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224932 40449701 ??संत शिरोमणि अपडेट?? ?*देश की राजधानी दिल्ली में हुआ भव्य एवं ऐतिहासिक मिलन* ? *आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज ससंघ* का *जैनत्व संस्कार शिरोमणि मुनि श्री 108 अनुपम सागर जी महाराज ससंघ* से हुआ भव्य, दिव्य एवं अविस्मरणीय मंगल मिलन। ✨*यह दिव्य मिलन जैन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय क्षण रहा।* ?*Team Anupam Vani*? 2026-06-12 16:47:00
224929 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी Follow this link to join my WhatsApp group: <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> *? _मंगल पद विहार अपडेट_ ?* ══════◄••❀••►══════ *12/जून/2026* ══════◄••❀••►══════ ?जय विराग?जय विनम्र? प.पू.राष्ट्र संत गणाचार्य १०८ श्री विरागसागर जी महामुनिराज के परम आज्ञाकारी शिष्य *प.पू.उच्चारणाचार्य १०८ श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज* {भक्तामर वाले बाबा} *ससंघ सहित का मंगल विहार नातेपुते महारष्ट्र से जालना महारास्ट्र की ओर चल हैं।* ⚡आज रात्रिविश्राम⚡ वेणवाड़ी हाई स्कूल ?कल की आहारचर्या? जोगेश्वर मंदिर, जोगेश्वरवाड़ी पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के मंगल प्रवचन सुनने हेतु *विनम्र देशना* चैनल से अभी जुड़े ??? ? _व्हाट्सएप ग्रुप_ : <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> ▶️ _यूट्यूब चैनल_ : <a href="https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp" target="_blank">https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp</a> अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें 7999877637,7247397018,8770458508 2026-06-12 16:46:12
224930 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी Follow this link to join my WhatsApp group: <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> *? _मंगल पद विहार अपडेट_ ?* ══════◄••❀••►══════ *12/जून/2026* ══════◄••❀••►══════ ?जय विराग?जय विनम्र? प.पू.राष्ट्र संत गणाचार्य १०८ श्री विरागसागर जी महामुनिराज के परम आज्ञाकारी शिष्य *प.पू.उच्चारणाचार्य १०८ श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज* {भक्तामर वाले बाबा} *ससंघ सहित का मंगल विहार नातेपुते महारष्ट्र से जालना महारास्ट्र की ओर चल हैं।* ⚡आज रात्रिविश्राम⚡ वेणवाड़ी हाई स्कूल ?कल की आहारचर्या? जोगेश्वर मंदिर, जोगेश्वरवाड़ी पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के मंगल प्रवचन सुनने हेतु *विनम्र देशना* चैनल से अभी जुड़े ??? ? _व्हाट्सएप ग्रुप_ : <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> ▶️ _यूट्यूब चैनल_ : <a href="https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp" target="_blank">https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp</a> अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें 7999877637,7247397018,8770458508 2026-06-12 16:46:12
224927 50573977 आचार्य श्री विनम्रसागर संघ-2 Follow this link to join my WhatsApp group: <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> *? _मंगल पद विहार अपडेट_ ?* ══════◄••❀••►══════ *12/जून/2026* ══════◄••❀••►══════ ?जय विराग?जय विनम्र? प.पू.राष्ट्र संत गणाचार्य १०८ श्री विरागसागर जी महामुनिराज के परम आज्ञाकारी शिष्य *प.पू.उच्चारणाचार्य १०८ श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज* {भक्तामर वाले बाबा} *ससंघ सहित का मंगल विहार नातेपुते महारष्ट्र से जालना महारास्ट्र की ओर चल हैं।* ⚡आज रात्रिविश्राम⚡ वेणवाड़ी हाई स्कूल ?कल की आहारचर्या? जोगेश्वर मंदिर, जोगेश्वरवाड़ी पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के मंगल प्रवचन सुनने हेतु *विनम्र देशना* चैनल से अभी जुड़े ??? ? _व्हाट्सएप ग्रुप_ : <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> ▶️ _यूट्यूब चैनल_ : <a href="https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp" target="_blank">https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp</a> अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें 7999877637,7247397018,8770458508 2026-06-12 16:46:06
224928 50573977 आचार्य श्री विनम्रसागर संघ-2 Follow this link to join my WhatsApp group: <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> *? _मंगल पद विहार अपडेट_ ?* ══════◄••❀••►══════ *12/जून/2026* ══════◄••❀••►══════ ?जय विराग?जय विनम्र? प.पू.राष्ट्र संत गणाचार्य १०८ श्री विरागसागर जी महामुनिराज के परम आज्ञाकारी शिष्य *प.पू.उच्चारणाचार्य १०८ श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज* {भक्तामर वाले बाबा} *ससंघ सहित का मंगल विहार नातेपुते महारष्ट्र से जालना महारास्ट्र की ओर चल हैं।* ⚡आज रात्रिविश्राम⚡ वेणवाड़ी हाई स्कूल ?कल की आहारचर्या? जोगेश्वर मंदिर, जोगेश्वरवाड़ी पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के मंगल प्रवचन सुनने हेतु *विनम्र देशना* चैनल से अभी जुड़े ??? ? _व्हाट्सएप ग्रुप_ : <a href="https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hn7Ti0cdBWEDbRkNXo7zXk</a> ▶️ _यूट्यूब चैनल_ : <a href="https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp" target="_blank">https://youtube.com/@vinamradeshna-be6sv?si=M3WfAhccDIrzaECp</a> अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें 7999877637,7247397018,8770458508 2026-06-12 16:46:06
224926 40449767 सुस - स्वाध्याय समूह *रुचि का विषय* यह संसारी प्राणी अनादिकाल से पंचेन्द्रिय के विषयों में लीन रहा है। इन विषयों का आकर्षण आसानी से नहीं छूटता है। जब तक पंचेन्द्रिय विषयों की वास्तविकता ज्ञात नहीं होती, वस्तु-स्वरूप द्रष्टि में नहीं आता तब तक यह विषय छूट भी नहीं सकते। समयसार ग्रंथ की वाचना के समय आचार्य श्री ने कहा कि सम्यग्दृष्टि ही विषयों के आकर्षण से छूट सकता है। जिसे आत्मा के गुणों से आकर्षण हो जाता है, उसकी दृष्टि विषयों से हट जाती है। सम्यग्दृष्टि विषयों से राग नहीं रखता, क्योंकि उनमें आत्मा के कोई गुण नहीं है और उनसे आत्मा के गुणों में वृद्धि भी नहीं होती। तब किसी ने शंका व्यक्त करते हुए कहा कि- आचार्य श्री जी विषयों को छोड़ देने के बाद भी क्या पुनः विषयों की और दृष्टि नहीं फिसलती? तब आचार्य श्री जी ने शंका का समाधान देते हुए कहा कि- सम्यग्दृष्टि विषयों से छूटने के बाद पुनः फिसलता नहीं है, यही रुचि का विषय है। जैसे एक रुचि वाला अंधा व्यक्ति हारमोनियम (केसीयों) सीख लेता है फिर उसकी अंगुलियाँ फिसलती नहीं हैं, कभी भी स्वर भंग नहीं होता है। आचार्य श्री जी ने कहा कि- श्रावक लोग आहार के बाद आकर कहते हैं महाराज श्री आपने थाली में से सबकुछ हटवा दिया था कुछ नहीं बचा। तब आचार्य श्री जी कहते है- भैया! यह तो बताओ संसार में रस है ही कहाँ ? संसार तो नीरस है फिर हटाने वाली बात ही नहीं होती। मोक्षमार्ग में समयसार का एवं आत्मा का रस खूब लो इसमें रात-दिन का कोई परहेज नहीं। धन्य हैं आचार्य महाराज जो पंचेन्द्रिय विषयों के त्यागी हैं एवं हम सभी को पंचेन्द्रिय विषयों से बचने का उपदेश देते रहते हैं। स्वयं नमक, मीठा, हरी सब्जी, फल ग्रहण नहीं करते। नीरस आहार लेते हैं, लेकिन सभी को धर्म का अमृत पिलाते रहते हैं। *Follow the आचार्य श्री विद्यासागर channel on WhatsApp* : <a href="https://whatsapp.com/channel/0029Va9OGVc8aKvSmHkROF20" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029Va9OGVc8aKvSmHkROF20</a> 2026-06-12 16:40:41
224925 40449767 सुस - स्वाध्याय समूह *रुचि का विषय* यह संसारी प्राणी अनादिकाल से पंचेन्द्रिय के विषयों में लीन रहा है। इन विषयों का आकर्षण आसानी से नहीं छूटता है। जब तक पंचेन्द्रिय विषयों की वास्तविकता ज्ञात नहीं होती, वस्तु-स्वरूप द्रष्टि में नहीं आता तब तक यह विषय छूट भी नहीं सकते। समयसार ग्रंथ की वाचना के समय आचार्य श्री ने कहा कि सम्यग्दृष्टि ही विषयों के आकर्षण से छूट सकता है। जिसे आत्मा के गुणों से आकर्षण हो जाता है, उसकी दृष्टि विषयों से हट जाती है। सम्यग्दृष्टि विषयों से राग नहीं रखता, क्योंकि उनमें आत्मा के कोई गुण नहीं है और उनसे आत्मा के गुणों में वृद्धि भी नहीं होती। तब किसी ने शंका व्यक्त करते हुए कहा कि- आचार्य श्री जी विषयों को छोड़ देने के बाद भी क्या पुनः विषयों की और दृष्टि नहीं फिसलती? तब आचार्य श्री जी ने शंका का समाधान देते हुए कहा कि- सम्यग्दृष्टि विषयों से छूटने के बाद पुनः फिसलता नहीं है, यही रुचि का विषय है। जैसे एक रुचि वाला अंधा व्यक्ति हारमोनियम (केसीयों) सीख लेता है फिर उसकी अंगुलियाँ फिसलती नहीं हैं, कभी भी स्वर भंग नहीं होता है। आचार्य श्री जी ने कहा कि- श्रावक लोग आहार के बाद आकर कहते हैं महाराज श्री आपने थाली में से सबकुछ हटवा दिया था कुछ नहीं बचा। तब आचार्य श्री जी कहते है- भैया! यह तो बताओ संसार में रस है ही कहाँ ? संसार तो नीरस है फिर हटाने वाली बात ही नहीं होती। मोक्षमार्ग में समयसार का एवं आत्मा का रस खूब लो इसमें रात-दिन का कोई परहेज नहीं। धन्य हैं आचार्य महाराज जो पंचेन्द्रिय विषयों के त्यागी हैं एवं हम सभी को पंचेन्द्रिय विषयों से बचने का उपदेश देते रहते हैं। स्वयं नमक, मीठा, हरी सब्जी, फल ग्रहण नहीं करते। नीरस आहार लेते हैं, लेकिन सभी को धर्म का अमृत पिलाते रहते हैं। *Follow the आचार्य श्री विद्यासागर channel on WhatsApp* : <a href="https://whatsapp.com/channel/0029Va9OGVc8aKvSmHkROF20" target="_blank">https://whatsapp.com/channel/0029Va9OGVc8aKvSmHkROF20</a> 2026-06-12 16:40:40
224923 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-06-12 16:40:28
224924 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-06-12 16:40:28
224922 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-06-12 16:40:26