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Chat ID
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Chat Name
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Message
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Status
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Date |
View |
| 232740 |
40449688 |
3. विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी |
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*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
_मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले? मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले?_
*जिस मिलिऐ मन होए आनंद सो सतगुरु कहीऐ ॥*
*मन की दुबिधा बिनस जाए हरि परम पद लहीऐ ॥१॥*
_जिसके मिलने से मन में आनंद हो जाए, उसी को सच्चा गुरु कहा जाता है। मन की दुविधा समाप्त हो जाए और परम अवस्था की प्राप्ति हो जाए।_
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
_मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले? मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले?_
*करि किरपा हरि मेलआ मेरा सतिगुरु पूरा ॥*
*इछ पुनी जन केरीआ ले सतगुरु धूरा ॥२॥*
_परमात्मा ने कृपा करके मुझे पूर्ण सतगुरु से मिला दिया। शिष्य की इच्छा पूर्ण हो गई, सतगुरु के चरणों की धूल पाकर।_
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
_मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले? मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले?_ |
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2026-06-15 18:36:40 |
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| 232741 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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अब वाइट पट्टा लगाने से भी दिक्कत होने लगी है जब की वाइट पट्टे से पेर नही जलते है ठंडा रहता है गुरु महाराज नंगे पाओ चलते है तो उनके लिए लगाया जाता है इस पट्टे से ना कोई रास्ता रुकता है ना किसी को ठेस पहुंचती है ना किसी धर्म का अपमान होता है तो फिर इस पट्टे से एक आदमी को इतनी दिक्कत क्यों ये कहता है हर जैन ???? |
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2026-06-15 18:36:40 |
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| 232742 |
40449688 |
3. विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी |
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*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
_मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले? मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले?_
*जिस मिलिऐ मन होए आनंद सो सतगुरु कहीऐ ॥*
*मन की दुबिधा बिनस जाए हरि परम पद लहीऐ ॥१॥*
_जिसके मिलने से मन में आनंद हो जाए, उसी को सच्चा गुरु कहा जाता है। मन की दुविधा समाप्त हो जाए और परम अवस्था की प्राप्ति हो जाए।_
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
_मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले? मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले?_
*करि किरपा हरि मेलआ मेरा सतिगुरु पूरा ॥*
*इछ पुनी जन केरीआ ले सतगुरु धूरा ॥२॥*
_परमात्मा ने कृपा करके मुझे पूर्ण सतगुरु से मिला दिया। शिष्य की इच्छा पूर्ण हो गई, सतगुरु के चरणों की धूल पाकर।_
*हउ खिन खिन करी नमस्कार मेरा गुरु पूरा किउ मिलै*
*कित बिध मिलै मेरा सतगुरु प्यारा*
_मैं हर क्षण नमस्कार करता हूँ, मुझे मेरा पूर्ण गुरु कैसे मिले? मेरा प्रिय सतगुरु मुझे किस उपाय से मिले?_ |
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2026-06-15 18:36:40 |
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| 232738 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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*करोड़ों अरबो रूपिया धर्म के पीछे खर्चा करने वाले ओ जैनो , एक वाइट पट्टी हम नहीं बचा पाये ? जरा सोचो, कल मंदिरो , उपाश्रय, भोजनशाला पर कोई क़ब्ज़ा कर लेगा ? तब हमारे पास कोई विकल्प है ? : हार्दिक हुंडिया*
देश में अरबो रूपिया का दान देने वाला जैन समाज अब सोचे ? समजे ? और कुछ परिवर्तन जीवन में लाये । दान सुपात्र को करे । रोड पे खिचड़ी घर द्वारा हज़ारो लोगो को खिचड़ी खिलाने वाले भाईओ अब सोचो हमारी खिचड़ी सुपात्र के पेट में जाती है या कुपात्र ? *दारू पी के , ड्रग का नसा करने वाले या काम धंधा ना करने वाले को खिचड़ी खिलाके कई पुण्य की जगह पाप तो नहीं कर रहे है ?* ख़ुद अपने आप को सवाल करना ? यदि जवाब मिले की कुपात्र को जा रहा है तो खिचड़ी घर अभी से बंद कर देना और अब समय आ गया है हमे साधर्मिक भाइयो को मजबूत करने का ? *हार्दिक हुंडिया की चतुर्विध संघ से दो हाथ जोड़ के बिनती है की हम करोड़ो , अरबों रुपया धर्म के नाम मंदिरों , उपाश्रयों, धर्म शाला , भोजन शाला पे लगाने वाले अब थोड़ा रुक जाओ और सोचो हम करोड़ो रुपया जहाँ लगा रहे है वो क्या सही है ? बाद में इनको कौन सम्भालेगा ? जहाँ जरूरत हो वहाँ जरूर करे , लेकिन जहाँ जैनो की बस्ती नहीं है , वहाँ १०८ देरी वाला मंदिर बना के करोड़ो का खर्चा कराने वाले साधु और खर्चा करने वाले श्रावक भी सोचे की एक वाइट पट्टी तो हम मुंबई में ना घाट कॉपर की सोसायटी में बचा सके , ना दादर आराधना भवन के बाहर की !* जो सफेद कलर की पट्टी पंच महाव्रत धारी महात्माओ , जो भयंकर गर्मी में नंगे पाव चलने वाले संतों की सुविधाओं के लिये भक्तों द्वारा बनाई गई । लेकिन कुछ लोगो को ये पसंद नहीं आया , वो आक्रमकता के साथ आकर उनके पर काली पट्टी लगा दी । अब उनको कोई प्रॉबलम नहीं है ? हार्दिक हुंडिया ने कहा है कि आज की परिस्थिति में हमे बहुत सोचना है , *अब हमे कोई भी धर्म के प्रोजेक्ट या चातुर्मास के करोड़ो अरबो रूपिया खर्चा करने की जगह साधार्मिक भाईओ को मजबूत करना है ! आक्रामक बनाना है , धर्म के प्रति खुमारी भरनी है वरना आज सिर्फ वाइट पट्टी ना बचाने वाले कल सोचो कुछ और हो गया तो क्या करेंगे ? हार्दिक हुंडिया ने कहा *देश के श्रावकों जागो , ऐसे काम बंद करो जो हमारा खाये और हमारा ही खोदे ?* एक मराठी परिवार में जन्मे लेकिन आज *मराठी परिवार के जैन संत के वेश में संत निलेश चंद्र विजय जी की खुमारी को कोटि कोटि वंदन है । मराठी कुल में जन्मे साथ साथ जैनो धर्म के अनुआईओ गुजराती और मारवाड़ियो की बात महाराष्ट्र में बड़े गौरव के साथ रखने वाले संतों की अब जरूरत है*। देश का वो जैन धर्म जिसने विश्व में एक अलग पहचान देश को दी है वो *पवित्र जैन धर्म को जैन जिहाद कहने वाले पे कानूनी कार्यवाही करने वाले प्रवीण भाई छेड़ा जैसे राजनेताओं को जरूरत है* देश के धर्मप्रेमीओ पहले हमे जागना है और फिर धर्म प्रेमियो को जगाना भी है , *परमात्मा के साधु वेश में बैठकर सिर्फ धर्म के नाम धंधा करते है उनको संसार में भेजना है , अभी अभी २ कुसाधुओ को संसार में भेज दिया है । दूसरा वो जो राज नेता ख़ुद के स्वार्थ के लिये जैन धर्म का शब्द का उपयोग करते है , लेकिन जैन धर्म के ख़िलाफ़ प्रचार करते है उनके सामने बोलने की जिनकी ताक़त नहीं है वो राज नेताओ को अब उनके घर बैठाने का समय आ गया है* । जब जैन नेताओ ख़ुद जैनों के साथ खड़े नहीं है तो हम दूसरो से क्यों आशा रखें । *सफेद पट्टी का विरोध करने वाले को सिर्फ़ सफेद कलर से तकलीफ़ है , उनको वहाँ लाल , पीला या काला कलर से तकलीफ़ नहीं है ? लेकिन उनको ये भी नहीं समझना है की सफेद कलर क्यों किया था ? लाल , पिला , काला कलर लगाने से भाई भाई का विरोध करके कौनसी बहादुरी कर ली ?* हार्दिक हुंडिया ने कहा है की ये चातुर्मास में खर्चा कम करना , दिखावा बिलकुल मत करना यदि *प्रभु महावीर का क्षत्रियों का धर्म मजबूत करना है तो जैन शासन के प्रति खुमारी वाले शासन भक्तों को समाज के सामने लाना है ! साधर्मिक भाइयों को मजबूत करना है* ये ही उच्च भावनाओ के साथ
हार्दिक हुंडिया
आप का कल्याणी मित्र । |
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2026-06-15 18:35:42 |
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| 232737 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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*करोड़ों अरबो रूपिया धर्म के पीछे खर्चा करने वाले ओ जैनो , एक वाइट पट्टी हम नहीं बचा पाये ? जरा सोचो, कल मंदिरो , उपाश्रय, भोजनशाला पर कोई क़ब्ज़ा कर लेगा ? तब हमारे पास कोई विकल्प है ? : हार्दिक हुंडिया*
देश में अरबो रूपिया का दान देने वाला जैन समाज अब सोचे ? समजे ? और कुछ परिवर्तन जीवन में लाये । दान सुपात्र को करे । रोड पे खिचड़ी घर द्वारा हज़ारो लोगो को खिचड़ी खिलाने वाले भाईओ अब सोचो हमारी खिचड़ी सुपात्र के पेट में जाती है या कुपात्र ? *दारू पी के , ड्रग का नसा करने वाले या काम धंधा ना करने वाले को खिचड़ी खिलाके कई पुण्य की जगह पाप तो नहीं कर रहे है ?* ख़ुद अपने आप को सवाल करना ? यदि जवाब मिले की कुपात्र को जा रहा है तो खिचड़ी घर अभी से बंद कर देना और अब समय आ गया है हमे साधर्मिक भाइयो को मजबूत करने का ? *हार्दिक हुंडिया की चतुर्विध संघ से दो हाथ जोड़ के बिनती है की हम करोड़ो , अरबों रुपया धर्म के नाम मंदिरों , उपाश्रयों, धर्म शाला , भोजन शाला पे लगाने वाले अब थोड़ा रुक जाओ और सोचो हम करोड़ो रुपया जहाँ लगा रहे है वो क्या सही है ? बाद में इनको कौन सम्भालेगा ? जहाँ जरूरत हो वहाँ जरूर करे , लेकिन जहाँ जैनो की बस्ती नहीं है , वहाँ १०८ देरी वाला मंदिर बना के करोड़ो का खर्चा कराने वाले साधु और खर्चा करने वाले श्रावक भी सोचे की एक वाइट पट्टी तो हम मुंबई में ना घाट कॉपर की सोसायटी में बचा सके , ना दादर आराधना भवन के बाहर की !* जो सफेद कलर की पट्टी पंच महाव्रत धारी महात्माओ , जो भयंकर गर्मी में नंगे पाव चलने वाले संतों की सुविधाओं के लिये भक्तों द्वारा बनाई गई । लेकिन कुछ लोगो को ये पसंद नहीं आया , वो आक्रमकता के साथ आकर उनके पर काली पट्टी लगा दी । अब उनको कोई प्रॉबलम नहीं है ? हार्दिक हुंडिया ने कहा है कि आज की परिस्थिति में हमे बहुत सोचना है , *अब हमे कोई भी धर्म के प्रोजेक्ट या चातुर्मास के करोड़ो अरबो रूपिया खर्चा करने की जगह साधार्मिक भाईओ को मजबूत करना है ! आक्रामक बनाना है , धर्म के प्रति खुमारी भरनी है वरना आज सिर्फ वाइट पट्टी ना बचाने वाले कल सोचो कुछ और हो गया तो क्या करेंगे ? हार्दिक हुंडिया ने कहा *देश के श्रावकों जागो , ऐसे काम बंद करो जो हमारा खाये और हमारा ही खोदे ?* एक मराठी परिवार में जन्मे लेकिन आज *मराठी परिवार के जैन संत के वेश में संत निलेश चंद्र विजय जी की खुमारी को कोटि कोटि वंदन है । मराठी कुल में जन्मे साथ साथ जैनो धर्म के अनुआईओ गुजराती और मारवाड़ियो की बात महाराष्ट्र में बड़े गौरव के साथ रखने वाले संतों की अब जरूरत है*। देश का वो जैन धर्म जिसने विश्व में एक अलग पहचान देश को दी है वो *पवित्र जैन धर्म को जैन जिहाद कहने वाले पे कानूनी कार्यवाही करने वाले प्रवीण भाई छेड़ा जैसे राजनेताओं को जरूरत है* देश के धर्मप्रेमीओ पहले हमे जागना है और फिर धर्म प्रेमियो को जगाना भी है , *परमात्मा के साधु वेश में बैठकर सिर्फ धर्म के नाम धंधा करते है उनको संसार में भेजना है , अभी अभी २ कुसाधुओ को संसार में भेज दिया है । दूसरा वो जो राज नेता ख़ुद के स्वार्थ के लिये जैन धर्म का शब्द का उपयोग करते है , लेकिन जैन धर्म के ख़िलाफ़ प्रचार करते है उनके सामने बोलने की जिनकी ताक़त नहीं है वो राज नेताओ को अब उनके घर बैठाने का समय आ गया है* । जब जैन नेताओ ख़ुद जैनों के साथ खड़े नहीं है तो हम दूसरो से क्यों आशा रखें । *सफेद पट्टी का विरोध करने वाले को सिर्फ़ सफेद कलर से तकलीफ़ है , उनको वहाँ लाल , पीला या काला कलर से तकलीफ़ नहीं है ? लेकिन उनको ये भी नहीं समझना है की सफेद कलर क्यों किया था ? लाल , पिला , काला कलर लगाने से भाई भाई का विरोध करके कौनसी बहादुरी कर ली ?* हार्दिक हुंडिया ने कहा है की ये चातुर्मास में खर्चा कम करना , दिखावा बिलकुल मत करना यदि *प्रभु महावीर का क्षत्रियों का धर्म मजबूत करना है तो जैन शासन के प्रति खुमारी वाले शासन भक्तों को समाज के सामने लाना है ! साधर्मिक भाइयों को मजबूत करना है* ये ही उच्च भावनाओ के साथ
हार्दिक हुंडिया
आप का कल्याणी मित्र । |
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2026-06-15 18:35:41 |
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| 232736 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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<a href="https://swarajvani.com/jain-samaj-jagran-hardik-hundiya-appeal/" target="_blank">https://swarajvani.com/jain-samaj-jagran-hardik-hundiya-appeal/</a>
जैन समाज जागरण: हार्दिक हुंडिया की बड़ी अपील, करोड़ों के धार्मिक खर्च पर रोक लगाकर साधर्मिकों को करें मजबूत |
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2026-06-15 18:33:49 |
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| 232735 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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<a href="https://swarajvani.com/jain-samaj-jagran-hardik-hundiya-appeal/" target="_blank">https://swarajvani.com/jain-samaj-jagran-hardik-hundiya-appeal/</a>
जैन समाज जागरण: हार्दिक हुंडिया की बड़ी अपील, करोड़ों के धार्मिक खर्च पर रोक लगाकर साधर्मिकों को करें मजबूत |
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2026-06-15 18:33:48 |
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| 232733 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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|
?♀️??♂️?♂️?♀️
*सौगंध देने वाले*
*जैन साधु साध्वियां !!*
*अब आप स्वयं भी*
*सौगंध ले लेवें*
?♂️?♀️???♀️?♂️
*वीडियो ⏰2:19*
*इसे भी सुन लेवें*
?♀️??♂️?♂️??♀️
*जैन धर्मावलंबियों !!!*
*सादर जय जिनेन्द्र*
जुलाई महीने में हमारे
जैन साधु साध्वियों के
चातुर्मासिक अथवा
वर्षाकालीन प्रवेश
पहले से ही सुनिश्चित
किसी गांव, नगर या
किसी स्थल पर लगभग
आन-बान-शान और
धूम लड़कों के साथ हो
जाएंगे।
पिछले कुछ वर्षों से
जिनशासन प्रभावना
के नाम से निजशासन
प्रभावना धड़ल्ले से हो
रही हैं। यश,नाम,किर्ति
के प्यासे और भूखे
कुछ महात्माओं में तो
अघोषित प्रतिस्पर्धाएं
भी होती हैं और उनको
सहयोग देने वाले होते
हैं उनके परम भक्त
कुछ धनाढ्य लोग जो
स्वयं भी यश,नाम, किर्ति
के प्यासे और भूखे
ऐसे अघोषित सौदागर
होते हैं।
मेरी जाहिर विनम्र
अपील है सभी ट्रस्ट
मंडलों और अग्रगण्य
श्रावकों से कि वे
महात्माओं के चातुर्मास
प्रवेश सादगी पूर्वक
तरीकों से करावें।
चातुर्मास दरम्यान
तमाम धर्म आराधनाएं
भी सादगी पूर्वक हों।
कोई शोर-शराबा न हो।
श्रावक श्राविकाओं को
पच्चक्खाण देने वाले
महात्मा स्वयं श्रीसंघ
के समक्ष जाहिर में
पच्चक्खाण लें कि हम
1️⃣
हम धार्मिक क्रियाओं
की अनावश्यक वैसी
नीलामी करके धन
संग्रह करने के लिए
प्रोत्साहन नहीं देंगे।
2️⃣
दीक्षा,भोजन, चातुर्मास
संघ यात्रा में ठेकेदारी
कमिशन नहीं लेंगे।
3️⃣
श्रीसंघ या ट्रस्ट मंडल
की उपेक्षा कर स्वयं के
प्रभुत्व की वर्षा वास
समिति बनाकर धन
एकत्रित नहीं करेंगे।
4️⃣
नेताओं,अफसरों और
संगीतकारों/उद्घोषकों
से सांठ-गांठ कर
अपनी प्रशंसाओं की
पताका नहीं फहराएंगे।
5️⃣
श्रीसंघ की पहले से जो
भी व्यवस्था है उसी में
धर्म क्रियाएं करायेंगे
बड़े बड़े सुसज्जित
विशाल पंडाल बनाने
का आग्रह नहीं करेंगे।
6️⃣
प्रवेश सादगीपूर्ण होगा।
कईं तरह के बैंड बाजे,
हाथी, घोड़े, ऊंट, और
झांकियों के लिए हम
आग्रह नहीं करेंगे।
7️⃣
चातुर्मास दरम्यान सभी
तरह की अनिवार्य
धार्मिक क्रियाएं तो
होंगी ही लेकिन हम
साधर्मिक उत्कर्ष और
आत्मनिर्भरता विषय
पर विशेष ध्यान देते
हुए योजनाओं का
कार्यान्वयन कराएंगे।
8️⃣
*आखिरी बात :::---*
चाहे किसी भी संप्रदाय
समुदाय, पंथ या गच्छ
के क्यों ना हो, मैं उन
सभी साधु-संतों और
साध्वियों को अपने
अंतर्मन से कोटि-कोटि
भाव वंदन करता हूं
जो अपनी आत्मा के
कल्याण के लिए
आराधना, साधना और
उपासनाएं स्वयं तो
करते ही हैं, श्रावक,
श्राविकाओं से भी वे
कराते हैं - बिना किसी
एडवरटाइजमेंट और
पब्लिसिटी के। उनके
तप-जप को मैं नमन
करता हूं।
पांच महाव्रतों का वे
बखूबी पालन करते हैं।
जिनके चारित्र पालन
में सुस्तता नहीं बल्कि
गजब की चुस्तता
स्पष्ट दृष्टिगोचर होती
हैं। ज्ञानी, ध्यानी और
चारित्रनिष्ठ ऐसे तमाम
सदाचारी अणगारों की
बदौलत हम सभी जैनी
गौरवान्वित होते हैं।
??♂️?♀️?♀️?♂️?
*१४ जून का महत्व ::--*
? ?
1️⃣
World Blood
Donor Day
विश्व रक्तदाता दिवस।
इसका मुख्य उद्देश्य
सुरक्षित रक्त की
आवश्यकता और
जीवन बचाने वाले
स्वेच्छिक रक्तदाताओं
के प्रति आभार व्यक्त
करना है।
2️⃣
नोबेल पुरस्कार विजेता
महान् वैज्ञानिक कार्ल
लैंडस्टाइनर (जिन्होंने
ब्लड ग्रुप प्रणाली
ABO की खोज की)
के जन्मदिन की याद में
मनाया जाता है।
3️⃣
१९७७ में इसी दिन
अमेरिका की कांग्रेस ने
अपने राष्ट्रीय ध्वज के
रुप में 'स्टार्स एंड
स्ट्राइप्स' को अपनाया था।
4️⃣
इस दिन अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
और अर्जेंटीना के
क्रांतिकारी चे ग्वेरा का
जन्म हुआ था।
*मेरी विनम्र अपील ::-*
जो लोग स्वस्थ हैं वे
रक्तदान अवश्य करें।
जो लोग निःस्वार्थ भाव
से रक्तदान कर किसी
की जिंदगी बचाने में
सहयोग देते हैं वे सभी
अभिनंदनीय हैं।
??♂️?♀️?♀️?♂️?
_*सज्जनों !!!*_
_*यदि आपको उचित*_
_*लगें तो इस सामग्री*_
_*को अपने परिचितों*_
_*को भी जरुर भेजिएगा*_
??♀️?♂️?♂️?♀️?
*सादगी सहिष्णुता अनुरागी*
_*>> मोहनलाल यु.जैन <<*_
*[कवि, लेखक, गीतकार]*
*?9820004611*
*14 June'26/Sunday*
?♀️?♂️???♂️?♀️ |
|
2026-06-15 18:33:22 |
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| 232734 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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?♀️??♂️?♂️?♀️
*सौगंध देने वाले*
*जैन साधु साध्वियां !!*
*अब आप स्वयं भी*
*सौगंध ले लेवें*
?♂️?♀️???♀️?♂️
*वीडियो ⏰2:19*
*इसे भी सुन लेवें*
?♀️??♂️?♂️??♀️
*जैन धर्मावलंबियों !!!*
*सादर जय जिनेन्द्र*
जुलाई महीने में हमारे
जैन साधु साध्वियों के
चातुर्मासिक अथवा
वर्षाकालीन प्रवेश
पहले से ही सुनिश्चित
किसी गांव, नगर या
किसी स्थल पर लगभग
आन-बान-शान और
धूम लड़कों के साथ हो
जाएंगे।
पिछले कुछ वर्षों से
जिनशासन प्रभावना
के नाम से निजशासन
प्रभावना धड़ल्ले से हो
रही हैं। यश,नाम,किर्ति
के प्यासे और भूखे
कुछ महात्माओं में तो
अघोषित प्रतिस्पर्धाएं
भी होती हैं और उनको
सहयोग देने वाले होते
हैं उनके परम भक्त
कुछ धनाढ्य लोग जो
स्वयं भी यश,नाम, किर्ति
के प्यासे और भूखे
ऐसे अघोषित सौदागर
होते हैं।
मेरी जाहिर विनम्र
अपील है सभी ट्रस्ट
मंडलों और अग्रगण्य
श्रावकों से कि वे
महात्माओं के चातुर्मास
प्रवेश सादगी पूर्वक
तरीकों से करावें।
चातुर्मास दरम्यान
तमाम धर्म आराधनाएं
भी सादगी पूर्वक हों।
कोई शोर-शराबा न हो।
श्रावक श्राविकाओं को
पच्चक्खाण देने वाले
महात्मा स्वयं श्रीसंघ
के समक्ष जाहिर में
पच्चक्खाण लें कि हम
1️⃣
हम धार्मिक क्रियाओं
की अनावश्यक वैसी
नीलामी करके धन
संग्रह करने के लिए
प्रोत्साहन नहीं देंगे।
2️⃣
दीक्षा,भोजन, चातुर्मास
संघ यात्रा में ठेकेदारी
कमिशन नहीं लेंगे।
3️⃣
श्रीसंघ या ट्रस्ट मंडल
की उपेक्षा कर स्वयं के
प्रभुत्व की वर्षा वास
समिति बनाकर धन
एकत्रित नहीं करेंगे।
4️⃣
नेताओं,अफसरों और
संगीतकारों/उद्घोषकों
से सांठ-गांठ कर
अपनी प्रशंसाओं की
पताका नहीं फहराएंगे।
5️⃣
श्रीसंघ की पहले से जो
भी व्यवस्था है उसी में
धर्म क्रियाएं करायेंगे
बड़े बड़े सुसज्जित
विशाल पंडाल बनाने
का आग्रह नहीं करेंगे।
6️⃣
प्रवेश सादगीपूर्ण होगा।
कईं तरह के बैंड बाजे,
हाथी, घोड़े, ऊंट, और
झांकियों के लिए हम
आग्रह नहीं करेंगे।
7️⃣
चातुर्मास दरम्यान सभी
तरह की अनिवार्य
धार्मिक क्रियाएं तो
होंगी ही लेकिन हम
साधर्मिक उत्कर्ष और
आत्मनिर्भरता विषय
पर विशेष ध्यान देते
हुए योजनाओं का
कार्यान्वयन कराएंगे।
8️⃣
*आखिरी बात :::---*
चाहे किसी भी संप्रदाय
समुदाय, पंथ या गच्छ
के क्यों ना हो, मैं उन
सभी साधु-संतों और
साध्वियों को अपने
अंतर्मन से कोटि-कोटि
भाव वंदन करता हूं
जो अपनी आत्मा के
कल्याण के लिए
आराधना, साधना और
उपासनाएं स्वयं तो
करते ही हैं, श्रावक,
श्राविकाओं से भी वे
कराते हैं - बिना किसी
एडवरटाइजमेंट और
पब्लिसिटी के। उनके
तप-जप को मैं नमन
करता हूं।
पांच महाव्रतों का वे
बखूबी पालन करते हैं।
जिनके चारित्र पालन
में सुस्तता नहीं बल्कि
गजब की चुस्तता
स्पष्ट दृष्टिगोचर होती
हैं। ज्ञानी, ध्यानी और
चारित्रनिष्ठ ऐसे तमाम
सदाचारी अणगारों की
बदौलत हम सभी जैनी
गौरवान्वित होते हैं।
??♂️?♀️?♀️?♂️?
*१४ जून का महत्व ::--*
? ?
1️⃣
World Blood
Donor Day
विश्व रक्तदाता दिवस।
इसका मुख्य उद्देश्य
सुरक्षित रक्त की
आवश्यकता और
जीवन बचाने वाले
स्वेच्छिक रक्तदाताओं
के प्रति आभार व्यक्त
करना है।
2️⃣
नोबेल पुरस्कार विजेता
महान् वैज्ञानिक कार्ल
लैंडस्टाइनर (जिन्होंने
ब्लड ग्रुप प्रणाली
ABO की खोज की)
के जन्मदिन की याद में
मनाया जाता है।
3️⃣
१९७७ में इसी दिन
अमेरिका की कांग्रेस ने
अपने राष्ट्रीय ध्वज के
रुप में 'स्टार्स एंड
स्ट्राइप्स' को अपनाया था।
4️⃣
इस दिन अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
और अर्जेंटीना के
क्रांतिकारी चे ग्वेरा का
जन्म हुआ था।
*मेरी विनम्र अपील ::-*
जो लोग स्वस्थ हैं वे
रक्तदान अवश्य करें।
जो लोग निःस्वार्थ भाव
से रक्तदान कर किसी
की जिंदगी बचाने में
सहयोग देते हैं वे सभी
अभिनंदनीय हैं।
??♂️?♀️?♀️?♂️?
_*सज्जनों !!!*_
_*यदि आपको उचित*_
_*लगें तो इस सामग्री*_
_*को अपने परिचितों*_
_*को भी जरुर भेजिएगा*_
??♀️?♂️?♂️?♀️?
*सादगी सहिष्णुता अनुरागी*
_*>> मोहनलाल यु.जैन <<*_
*[कवि, लेखक, गीतकार]*
*?9820004611*
*14 June'26/Sunday*
?♀️?♂️???♂️?♀️ |
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2026-06-15 18:33:22 |
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40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*?प्रणाम सादर जय जिनेन्द्र?*
*?करोड़ों अरबो रूपिया धर्म के पीछे खर्चा करने वाले ओ जैनो , एक वाइट पट्टी हम नहीं बचा पाये ? जरा सोचो, कल मंदिरो , उपाश्रय, भोजनशाला पर कोई क़ब्ज़ा कर लेगा ? तब हमारे पास कोई विकल्प है ? : हार्दिक हुंडिया...?*
*?देश में अरबो रूपिया का दान देने वाला जैन समाज अब सोचे ? समजे ? और कुछ परिवर्तन जीवन में लाये । दान सुपात्र को करे । रोड पे खिचड़ी घर द्वारा हज़ारो लोगो को खिचड़ी खिलाने वाले भाईओ अब सोचो हमारी खिचड़ी सुपात्र के पेट में जाती है या कुपात्र ? *दारू पी के , ड्रग का नसा करने वाले या काम धंधा ना करने वाले को खिचड़ी खिलाके कई पुण्य की जगह पाप तो नहीं कर रहे है ? ख़ुद अपने आप को सवाल करना ? यदि जवाब मिले की कुपात्र को जा रहा है तो खिचड़ी घर अभी से बंद कर देना और अब समय आ गया है हमे साधर्मिक भाइयो को मजबूत करने का ? *हार्दिक हुंडिया की चतुर्विध संघ से दो हाथ जोड़ के बिनती है की हम करोड़ो , अरबों रुपया धर्म के नाम मंदिरों , उपाश्रयों, धर्म शाला , भोजन शाला पे लगाने वाले अब थोड़ा रुक जाओ और सोचो हम करोड़ो रुपया जहाँ लगा रहे है वो क्या सही है ? बाद में इनको कौन सम्भालेगा ? जहाँ जरूरत हो वहाँ जरूर करे , लेकिन जहाँ जैनो की बस्ती नहीं है , वहाँ 108 देरी वाला मंदिर बना के करोड़ो का खर्चा कराने वाले साधु और खर्चा करने वाले श्रावक भी सोचे की एक वाइट पट्टी तो हम मुंबई में ना घाट कॉपर की सोसायटी में बचा सके , ना दादर आराधना भवन के बाहर की ! जो सफेद कलर की पट्टी पंच महाव्रत धारी महात्माओ , जो भयंकर गर्मी में नंगे पाव चलने वाले संतों की सुविधाओं के लिये भक्तों द्वारा बनाई गई । लेकिन कुछ लोगो को ये पसंद नहीं आया , वो आक्रमकता के साथ आकर उनके पर काली पट्टी लगा दी । अब उनको कोई प्रॉबलम नहीं है ? हार्दिक हुंडिया ने कहा है कि आज की परिस्थिति में हमे बहुत सोचना है , अब हमे कोई भी धर्म के प्रोजेक्ट या चातुर्मास के करोड़ो अरबो रूपिया खर्चा करने की जगह साधार्मिक भाईओ को मजबूत करना है ! आक्रामक बनाना है , धर्म के प्रति खुमारी भरनी है वरना आज सिर्फ वाइट पट्टी ना बचाने वाले कल सोचो कुछ और हो गया तो क्या करेंगे ? हार्दिक हुंडिया ने कहा *देश के श्रावकों जागो , ऐसे काम बंद करो जो हमारा खाये और हमारा ही खोदे ? एक मराठी परिवार में जन्मे लेकिन आज मराठी परिवार के जैन संत के वेश में संत निलेश चंद्र विजय जी की खुमारी को कोटि कोटि वंदन है । मराठी कुल में जन्मे साथ साथ जैनो धर्म के अनुआईओ गुजराती और मारवाड़ियो की बात महाराष्ट्र में बड़े गौरव के साथ रखने वाले संतों की अब जरूरत है। देश का वो जैन धर्म जिसने विश्व में एक अलग पहचान देश को दी है वो पवित्र जैन धर्म को जैन जिहाद कहने वाले पे कानूनी कार्यवाही करने वाले प्रवीण भाई छेड़ा जैसे राजनेताओं को जरूरत है देश के धर्मप्रेमीओ पहले हमे जागना है और फिर धर्म प्रेमियो को जगाना भी है , परमात्मा के साधु वेश में बैठकर सिर्फ धर्म के नाम धंधा करते है उनको संसार में भेजना है , अभी अभी 2 कुसाधुओ को संसार में भेज दिया है । दूसरा वो जो राज नेता ख़ुद के स्वार्थ के लिये जैन धर्म का शब्द का उपयोग करते है , लेकिन जैन धर्म के ख़िलाफ़ प्रचार करते है उनके सामने बोलने की जिनकी ताक़त नहीं है वो राज नेताओ को अब उनके घर बैठाने का समय आ गया है* *। जब जैन नेताओ ख़ुद जैनों के साथ खड़े नहीं है तो हम दूसरो से क्यों आशा रखें । सफेद पट्टी का विरोध करने वाले को सिर्फ़ सफेद कलर से तकलीफ़ है , उनको वहाँ लाल , पीला या काला कलर से तकलीफ़ नहीं है ? लेकिन उनको ये भी नहीं समझना है की सफेद कलर क्यों किया था ? लाल , पिला , काला कलर लगाने से भाई भाई का विरोध करके कौनसी बहादुरी कर ली ? हार्दिक हुंडिया ने कहा है की ये चातुर्मास में खर्चा कम करना , दिखावा बिलकुल मत करना यदि *प्रभु महावीर का क्षत्रियों का धर्म मजबूत करना है तो जैन शासन के प्रति खुमारी वाले शासन भक्तों को समाज के सामने लाना है ! साधर्मिक भाइयों को मजबूत करना है ये ही उच्च भावनाओ के साथ*
*✒️लेखक हार्दिक हुंडिया*
*आप का कल्याणी मित्र ।*
*?सिर्फ जैन समाज ग्रुप में भेजे?*
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2026-06-15 18:33:20 |
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