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73001 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ *? दक्षिणपंथी और सनातन विचारधारा देश के जैन इतिहास का सर्वनाश करने में तुली हैं !!! ???️?️* ? अपनी जैन विचारधारा के पोषण हेतु इतिहास के अनेक तथ्यों से छेड़छाड़ और उनका खात्मा ही इनका उद्देश्य रह गया है, जिस परंपरा और धर्म में १००० साल से पहले मूर्तिपूजा नहीं थी जबरदस्ती उन स्थानों की खुदाई कराके वहां से मिलने वाले श्रमण परंपरा के प्रमाणों को अपने से जोड़ने का षड़यंत्र चल रहा है,इसके साथ ही एक धर्मविशेष के धार्मिक स्थलों को कब्जाने के उद्देश्य से,सर्वे के नाम पर तुड़वाकर असली स्थानों की खोज से लोगों का मूंह मोड़ रही है। ? भला हो उन अलेक्जेंडर कनिंघम,जोनाथन डंकन,जेम्स प्रिंसेप,जेम्स बर्गेस , हर्मन जैकोबी,जाॅन मार्शल जैसे यूरोपियन अधिकारियों का जिनने हम पर उपकार करके हमारे इतिहास के चुनिंदा तथ्य हमारे सामने रख दिए अन्यथा आज तक हम अशोक के स्तम्भों को भीम की लाट,मथुरा को कंकाली कृष्ण मंदिर और खारवेल की गुफाओं को अष्टभुजी देवी का आशीर्वाद मानकर ढो रहे होते। ? अगर राइटिस्ट विंग इतनी ही इतिहास प्रेमी हैं तो क्यों तीर्थंकरों की जन्मभूमि, निर्वाणभूमियों में उत्खनन की बात से मुंह मोड़ती है? क्यों मथुरा, पावा, अयोध्या, अहिच्छत्र, मदुरै, कांची का उत्खनन रोक रखा है? ? भारत के बुद्धिजीवियों को अपने देश की संस्कृति बचानी है,यहां के मूल धर्मों का इतिहास सुरक्षित रखना है तो बिना देर किए इनके खतरनाक मंसूबों को समझना होगा अन्यथा श्रमण धर्मों को एक दिन यह ओफिसियल अपनी शाखा घोषित करवा देंगे और बुद्ध की तरह तीर्थंकरों को काल्पनिक देवता का अवतार। ? जय जिनेंद्र ? 2026-04-09 20:06:30
73002 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ *? दक्षिणपंथी और सनातन विचारधारा देश के जैन इतिहास का सर्वनाश करने में तुली हैं !!! ???️?️* ? अपनी जैन विचारधारा के पोषण हेतु इतिहास के अनेक तथ्यों से छेड़छाड़ और उनका खात्मा ही इनका उद्देश्य रह गया है, जिस परंपरा और धर्म में १००० साल से पहले मूर्तिपूजा नहीं थी जबरदस्ती उन स्थानों की खुदाई कराके वहां से मिलने वाले श्रमण परंपरा के प्रमाणों को अपने से जोड़ने का षड़यंत्र चल रहा है,इसके साथ ही एक धर्मविशेष के धार्मिक स्थलों को कब्जाने के उद्देश्य से,सर्वे के नाम पर तुड़वाकर असली स्थानों की खोज से लोगों का मूंह मोड़ रही है। ? भला हो उन अलेक्जेंडर कनिंघम,जोनाथन डंकन,जेम्स प्रिंसेप,जेम्स बर्गेस , हर्मन जैकोबी,जाॅन मार्शल जैसे यूरोपियन अधिकारियों का जिनने हम पर उपकार करके हमारे इतिहास के चुनिंदा तथ्य हमारे सामने रख दिए अन्यथा आज तक हम अशोक के स्तम्भों को भीम की लाट,मथुरा को कंकाली कृष्ण मंदिर और खारवेल की गुफाओं को अष्टभुजी देवी का आशीर्वाद मानकर ढो रहे होते। ? अगर राइटिस्ट विंग इतनी ही इतिहास प्रेमी हैं तो क्यों तीर्थंकरों की जन्मभूमि, निर्वाणभूमियों में उत्खनन की बात से मुंह मोड़ती है? क्यों मथुरा, पावा, अयोध्या, अहिच्छत्र, मदुरै, कांची का उत्खनन रोक रखा है? ? भारत के बुद्धिजीवियों को अपने देश की संस्कृति बचानी है,यहां के मूल धर्मों का इतिहास सुरक्षित रखना है तो बिना देर किए इनके खतरनाक मंसूबों को समझना होगा अन्यथा श्रमण धर्मों को एक दिन यह ओफिसियल अपनी शाखा घोषित करवा देंगे और बुद्ध की तरह तीर्थंकरों को काल्पनिक देवता का अवतार। ? जय जिनेंद्र ? 2026-04-09 20:06:30
72997 40449751 Akola Vishistashri Mataji Vihar स्वर्गीय श्रीमान राजेंद्र जी गुमानमलजी बाकलिवाल साबके 11 वे स्मृति वर्ष प्रसंग पर भावपूर्ण श्रध्दांजली. श्रीमान स्वर्गीय राजेंद्रजी बाकलिवाल जी के स्मृति प्रीत्यर्थ उनकी धर्म पत्नी श्रीमती मीनादेवी तथा पुत्र किशोर जी एवं पुत्रवधू वर्षा जी बाकलिवाल परिवार ने आज खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत के तत्त्वावधान में जो नूतन भूमि हेतु जो भूमिदान योजना चल रही है उस योजना में आपनी परिवार के द्वारा 1,08,000 / रुपये राशि पंचायत को प्रदान कर अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया, बाकलिवाल परिवार के इस बहुमूल्य सहयोग के प्रति उनका आत्मिक धन्यवाद.... साथियों, सभी समाज का यदि इसी प्रकार का सहयोग मिला तो पंचायत नूतन भूमि की खरेदी खत की प्रक्रिया जल्द ही पूर्ण करने जा रही है यह कार्य समाज के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता है अतएव सभी खंडेलवाल दिगंबर जैन समाज बंधुओं से प्रार्थना पूर्वक निवेदन है कि शीघ्र आती शीघ्र इस कार्य में सहयोग प्रदान करे यह भूमि समाज हित में अत्यंत महत्वपूर्ण ऐसी भूमि है आप अवश्य सहयोग करे यह पुन्ह निवेदन. मंदिर जी बाकी जिस परिवार पर भी बाकी है वे आवश्य जमा करके भी अपना सहयोग प्रदान कर सकते है. धन्यवाद आपका अपना खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत पार्श्वनाथ मंदिर छत्रपती संभाजी नगर. ???????? 2026-04-09 20:05:12
72998 40449726 साहुं शरणं नवग्रह तीर्थ वरुर आचार्य श्री गुणधरनंदीजी महाराज 2026-04-09 20:05:12
72999 40449751 Akola Vishistashri Mataji Vihar स्वर्गीय श्रीमान राजेंद्र जी गुमानमलजी बाकलिवाल साबके 11 वे स्मृति वर्ष प्रसंग पर भावपूर्ण श्रध्दांजली. श्रीमान स्वर्गीय राजेंद्रजी बाकलिवाल जी के स्मृति प्रीत्यर्थ उनकी धर्म पत्नी श्रीमती मीनादेवी तथा पुत्र किशोर जी एवं पुत्रवधू वर्षा जी बाकलिवाल परिवार ने आज खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत के तत्त्वावधान में जो नूतन भूमि हेतु जो भूमिदान योजना चल रही है उस योजना में आपनी परिवार के द्वारा 1,08,000 / रुपये राशि पंचायत को प्रदान कर अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया, बाकलिवाल परिवार के इस बहुमूल्य सहयोग के प्रति उनका आत्मिक धन्यवाद.... साथियों, सभी समाज का यदि इसी प्रकार का सहयोग मिला तो पंचायत नूतन भूमि की खरेदी खत की प्रक्रिया जल्द ही पूर्ण करने जा रही है यह कार्य समाज के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता है अतएव सभी खंडेलवाल दिगंबर जैन समाज बंधुओं से प्रार्थना पूर्वक निवेदन है कि शीघ्र आती शीघ्र इस कार्य में सहयोग प्रदान करे यह भूमि समाज हित में अत्यंत महत्वपूर्ण ऐसी भूमि है आप अवश्य सहयोग करे यह पुन्ह निवेदन. मंदिर जी बाकी जिस परिवार पर भी बाकी है वे आवश्य जमा करके भी अपना सहयोग प्रदान कर सकते है. धन्यवाद आपका अपना खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत पार्श्वनाथ मंदिर छत्रपती संभाजी नगर. ???????? 2026-04-09 20:05:12
73000 40449726 साहुं शरणं नवग्रह तीर्थ वरुर आचार्य श्री गुणधरनंदीजी महाराज 2026-04-09 20:05:12
72995 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? ??? 2026-04-09 20:01:55
72996 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? ??? 2026-04-09 20:01:55
72994 40449657 ?️?SARVARTHASIDDHI ??️ *ಜೈನ ಸುದ್ದಿಗಳು & ಇತಿಹಾಸ* *JAIN NEWS & HISTORY* *ದ್ವಿತೀಯ ಪಿಯುಸಿ ಪರೀಕ್ಷೆಯಲ್ಲಿ ಡಿಸ್ಟಿಂಗ್ಷನ್ ಅಂಕ ಪಡೆದು ಉತ್ತೀರ್ಣ* ಕಾರವಾರ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಹಳಿಯಾಳ ತಾಲೂಕಿನ ಹವಗಿ ಗ್ರಾಮದ ಶ್ರೀ ಮಹಾವೀರ ಅಪ್ಪಾಜಿ ಉಪಾಧ್ಯೆ ಇವರ ಸುಪುತ್ರ , ಕಾರ್ಕಳದ ಕ್ರಿಯೇಟಿವ ಕಾಲೇಜಿನ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿ ಕು. ಸುಮೇರು ಮಹಾವೀರ ಉಪಾಧ್ಯೆ ಇವನು ೬೦೦ ಕ್ಕೆ ೫೭೬ ಅಂಕ ಪಡೆದು ಡಿಸ್ಟಿಂಗ್ಷನ್ ನಲ್ಲಿ ಪಾಸಾಗಿದ್ದಾನೆ . ಅವನಿಗೆ ಸಮಸ್ತ ಜೈನ ಸಮಾಜದ ಪರವಾಗಿ ಹಾರ್ದಿಕ ಶುಭಾಶಯಗಳು. ಜೈ ಜಿನೇಂದ್ರ 2026-04-09 20:00:42
72992 40449687 अध्यात्मयोगी <a href="https://youtube.com/live/fYsHq1DKlx8?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/live/fYsHq1DKlx8?feature=share</a> _*?53#शुद्धनिश्चयनयसे अर्हन्त, सिद्धभगवान अपने२ शुद्धपर्याय के कर्ता और परमशुद्धनिश्चयनयसे अर्हन्त-सिद्धप्रभु सहित सभी जीव अकर्ता-इस स्यात् कर्ता-अकर्ता रुप अनेकान्त से नित्यार्थक्रियाका अभाव निजध्रुवशुद्धप्रभु में कैसे सिद्ध होता हैं? इस अनेकान्त के सम्यक् परिज्ञान से ही मुक्तीसुंदरी की प्राप्ति सहज सुलभ कैसे?-पं.अनिलजी, पुणे।*_ *#गाथा सूत्र२७?जितना आकाश अविभागी पुद्गलाणु से रोका जाता है उसे सर्व अणुओंको स्थान देनेमें योग्य प्रदेश जानो।* *#अनादि-अनंत अविनश्वर निजध्रुवशुद्ध प्रभु में नित्यार्थक्रिया की कल्पना वाले जीव नियमसे परम आनंदमय सुखामृतके रसास्वादसे पराङ्गमुख बहिरात्मा ही होते हैं। ?वे आस्त्रव,बंध, पाप और पापानुबंधी पुण्यादि के अनुपचरित असद्भूत व्यवहार नयसे कर्ता हैं।* *#अन्तरात्मा-उक्त बहिरात्मा से विलक्षण लक्षणवाले सम्यग्दृष्टि जीव को द्रव्यरुप, संवर, निर्जरा और मोक्ष पदार्थका कर्तृत्व अनुपचरित असद्भूत व्यवहारनयसे हैं, और जीवभाव पर्यायरुप संवर-निर्जरा-मोक्ष पदार्थोंका कर्तृत्व विवक्षित एकदेश शुद्धनिश्चयनयसे है।* *#परमशुद्धनिश्चयनयसे ? सभी जीव नित्यानित्यार्थक्रियारहित होनेसे ना उत्पन्न होते हैं नाही मरते हैं, तथा नाही बंध-मोक्ष करते हैं। इस वचनसे जन्म, मरण, बंधमोक्ष से रहित हैं।* *#बृहद-द्रव्यसंग्रह गाथा सूत्र २७ पृष्ठ क्रं ९५ से ९६।* 2026-04-09 20:00:41