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6878 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 2026-02-17 07:30:10
6877 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 ಜಿನ ರಾತ್ರಿ ಹಬ್ಬದ ಶುಭಾಶಯಗಳು 2026-02-17 07:30:07
6876 40449749 जिनोदय?JINODAYA *अहंकार का अंत निश्चित है — चाहे राजा हो, रंक हो, साधु हो या संस्था* इतिहास गवाह है कि अहंकार किसी का नहीं रहा। न वह राजाओं को बचा पाया, न धनवानों को, न विद्वानों को और न ही साधुओं को। समय का चक्र जब घूमता है तो वह केवल कर्म देखता है, पद और प्रतिष्ठा नहीं। आज यदि हम वर्तमान जैन समाज की ओर देखें तो यह स्वीकार करने में संकोच नहीं होना चाहिए कि कुछ साधु और कुछ शीर्ष संस्थाओं के अग्रणी लोग अहंकार के ऐसे जाल में उलझते जा रहे हैं, जहाँ उन्हें स्वयं अपनी ही छवि दिखाई नहीं दे रही। साधु का अर्थ त्याग है, विनय है, नम्रता है। जैन परंपरा में भगवान भगवान महावीर ने अहंकार को आत्मा की सबसे बड़ी बेड़ियों में से एक बताया। जब त्याग की प्रतिमूर्ति बनने वाले ही पद, प्रभाव, भीड़, चातुर्मास की बोलियों, स्वागत-समारोहों और मंचों की चमक में स्वयं को सर्वोच्च मानने लगें तो यह आत्ममंथन का समय है। आज स्थिति यहाँ तक पहुँचती दिख रही है कि कुछ साधु स्वयं को अपने गच्छ का मालिक मान बैठे हैं, मानो गच्छ कोई निजी संपत्ति हो और समाज उनका अनुयायी नहीं बल्कि अधीनस्थ हो। गच्छ परंपरा से चलता है, सिद्धांतों से चलता है, गुरु-शिष्य परंपरा की मर्यादा से चलता है; वह किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं होता। यदि निर्णय इस भाव से होने लगें कि “मेरे बिना कुछ नहीं”, “मेरी अनुमति के बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता”, तो यह त्याग नहीं, स्वामित्व का भाव है। साधु का कर्तव्य मार्ग दिखाना है, मार्ग रोकना नहीं। संस्था सेवा के लिए बनती है, शासन के लिए नहीं; मार्गदर्शन के लिए बनती है, नियंत्रण के लिए नहीं। यदि अग्रणी लोग अपने नाम के जयघोष सुनकर यह मान बैठें कि समाज उनके बिना चल ही नहीं सकता, तो यही पतन की शुरुआत है। इतिहास में अनेक उदाहरण हैं जहाँ धार्मिक संस्थाएँ बाहरी शत्रुओं से नहीं, भीतर के अहंकार से टूटीं। आज भी समाज चुप है, पर अंधा नहीं है। श्रावक सब देख रहा है कि कहाँ विनय है और कहाँ प्रदर्शन। साधु का सम्मान उसके व्रतों से होता है, संस्था की प्रतिष्ठा उसके पारदर्शी आचरण से होती है। यदि निर्णय व्यक्तिगत अहं के आधार पर होंगे, यदि विरोध करने वालों को दबाया जाएगा, यदि प्रश्न पूछने वालों को अपमानित किया जाएगा, तो यह जैन धर्म की उस मूल भावना के विपरीत है जो आत्मसंयम और समता सिखाती है। समय सबको आईना दिखाता है। जो आज मंच पर ऊँचा बैठा है, कल उसे भी धरती पर आना है। जो आज आदेश दे रहा है, कल उसे भी कर्मों का हिसाब देना है। इसलिए अभी भी अवसर है — विनम्र बनें, संवाद करें, समाज को साथ लेकर चलें। याद रखिए, अहंकार की आग पहले दूसरों को नहीं, स्वयं को जलाती है। यदि साधु और संस्थाएँ नम्रता को अपना लें तो जैन समाज विश्व में आदर्श बन सकता है; पर यदि अहंकार को ही आभूषण बना लिया तो सम्मान धीरे-धीरे क्षीण हो जाएगा। यह लेख किसी विरोध से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन की पीड़ा से लिखा गया है। आशा है कि जो भी इसे पढ़े, वह स्वयं से एक प्रश्न अवश्य पूछे — क्या मैं विनम्र हूँ या केवल सम्मान का अभ्यस्त? क्योंकि अंत में टिकता वही है जो झुकना जानता है। नितिन जैन, संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा), जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल, मोबाइल: 9215635871 2026-02-17 07:29:05
6875 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Wandami matajii ?????????? 2026-02-17 07:28:05
6874 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म जैन मंदिर की ये मर्यादा जानते हैं आप? ? | दर्शन करते समय कभी न टोकें!एक गलती जो बन सकती है बड़ा पाप! ? | <a href="https://youtube.com/shorts/rgDI9Fo4pUQ?si=GfQCpmdrloTtsDmx&amp;fbclid=IwZXh0bgNhZW0CMTEAc3J0YwZhcHBfaWQMMzUwNjg1NTMxNzI4AAEenT7ISMhh29-McUNpbatM9o2R8hRpdIuXND_AN4R4zYuAAjSir4a0rElRP5w_aem_sjzFWrMrBofaIxFmeHe7DQ&amp;sfnsn=wiwspmo" target="_blank">https://youtube.com/shorts/rgDI9Fo4pUQ?si=GfQCpmdrloTtsDmx&amp;fbclid=IwZXh0bgNhZW0CMTEAc3J0YwZhcHBfaWQMMzUwNjg1NTMxNzI4AAEenT7ISMhh29-McUNpbatM9o2R8hRpdIuXND_AN4R4zYuAAjSir4a0rElRP5w_aem_sjzFWrMrBofaIxFmeHe7DQ&amp;sfnsn=wiwspmo</a> 2026-02-17 07:26:58
6873 40449734 3 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर *आज का सुविचार ??* 2026-02-17 07:26:44
6872 40449660 Acharya PulakSagarji 07 2026-02-17 07:26:09
6870 47501359 जैन बाल संस्कार चैनल 6 ?*DAY 3 जन्म कल्याणक सीधा प्रसारण* <a href="https://www.youtube.com/live/y5HuCulA8pU?si=z2Xs9_qGEofUMt3W" target="_blank">https://www.youtube.com/live/y5HuCulA8pU?si=z2Xs9_qGEofUMt3W</a> ?? *देखिए करनाल हरियाणा से सीधा प्रसारण श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का विशेष प्रसारण सिर्फ जैन बाल संस्कार चैनल पर* *चैनल के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े* <a href="https://chat.whatsapp.com/Hduv2mcmJYH9gT0NsuKzEc" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/Hduv2mcmJYH9gT0NsuKzEc</a> *जैन बाल संस्कार चैनल दिल्ली* 9917874166 2026-02-17 07:25:56
6871 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन <a href="https://youtube.com/shorts/9d9RU3bieew?si=LU7z-4Wi2mjdwl_t" target="_blank">https://youtube.com/shorts/9d9RU3bieew?si=LU7z-4Wi2mjdwl_t</a> 2026-02-17 07:25:56
6869 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म 2026-02-17 07:24:59