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76514 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) 2026-04-11 08:38:30
76513 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) 2026-04-11 08:38:29
76512 40449681 JAINAM JAYATI SHASANAM एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ। 1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ। अंतर्विलय समाधि *वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)* स्थान: *सीकर, राजस्थान* श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोनों ही तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर हुए। *तृतीय पट्टाचार्य, आचार्य श्री 108 धर्मसागर जी महाराज के 39वें समाधि अंतर्विलय वर्ष पर*— *कोटिशः नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु…* ?????? 2026-04-11 08:37:37
76511 40449681 JAINAM JAYATI SHASANAM एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ। 1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ। अंतर्विलय समाधि *वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)* स्थान: *सीकर, राजस्थान* श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोनों ही तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर हुए। *तृतीय पट्टाचार्य, आचार्य श्री 108 धर्मसागर जी महाराज के 39वें समाधि अंतर्विलय वर्ष पर*— *कोटिशः नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु…* ?????? 2026-04-11 08:37:36
76510 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) 2026-04-11 08:37:33
76509 40449699 3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) 2026-04-11 08:37:32
76507 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 08:37:05
76508 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 08:37:05
76505 40449789 KSG Jain News Gaurav Patni (1) एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ। 1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ। अंतर्विलय समाधि *वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)* स्थान: *सीकर, राजस्थान* श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोनों ही तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर हुए। *तृतीय पट्टाचार्य, आचार्य श्री 108 धर्मसागर जी महाराज के 39वें समाधि अंतर्विलय वर्ष पर*— *कोटिशः नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु…* ?????? 2026-04-11 08:36:27
76506 40449789 KSG Jain News Gaurav Patni (1) एक ऐसे महामना, भव्य पुण्यात्मा—जिनका जन्म भी तथा समाधि भी तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर संयोगवश हुआ। 1008 श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस के पावन अवसर से यह अद्भुत संयोग जुड़ा रहा कि दीक्षा के पश्चात उनका नाम भी श्री धर्मसागर जी हुआ। अंतर्विलय समाधि *वैशाख कृष्ण नवमी, विक्रम* *संवत 2044 (सन 1987)* स्थान: *सीकर, राजस्थान* श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के पावन दिन—ऐसे दिव्य पुण्यात्मा, जिनका जन्म तथा समाधि दोनों ही तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक दिवस पर हुए। *तृतीय पट्टाचार्य, आचार्य श्री 108 धर्मसागर जी महाराज के 39वें समाधि अंतर्विलय वर्ष पर*— *कोटिशः नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु…* ?????? 2026-04-11 08:36:27