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8180 48340398 ???गुरु भगवान??? 2026-02-18 06:08:49
8179 40449705 ☸️ अच्छीबातेअमृतवाणी ग्रुप *जय जिनेन्द्र* लोग ब्लडप्रेशर के डर से नमक खाना छोड़ देते है शुगर के डर से मीठा खाना छोड़ देते है लेकिन भगवान के डर से दुसरे के हक का खाना क्यों नहीं छोड़ते। *शुभ प्रभात* 2026-02-18 06:08:42
8178 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म *आज बुधवार १००८ श्री शांतिनाथ भगवान जी का दिन है*?????? *ॐ ह्री श्री‌ शांतिनाथ जिनेन्द्राय नमः*?? ???????? नित चालीसहि बार, पाठ करें चालीस दिन | खेये सुगंध सुसार, शांतिनाथ के सामने || होवे चित्त प्रसन्न, भय शंका चिंता मिटे | पाप होय सब हनन्, बल विद्या वैभव बढे || जल फलादि वसु द्रव्य संवारे, अर्घ चढ़ाये मंगल गाय। 'बखत रतन' के तुम ही साहिब, दीज्यो शिवपुर राज कराय।। शांतिनाथ पंचम चक्रेश्वर , द्वादश मदन तनो पद पाय। तिन के चरण कमल के पूजे, रोग शोक दु:ख दारिद जाय।। ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथ जिनेन्द्राय अनर्घ्यपद-प्राप्तये अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा। ?? *देवाधिदेव श्री १००८ श्रीशांतिनाथ भगवान की जय*? *दिन की शुरुआत १००८ श्री शांतिनाथ भगवान के दर्शन के साथ* ?????. ❤❤❤❤❤ ? *जय जिनेन्द्र सुप्रभात*? ?❤❤❤❤❤? *सभी को सपरिवार सादर जयजिनेंद्र, शुभप्रभात और नमस्कार..*??? *आपके जीवन में धर्म आराधना, सुख, शांति, समृद्धि, सम्पति, संयम, सादगी, सफलता, साधना, संस्कार और स्वास्थ्य की वृद्धि हो ...जय जिनेंद्र*???????????? 2026-02-18 06:05:15
8177 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Ashirwad 2026-02-18 06:04:28
8176 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-02-18 06:03:42
8175 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *इस रात से गहरी रात कोई नहीं होगी,* *ये वो रात है जिसकी सुबह नहीं होगी।* *किसको पता था एक भोर ऐसी होगी ,* *सारे जगत को ये खबर झकझोर देगी।* *ब्रह्म मुहूर्त की घड़ी ये शुभ नही रही ,* *जिसने भी सुना वो न कर रहा यक़ीन।* *हे निर्मोही ये कौनसा क़रार कर गये ,* *अनियत विहारी महा विहार कर गए ।* *चंद्रगिरि में पूनम का चंद्र अस्त हो गया ,* *पल भर में ही सब अस्त व्यस्त हो गया ।* *वो परमपिता हमको अनाथ कर गए ,* *एक क्षण में सबका परित्याग कर गए ।* *...???‍♀️...* ? *१७ फरवरी २०२४* 2026-02-18 06:03:03
8174 40449675 ?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? 2026-02-18 06:01:11
8173 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?? *इन्सान के लिए "ईश्वर" की "खोज" ठीक वैसी ही है...* *जैसे कोई भुल्लकड़ आदमी चश्मा लगा कर फिर उसी चश्मे को ढूंढता फिरता है..!!* जय जिनेंद्र 2026-02-18 05:59:42
8172 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?? *प्रेरक वचन*?? दुनिया में बेकार नाम की कोई चीज नहीं है। जो वृक्ष फल, फूल, पत्ती, छाया तक नहीं दे सकता वह उपयोगी लकड़ी प्रदान कर देता है ? ? *जय जिनेन्द्र*? 2026-02-18 05:59:39
8171 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Wandami mataji 2026-02-18 05:57:38