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Message
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Status
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Date |
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40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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<a href="https://www.facebook.com/share/r/1Cgd6sKUKC/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/r/1Cgd6sKUKC/</a> आचार्य समय सागर महाराज की जय विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-12 15:34:19 |
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| 224718 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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<a href="https://www.facebook.com/share/v/1Cj2Z7h96b/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/v/1Cj2Z7h96b/</a> प्रमाण सागर महाराज की जय विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-12 15:32:24 |
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| 224717 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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<a href="https://www.facebook.com/share/v/1Cj2Z7h96b/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/v/1Cj2Z7h96b/</a> प्रमाण सागर महाराज की जय विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-12 15:32:23 |
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| 224715 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DZXz53vxC_D/?igsh=bDU1Y20xOW9laW5p" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DZXz53vxC_D/?igsh=bDU1Y20xOW9laW5p</a> |
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2026-06-12 15:31:18 |
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| 224716 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DZXz53vxC_D/?igsh=bDU1Y20xOW9laW5p" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DZXz53vxC_D/?igsh=bDU1Y20xOW9laW5p</a> |
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2026-06-12 15:31:18 |
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| 224714 |
40449764 |
?गिरनार आंदोलन होगा तेज़ - एक आगाज ? |
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nitin.gadkari@nic.in
email@nitingadkari.org
सेवा में, दिनांक : २८.०५.२०२६
माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री,
श्री नितिन गडकरी जी
भारत सरकार, नई दिल्ली।
विषय: राष्ट्रीय राजमार्गों पर जैन संतों की लगातार हो रही हत्याएं: सरकारी उदासीनता और तंत्र की विफलता के खिलाफ आक्रोश पत्र।
महोदय,
यह पत्र कोई सामान्य अनुरोध नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की गहरी पीड़ा, आक्रोश और व्यवस्था के प्रति घोर निराशा की अभिव्यक्ति है। अत्यंत क्षोभ का विषय है कि डिजिटल इंडिया और चमचमाते एक्सप्रेस-वे के इस आधुनिक दौर में, भारत की अध्यात्मिक धरोहर—हमारे परम पूज्य जैन साधु-साध्वी—राष्ट्रीय राजमार्गों पर लावारिसों की तरह तेज रफ्तार वाहनों द्वारा कुचले जा रहे हैं। हाल ही में रीवा (मध्य प्रदेश) में दो आर्यिका माताओं, और आज सुबह गुजरात में एक साधु महाराज जी की दर्दनाक मौत और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लगातार होते खून-खराबे ने यह साबित कर दिया है कि सरकार के लिए इन संतों के जीवन का कोई मूल्य नहीं है।
यह बेहद शर्मनाक है कि जो देश पूरी दुनिया में अहिंसा और संस्कृति का ढिंढोरा पीटता है, वही देश अपने उन संतों को सुरक्षित रास्ता तक नहीं दे पा रहा है जो पूरी जिंदगी नंगे पैर चलकर अहिंसा का संदेश देते हैं। राजमार्गों का विकास केवल कॉर्पोरेट गाड़ियों और भारी ट्रकों की अंधाधुंध रफ्तार के लिए नहीं होना चाहिए। विकास की इस अंधी दौड़ में पैदल चलने वाले संतों को मौत के मुंह में धकेल देना नीतिगत क्रूरता और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।
अतः, हम इस पत्र के माध्यम से निम्नलिखित तीखे सवाल और तात्कालिक मांगें आपके समक्ष रखते हैं:
अपराधिक लापरवाही बंद हो (Stop Criminal Negligence): भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सड़कों के डिजाइन में पैदल यात्रियों, विशेषकर संतों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज करना एक प्रशासनिक अपराध है। प्रमुख तीर्थ मार्गों पर तुरंत बैरियर-युक्त सुरक्षित फुटपाथ (Dedicated Walkways) का निर्माण युद्ध स्तर पर क्यों नहीं शुरू किया जाता?
सख्त कानून और जवाबदेही तय हो: जैन संतों को कुचलकर भागने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 'हिट एंड रन' के तहत सबसे सख्त गैर-जमानती कार्रवाई हो। साथ ही, जिस क्षेत्र में दुर्घटना हो, वहाँ के संबंधित राजमार्ग अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर भी लापरवाही का मामला दर्ज होना चाहिए।
'संत सुरक्षा कॉरिडोर' का निर्माण हो: गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के संवेदनशील हाईवे रूट्स को तुरंत 'संत सुरक्षा कॉरिडोर' घोषित किया जाए। वहां गति सीमा तय हो और रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य किया जाए।
खोखले आश्वासनों की जगह ठोस कार्रवाई हो: हम हर हादसे के बाद केवल शोक संदेश और खोखले आश्वासन सुनकर थक चुके हैं। सरकार तुरंत एक केंद्रीय टास्क फोर्स का गठन करे जो जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर संतों के विहार (Pad-Vihar) की सुरक्षा के लिए स्थायी ब्लूप्रिंट तैयार करे।
महोदय, अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं है। जैन समाज की शांतिप्रियता को सरकार उसकी कमजोरी समझने की भूल न करे। यदि हमारे संतों के खून से यूं ही सड़कें लाल होती रहीं, तो पूरे देश का समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आपके मंत्रालय और शासन की होगी।
हम तुरंत कड़े और ठोस जमीनी कदमों की उम्मीद करते हैं, कागजी दावों की नहीं।
आक्रोशित एवं व्यथित,
समस्त जैन समाज एवं भारत के न्यायप्रिय नागरिक |
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2026-06-12 15:30:56 |
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| 224713 |
40449764 |
?गिरनार आंदोलन होगा तेज़ - एक आगाज ? |
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nitin.gadkari@nic.in
email@nitingadkari.org
सेवा में, दिनांक : २८.०५.२०२६
माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री,
श्री नितिन गडकरी जी
भारत सरकार, नई दिल्ली।
विषय: राष्ट्रीय राजमार्गों पर जैन संतों की लगातार हो रही हत्याएं: सरकारी उदासीनता और तंत्र की विफलता के खिलाफ आक्रोश पत्र।
महोदय,
यह पत्र कोई सामान्य अनुरोध नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की गहरी पीड़ा, आक्रोश और व्यवस्था के प्रति घोर निराशा की अभिव्यक्ति है। अत्यंत क्षोभ का विषय है कि डिजिटल इंडिया और चमचमाते एक्सप्रेस-वे के इस आधुनिक दौर में, भारत की अध्यात्मिक धरोहर—हमारे परम पूज्य जैन साधु-साध्वी—राष्ट्रीय राजमार्गों पर लावारिसों की तरह तेज रफ्तार वाहनों द्वारा कुचले जा रहे हैं। हाल ही में रीवा (मध्य प्रदेश) में दो आर्यिका माताओं, और आज सुबह गुजरात में एक साधु महाराज जी की दर्दनाक मौत और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लगातार होते खून-खराबे ने यह साबित कर दिया है कि सरकार के लिए इन संतों के जीवन का कोई मूल्य नहीं है।
यह बेहद शर्मनाक है कि जो देश पूरी दुनिया में अहिंसा और संस्कृति का ढिंढोरा पीटता है, वही देश अपने उन संतों को सुरक्षित रास्ता तक नहीं दे पा रहा है जो पूरी जिंदगी नंगे पैर चलकर अहिंसा का संदेश देते हैं। राजमार्गों का विकास केवल कॉर्पोरेट गाड़ियों और भारी ट्रकों की अंधाधुंध रफ्तार के लिए नहीं होना चाहिए। विकास की इस अंधी दौड़ में पैदल चलने वाले संतों को मौत के मुंह में धकेल देना नीतिगत क्रूरता और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।
अतः, हम इस पत्र के माध्यम से निम्नलिखित तीखे सवाल और तात्कालिक मांगें आपके समक्ष रखते हैं:
अपराधिक लापरवाही बंद हो (Stop Criminal Negligence): भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सड़कों के डिजाइन में पैदल यात्रियों, विशेषकर संतों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज करना एक प्रशासनिक अपराध है। प्रमुख तीर्थ मार्गों पर तुरंत बैरियर-युक्त सुरक्षित फुटपाथ (Dedicated Walkways) का निर्माण युद्ध स्तर पर क्यों नहीं शुरू किया जाता?
सख्त कानून और जवाबदेही तय हो: जैन संतों को कुचलकर भागने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 'हिट एंड रन' के तहत सबसे सख्त गैर-जमानती कार्रवाई हो। साथ ही, जिस क्षेत्र में दुर्घटना हो, वहाँ के संबंधित राजमार्ग अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर भी लापरवाही का मामला दर्ज होना चाहिए।
'संत सुरक्षा कॉरिडोर' का निर्माण हो: गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के संवेदनशील हाईवे रूट्स को तुरंत 'संत सुरक्षा कॉरिडोर' घोषित किया जाए। वहां गति सीमा तय हो और रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य किया जाए।
खोखले आश्वासनों की जगह ठोस कार्रवाई हो: हम हर हादसे के बाद केवल शोक संदेश और खोखले आश्वासन सुनकर थक चुके हैं। सरकार तुरंत एक केंद्रीय टास्क फोर्स का गठन करे जो जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर संतों के विहार (Pad-Vihar) की सुरक्षा के लिए स्थायी ब्लूप्रिंट तैयार करे।
महोदय, अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं है। जैन समाज की शांतिप्रियता को सरकार उसकी कमजोरी समझने की भूल न करे। यदि हमारे संतों के खून से यूं ही सड़कें लाल होती रहीं, तो पूरे देश का समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आपके मंत्रालय और शासन की होगी।
हम तुरंत कड़े और ठोस जमीनी कदमों की उम्मीद करते हैं, कागजी दावों की नहीं।
आक्रोशित एवं व्यथित,
समस्त जैन समाज एवं भारत के न्यायप्रिय नागरिक |
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2026-06-12 15:30:55 |
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| 224712 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
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2026-06-12 15:24:02 |
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| 224711 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
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2026-06-12 15:24:01 |
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| 224709 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-06-12 15:23:26 |
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