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6218 40449722 VJS9 श्री नेमि गिरनार यात्रा 2026 2026-02-16 16:07:11
6217 40449722 VJS9 श्री नेमि गिरनार यात्रा 2026 2026-02-16 16:07:09
6216 40449722 VJS9 श्री नेमि गिरनार यात्रा 2026 2026-02-16 16:06:22
6215 40449674 JAIN MAHILAMANDAL 2026-02-16 16:05:18
6214 40449689 ? विद्या शरणम ०१ ? Jii 2026-02-16 15:57:54
6213 40449689 ? विद्या शरणम ०१ ? Jai jinender 2026-02-16 15:57:51
6212 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE 2026-02-16 15:54:58
6211 40449689 ? विद्या शरणम ०१ ? *अष्टमी चतुर्दशी विशेष??* 2026-02-16 15:52:57
6210 40449730 True Jainism *??गाँधी की सोच की क्रांति को पकड़ो तो दुनिया तुम्हारे कदमों में नतमस्तक होने को आतुर होकर रह जाएगी……!* ??????वैश्वीकरण,बाजारीकरण,घोर कॉर्पोरेट पूंजीवादीकरण,गेट व डब्ल्यू टी ओ में वो ही देश विश्व में उभर कर छा गए जिन्होंने अपने उत्पाद से विश्व के बाजारों को पाट दिया और हम न अपने उत्पाद के लिए विश्व बाजारों को प्रेरित कर पाए न लालायित कर पाए और उलटे देश की प्रजा और बाजारों को चीन व विदेशी उत्पाद के कीड़े बना दिए.भारत के आधारभूत पुश्तैनी, प्राथमिक,मूल,मौलिक,कुटीर,अति लघु व छोटे सारे कारोबार व उद्यमों का खात्मा कर लिया जिसका परिणाम करोड़ करोड़ लोग बेकाम, बेकार,बेजार व बेरोजगार होकर गरीबी व भुखमरी की भेंट चढ़ गए.देश में भीषणतम बेकारी और भयावह भुखमरी का भूचाल खड़ा हो गया.चीनी माल व विदेशी वस्तुओं के त्याग व बहिष्कार के नारे व हंगामे खूब खड़े किए मगर किसी ने नहीं सुनी न किसी का राष्ट्रप्रेम जागा क्योंकि इस तरह का हंगामा मचाने वाले ख़ुद दोहरे व दोगले चरित्र के धोखेबाज रहे.एक संत्रासी युग था,पूरी दुनिया अत्याचारी फिरंगियों के हाथों गुलाम थी,उसने अपने उत्पाद से भारत को पाट दिया और विश्व की सबसे बड़ी लूट की मंडी व अपने उत्पाद का ग़ुलाम बना भारत को डंपिंग यार्ड बना डाला.तब महामानव गाँधी ने ऐसे विदेशी सामानों का बहिष्कार ही नहीं करवाया बल्कि उनकी होलियाँ जलाने का आव्हान करते सुत,धागे व चरखे के साथ देशी कुटीर उत्पाद व स्वदेशी के शंखनाद का मंत्रनाद फूँका.हर हिंदुस्तानी को रोजगार से जोड़ राष्ट्रीय स्वाभिमान का हर देशवासी में शंखनाद फूँका. गाँधी सौम्य,शांत व शाश्वत अहिंसाक्रान्ति के न केवल महानायक थे बल्कि वे एक महान विश्व क्रांतिचेता युगनायक और युग दृष्टा थे.वे जानते थे कि किसी भी महाशक्ति को कमज़ोर करते झुकाना है तो उसे आर्थिक दृष्टि से कमजोर व लाचार बना दो,उसकी लूट से तिजोरी भरने और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनने के सारे स्रोतों को बंद कर उनके पैरों के नीचे से उनकी भरपूर कमाई के साधनों को खींच लो.गाँधी ने अपने अतीव आत्मबल की शक्ति से फिरंगी शासन के आर्थिक शोषण व उनके व्यापार के स्रोतों को कुचल तबाह करवा दिया.गाँधी की दीर्घ दृष्टि, गंभीर रणनीति,लम्बी प्रभावी सोच व दूरगामी क्रान्ति बेहद कामयाब व सफ़लीभूत हुई.देश के हर घर में कुटीर उद्योगों का जाल सा बिछा, स्वरोजगार व स्वदेशी जागरण का सैलाब आया और गाँधी जी के आव्वहान पर विदेशी मालों का बहिष्कार व होली जलाने की अदभुत जनक्रांति से अंग्रेजी राज्य ख़ुद घुटनों पर आ गया.उसके आर्थिक स्त्रोत सूखने लग गए,उनके साम्राज्य में हाहाकार छा गया. फिरंगियों को कोई रास्ता नहीं सूझा तो हारकर अंग्रेजी राज्य के विश्व सम्राट जार्ज पंचम ने वार्ता के लिए गांधीजी को इंग्लैंड आमंत्रित किया और बिट्रिश मालों के बहिष्कार को वापस लेने के लिए धमकाते दबाव बनाया मगर गान्धीजी एक क्षण के लिए नहीं झुके न बहके न रुके और एक दिन इसी दृढ़ता,अदम्य साहस और अति आत्मबल पर अंग्रेजी साम्राज्य को बिखेर भारत से भागने पर मजबूर बनाया.गाँधी नवीनतम तकनीक व टेक्नोलॉजी के विरोधी नहीं थे पर आत्मनिर्भरता की ताक़त व आत्मस्वाभिमान से राष्ट्र जिए व खड़ा हों,दूसरे राष्ट्र का मोहताज न हो यही उनका दर्शन था.गाँधी की इस साहसिक यात्रा का एक ही महान संदेश है कि अगर देश के शासन पर बैठे खेवनहार में देशभक्ति का असीम प्रेम और राष्ट्रीयता का सही जज़्बा व आत्मबल हो तो उस देश को आज की तरह न अमेरिका झुका सकता है न चीन. अगर हममे दीर्घदृष्टि और कौशल हो तो वे सारे राष्ट्र अपने उत्पाद से भारत को कभी भी डम्पिंग यार्ड नहीं बल्कि भारत से भारत का माल ख़रीदने को ही मजबूर हों.हम सिर्फ़ कोरी लफ़्फ़ाज़ी,मज़मेबाज़ी व हवाबाज़ी के दिखावटी छलावटी व सजावटी सपने छोड़ विकल्प व वैकल्पिक आधार खड़े करने के पुरुषार्थ में आत्मिक समर्पण से लग गए तो कोई राष्ट्र हमे अपने शर्तों पर कभी नहीं झुका पाएगा.समय की पुरजोर माँग है कि गाँधी पर थूकने और उन्हें जलील करने की मूर्खता से बाहर आओ और गांधी की सोच की क्रांति को पकड़ो तो दुनिया तुम्हारे कदमों में नतमस्तक होने को आतुर होकर रह जाएगी.अन्यथा चीन व अमेरिका के सामने घुटने टेकते ही रहोगे,जलील होते राष्ट्र को भी जलालत भुगतने को मजबूर बनाओगे. ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राजस्थान*. *पत्रकार व गाँधी दर्शन का सहचर व प्रचारक* 2026-02-16 15:50:01
6209 40449761 Djw Jamnalal Hampat Mahasabha 2026-02-16 15:44:46