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40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
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2026-02-13 15:38:37 |
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40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
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2026-02-13 15:38:35 |
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40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
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2026-02-13 15:38:33 |
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40449659 |
सकल जैन महिला मंडळ फलटण |
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2026-02-13 15:38:32 |
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40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-02-13 15:34:35 |
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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<a href="https://youtu.be/e87XYuvsvSo?si=NMfbHtHJzyEcvLSx" target="_blank">https://youtu.be/e87XYuvsvSo?si=NMfbHtHJzyEcvLSx</a>
*तीसरा आरा= सुखमा दुःखमा आरा*
*श्री तिर्थंकर चरित्र 25*
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?*धन्यवाद* ? |
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2026-02-13 15:32:49 |
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40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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<a href="https://youtube.com/shorts/6fR9NcgFyXs?si=L62yC_FAHFcPhTcE" target="_blank">https://youtube.com/shorts/6fR9NcgFyXs?si=L62yC_FAHFcPhTcE</a> |
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2026-02-13 15:32:32 |
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40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
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*प्रेरणा मुनि श्री 108 विनिबोध सागर मुनिराज जी*
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
????????✨✨
*आज का क्लास में पढ़ाया*
*अन्तराय का कारण*
?श्रुत वाणी प्रतियोगिता क्लास - प्रत्येक दिन - 2:30 PM - 3:00 PM??
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समाधि देशना : 322
काय शुद्धि न हो, कोई भी अशुद्धि होगी फिर भी जबरदस्ता तुम प्रवेश कर गए तो पुण्य का
आस्त्रव तो होगा, लेकिन भवनत्रिक में जाना पड़ेगा, इसीलिए पूर्ण शुद्धि का ध्यान रखना पात्र की
अशुद्धि और दाता की अशुद्धि, दोनों की अशुद्धि से अन्तराय आता है। यदि माना कि कोई मुनिराज
हैं, उनके मन में कोई संक्लेशता आती है, विकल्प आ गया और आहार को उठ गए। पूरा दोष दाता
पर ही नहीं मढ़ा जा सकता है, यदि पात्र के परिणाम भी संक्लेशित हैं, तो अन्तराय आ जाएगा। यदि
दाता दान तो देना चाहता है, परन्तु संक्लेशित भाव रख रहा है, किसी भी निमित्त से हो, यह सोच
रहा हो मुझे पड़गाहन तो सुव्रतसागर का करना था आ निर्ग्रन्थसागर गए। वो भी संक्लेशता बन चुकी है तुमने सोच लिया था कि आज आचार्य महाराज आएँगे. लेकिन नहीं आए, दूसरे महाराज जी आ गए, तो मन उदास हो गया। उस उदासी में दुसरे महाराज गए और तुम्हारा मन लग ही नहीं रहा था तो अन्तराय आ गया। अथवा महाराज जी ने सोच लिया आज तो मुझे इनके यहाँ आहार करने जाना है, लेकिन दूसरे महाराज पहले से पहुँच गए। अब मन में भाव आ गया कि मुझे जाना था, लेकिन कभी खाली नहीं मिलता है, मैं क्या करूँ? संक्लेश भाव से दूसरे के चौका में गए सो अन्तराय आ गया। यह बहुत गूढ़ विषय है। पात्र के स्वयं की संक्लेशता से भी होता है और दोष छोटों पर आता है।
*विमल विराग फाउंडेशन ट्रस्ट (रजि) गुरुग्राम हरियाणा*
*मनोजजैन* *शिल्पा जैन*
*अध्यक्ष* *महामंत्री*
*आशीष जैन कोषाध्य्क्ष* |
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2026-02-13 15:30:17 |
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*मेरु तेरस का महिमा*
(एनिमेटेड कहानी)
आज दादा का केवलज्ञान कल्याणक हे।
*श्री आदिनाथ दादा के हर कल्याणक की आराधना का महिमा अपरंपार हे।*
यह चौबीसी के जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव दादा के निर्वाण कल्याणक के दिन मेरु तेरस की आराधना की जाती है।
इस तेरस की आराधना से पिंगलकुमार को किस प्रकार दिव्य फल प्राप्त हुआ, इसकी कथा भगवान महावीर स्वामी अपने शिष्य गौतम स्वामी को सुनाते हैं।
तो आइए, इस महान मेरु तेरस के तप का महत्व जानें।
*कहानी हिंदी में*??
<a href="https://youtu.be/HPQy1_Oqqto?si=w0xQgmkBLtT25tNt" target="_blank">https://youtu.be/HPQy1_Oqqto?si=w0xQgmkBLtT25tNt</a>
*કહાની ગુજરાતી માં*??
<a href="https://youtu.be/Vs3u0mWmZk0?si=pIeDfh0d1NYmVvQD" target="_blank">https://youtu.be/Vs3u0mWmZk0?si=pIeDfh0d1NYmVvQD</a>
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2026-02-13 15:28:08 |
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40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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2026-02-13 15:28:00 |
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