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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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50889696 |
श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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हे |
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2026-04-12 22:10:17 |
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| 80942 |
50889696 |
श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी |
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हे |
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2026-04-12 22:10:17 |
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| 80939 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 22:10:07 |
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| 80940 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 22:10:07 |
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| 80938 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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हस्तिनापुर की पावन धरा, शांतिनाथ भगवान का सानिध्य और अभिषेक की वो पवित्र बूंदें... मन को एक असीम शांति मिल गई। आज की दिव्य शांतिधारा का सौभाग्य मिला। ?✨#jainism #hastinapur #shantinathbhagwan #jainteerth #shantidhara
<a href="https://www.instagram.com/reel/DXCIPECxOe7/?igsh=d3pmNXN2ZWIzOXJm" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXCIPECxOe7/?igsh=d3pmNXN2ZWIzOXJm</a> |
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2026-04-12 22:08:10 |
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| 80937 |
40449677 |
तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन |
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हस्तिनापुर की पावन धरा, शांतिनाथ भगवान का सानिध्य और अभिषेक की वो पवित्र बूंदें... मन को एक असीम शांति मिल गई। आज की दिव्य शांतिधारा का सौभाग्य मिला। ?✨#jainism #hastinapur #shantinathbhagwan #jainteerth #shantidhara
<a href="https://www.instagram.com/reel/DXCIPECxOe7/?igsh=d3pmNXN2ZWIzOXJm" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DXCIPECxOe7/?igsh=d3pmNXN2ZWIzOXJm</a> |
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2026-04-12 22:08:09 |
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| 80936 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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बहुत समझाया *"ईर्ष्या"* छोड़ो,
लेकिन वो *हमें छोड़ने को तैयार हो गए* , ईर्ष्या नही छोड़ी।
*ईर्ष्या -* दूसरों की सफलता, संपत्ति या गुणों को देखकर होने वाली *जलन* , *कुढ़न* या *हीन भावना* है।
ईर्ष्या करने वाला अपना *शरीर* और वहां का *माहौल* दोनों को खराब करता है। जब उसके सामने किसी की प्रशंसा की जाए तो वह तत्काल उसकी निंदा, अपशब्द और स्व की प्रशंसा करने लग जाता है। यहां तक की उसको बदनाम करने के भी कार्य करता है।
*ईर्ष्या क्यों करना ?* वह व्यक्ति अपने *भाग्य* और *पुरुषार्थ* से सफलता, संपत्ति, यश को प्राप्त कर रहा है। ईर्ष्या करने से उसका कुछ बिगड़ने वाला नही है, वो तो कर्मोदय से चल रहा है।
*ईर्ष्या से आपका नुकसान जरूर होगा* ।
आपका वो अच्छा समय छूट जाएगा । आपकी गुणग्राही भावना नही रहेगी। आपके संबंध खराब हो जाएंगे। आपको तीव्र संक्लेश होगा इत्यादि..
अभी भी समय है, *ईर्ष्या छोड़ दो...?*
*पुरुषार्थ* करो - *सफलता* पाओ।
ॐ।। |
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2026-04-12 22:07:48 |
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| 80935 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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बहुत समझाया *"ईर्ष्या"* छोड़ो,
लेकिन वो *हमें छोड़ने को तैयार हो गए* , ईर्ष्या नही छोड़ी।
*ईर्ष्या -* दूसरों की सफलता, संपत्ति या गुणों को देखकर होने वाली *जलन* , *कुढ़न* या *हीन भावना* है।
ईर्ष्या करने वाला अपना *शरीर* और वहां का *माहौल* दोनों को खराब करता है। जब उसके सामने किसी की प्रशंसा की जाए तो वह तत्काल उसकी निंदा, अपशब्द और स्व की प्रशंसा करने लग जाता है। यहां तक की उसको बदनाम करने के भी कार्य करता है।
*ईर्ष्या क्यों करना ?* वह व्यक्ति अपने *भाग्य* और *पुरुषार्थ* से सफलता, संपत्ति, यश को प्राप्त कर रहा है। ईर्ष्या करने से उसका कुछ बिगड़ने वाला नही है, वो तो कर्मोदय से चल रहा है।
*ईर्ष्या से आपका नुकसान जरूर होगा* ।
आपका वो अच्छा समय छूट जाएगा । आपकी गुणग्राही भावना नही रहेगी। आपके संबंध खराब हो जाएंगे। आपको तीव्र संक्लेश होगा इत्यादि..
अभी भी समय है, *ईर्ष्या छोड़ दो...?*
*पुरुषार्थ* करो - *सफलता* पाओ।
ॐ।। |
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2026-04-12 22:07:47 |
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| 80934 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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2026-04-12 22:07:45 |
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| 80933 |
40449685 |
?2️⃣Pragya Shraman network? |
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2026-04-12 22:07:44 |
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