुभाव मुनि श्री को आहार देकर पूण्यार्जन करना चाहे वे लालबाग से मुनि श्री के साथ विहार में सम्मिलित हो जाये। आहार देने की व्यवस्था कर्नाटका जैन भवन में उपलब्ध रहेगी। *??श्री सकल दि० जैन समाज, बैंगलोर??* 2026-06-16 07:05:00
233737 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE 2026-06-16 07:04:35
233736 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE 2026-06-16 07:04:34
233735 40449695 www yug marble stone work.Com 2026-06-16 07:03:27
233734 40449695 www yug marble stone work.Com 2026-06-16 07:03:26