WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 14682

Records Matching Filters: 14682

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
225961 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ? *सभी को जय जिनेन्द्* ? एवम् परम पूज्य गुरूदेव विभंजन सागर जी मुनिराज का मंगल आशीर्वाद * आपके परिवार में* *सुख , शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, संयम, सादगी, सफलता, समृध्दि, साधना, संस्कार और स्वास्थ्य की वृद्धि हो*. ....... आज का दिन मंगलमय हो ।। * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये। * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक आयु का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते है। 13 जून 2026 दिन: शनिवार "" आप चाहे तो सिर्फ के लिये त्याग/नियम भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते है। नियम- आज *कचौड़ी* खाने का त्याग है और *श्री अनन्तनाथ चालीसा* पढ़ने का नियम है...."’’ ?? शहर में विराजित साधू ‰संतो के दर्शन की और निरंतराय आहार की भावना रखे और हो सके तो दर्शन करके आहार भी दें। अगर आप आज 13-06-2026 एक दिन का संकल्प करना चाहते है तो आप "नियम है।! ******************************* *श्री अनन्तनाथ चालीसा* अनन्त चतुष्टय धरी अनंत, अनंत गुणों की खान अनन्त। सर्वशुद्ध ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करे मम दोष अनन्त ।। नगर अयोध्या महा सुखकार, राज्य करे सिंहसेन अपार । सर्वयशा महादेवी उनकी, जननी कहलाई जिनवर की ।। द्वादशी ज्येष्ठ कृष्ण सुखकारी, जन्मे तीर्थंकर हितकारी । इन्द्र प्रभु को गोद में लेकर, न्वहन करे मेरु पर जाकर ।। नाम अनंतनाथ शुभ दीना, उत्सव करते नित्य नवीना । सार्थक हुआ नाम प्रभुवर का, पार नहीं गुण के सागर का ।। वर्ण सुवर्ण समान प्रभु का, ज्ञान धरें मुनि श्रुत अवधि का । आयु तीस लाख वर्ष उपाई, धनुष अर्धशत तन ऊचाई ।। बचपन गया जवानी आई, राज्य मिला उनको सुखदाई । हुआ विवाह उनका मंगलमय, जीवन था जिनवर का सुखमय ।। पंद्रह लाख बरस बीतें जब, उल्कापात से हुए विरत तब । जग में सुख पाया किसने कब, मन से त्याग राग भाव सब ।। बारह भावना मन में भाये, ब्रह्मर्षि वैराग्य बढाये । अनन्तविजय सूत तिलक कराकर, देवोमई शिविका पधारा कर ।। गए सहेतुक वन जिनराज, दीक्षित हुए सहस नृप साथ। द्वादशी कृष्ण ज्येष्ठ शुभ मास, तिन दिन धरा उपवास ।। गए अयोध्या प्रथम योग कर, धन्य विशाख आहार कराकर । मौन सहित रहते थे वन में, एक दिन तिष्ठे पीपल तल में ।। अटल रहे निज योग ध्यान में, झलके लोकालोक ज्ञान में । कृष्ण अमावस चैत्र मास की, रचना हुई शुभ समवशरण की ।। जिनवर की वाणी जब खिरती, अमृत सम कानो को लगती । चतुर्गति दुःख चित्रण करते, भविजन सुन पापो से डरते ।। जो चाहो तुम मुक्ति पाना, निज आतम की शरण में जाना । सम्यग्दर्शन ज्ञान चरित हैं, कहे व्यहवार में रतनत्रय हैं । निश्च्य से शुद्धातम ध्याकर, शिवपद मिलता सुख रत्नाकर । श्रद्धा कर भव्य जनों ने, यथाशक्ति व्रत धारे सबने ।। हुआ विहार देश और प्रान्त, सत्पथ दर्शाए जिननाथ । अंत समय गए सम्मेदाचल, एक मास तक रहे सुनिश्चल ।। कृष्ण चैत्र अमावस पावन, मोक्षमहल पहुचे मनभावन । उत्सव करते सुरगण आकर, कूट स्वयंप्रभ मन में ध्याकर ।। शुभ लक्षण प्रभुवर का सेही, शोभित होता प्रभु पद में ही । अरुणा अरज करे बस ये ही, पार करो भव सागर से ही ।। हे प्रभु लोकालोक अनन्त, झलके सब तुम ज्ञान अनन्त । हुआ अनन्त भवो का अंत, अदभुत तुम महिमा हैं अनन्त ।। ******************************* 2026-06-13 05:39:01
225959 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी <a href="https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu</a> Jai Jinendra dev ji ki jai ho prabhu ji ??? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188645200?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188645200?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 05:38:49
225960 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी <a href="https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu</a> Jai Jinendra dev ji ki jai ho prabhu ji ??? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188645200?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188645200?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 05:38:49
225957 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-13 05:38:24
225958 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-13 05:38:24
225956 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-13 05:37:14
225955 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-13 05:37:13
225952 40449666 नव आचार्य समय सागर जी भक्त *"ताकतवर होकर भी"* *"झुक जाना श्रेष्ठ गुण है,"* *"और श्रेष्ठ होकर भी"* *"साधारण रहना सर्वश्रेष्ठ"* *"गुण है..!!"* *??जय जिनेंद्र??* विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188649258?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188649258?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-06-13 05:36:54
225953 47534159 Maharstra (kartick) *आत्मचिंतन - (नं. 2638)* ******************************* *श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ (*248*) *श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं - *|| तीसरा अध्याय II* *द्वयोर्द्वयो: पूर्वा: पूर्वागा: ||* (अध्याय 3 / सूत्र 22) *व्दयो: व्दयो: पूर्वा: पूर्वागा: ॥3/22॥* *मतलब -* ~~~~~~ गंगा, रोहित, हरित, सीता, नारी, सुवर्णकुला और रक्ता ये सात नदियाँ पूर्वी समुद्र में मिलती हैं। *शेषास्त्वपरगा: ||* ( अध्याय 3 / सूत्र 23 ) *शेषा: तु अपरगा || 3/23||* *मतलब -* ~~~~~~~ बाकी सात नदियाँ ( यानी सिंधु, रोहितास्या, हरिकांता, सीतोदा, नरकांता, रूप्यकुला और रक्तोदा ) पश्चिमी समुद्र में मिलती हैं। *(क्रमशः) ( ता. 13/06/2026 )* *--डॉ.अजीत जे.पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र* ??? (कु.9880/आ.3305) 2026-06-13 05:36:54
225954 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी CMnv 2026-06-13 05:36:54