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Message
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Date |
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40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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?????परम पूज्य मुनि श्री 108 समता सागर जी महाराज जी के चरणों में कोटि कोटि-कोटि नमन ?????कुटुंब परिवार के सभी सदस्यों को सादर जय जिनेंद्र ????? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-15 07:32:08 |
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| 231337 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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?साधु का संबल? ?1} सर्वश्रेष्ठ भक्तजन दयासिंधु साधु के प्रति विश्वासी रहते हैं, उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और दुनिया की शरण छोड़कर उनके चरणों में जाने की भावना रखते हैं। ?2} जब गुरु को देखकर कायोत्सर्ग करते हैं तो बड़ी से बड़ी बीमारी उनके चमत्कार से दूर हो जाती है, स्वस्थ हो जाते हैं। एक महात्मा को समझने के लिए मूक भाषा ही काफी है और वह अपने शिष्य को अनुकंपा से भर देते हैं। ?3} जो भक्त भगवान मानकर उनकी पूजा करते हैं तो ऐसे साधु उनके निज लोक में समाये रहते हैं। महामना महात्मा स्वयं को ही... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-15 07:30:44 |
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| 231338 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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?साधु का संबल? ?1} सर्वश्रेष्ठ भक्तजन दयासिंधु साधु के प्रति विश्वासी रहते हैं, उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और दुनिया की शरण छोड़कर उनके चरणों में जाने की भावना रखते हैं। ?2} जब गुरु को देखकर कायोत्सर्ग करते हैं तो बड़ी से बड़ी बीमारी उनके चमत्कार से दूर हो जाती है, स्वस्थ हो जाते हैं। एक महात्मा को समझने के लिए मूक भाषा ही काफी है और वह अपने शिष्य को अनुकंपा से भर देते हैं। ?3} जो भक्त भगवान मानकर उनकी पूजा करते हैं तो ऐसे साधु उनके निज लोक में समाये रहते हैं। महामना महात्मा स्वयं को ही... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-15 07:30:44 |
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40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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?साधु का संबल? ?1} सर्वश्रेष्ठ भक्तजन दयासिंधु साधु के प्रति विश्वासी रहते हैं, उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और दुनिया की शरण छोड़कर उनके चरणों में जाने की भावना रखते हैं। ?2} जब गुरु को देखकर कायोत्सर्ग करते हैं तो बड़ी से बड़ी बीमारी उनके चमत्कार से दूर हो जाती है, स्वस्थ हो जाते हैं। एक महात्मा को समझने के लिए मूक भाषा ही काफी है और वह अपने शिष्य को अनुकंपा से भर देते हैं। ?3} जो भक्त भगवान मानकर उनकी पूजा करते हैं तो ऐसे साधु उनके निज लोक में समाये रहते हैं। महामना महात्मा स्वयं को ही... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-15 07:30:44 |
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40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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?साधु का संबल? ?1} सर्वश्रेष्ठ भक्तजन दयासिंधु साधु के प्रति विश्वासी रहते हैं, उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और दुनिया की शरण छोड़कर उनके चरणों में जाने की भावना रखते हैं। ?2} जब गुरु को देखकर कायोत्सर्ग करते हैं तो बड़ी से बड़ी बीमारी उनके चमत्कार से दूर हो जाती है, स्वस्थ हो जाते हैं। एक महात्मा को समझने के लिए मूक भाषा ही काफी है और वह अपने शिष्य को अनुकंपा से भर देते हैं। ?3} जो भक्त भगवान मानकर उनकी पूजा करते हैं तो ऐसे साधु उनके निज लोक में समाये रहते हैं। महामना महात्मा स्वयं को ही... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188809018?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-15 07:30:44 |
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| 231335 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-06-15 07:29:53 |
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-06-15 07:29:53 |
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40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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*जिन दर्शन में इस रविवार सांगानेर के मंदिर*
इस रविवार 21 जून को प्रातः 7:00 बजे से देव दर्शन यात्रा श्री दि.जैन मंदिर यतियशोदानन्दजी चौड़ा रास्ता से *सांगानेर के 7 प्राचीन भव्य मदिरों के देव दर्शन करते हए* वापस चौड़ा रास्ता यतियशोदानन्दजी मंदिर पहुंचेगी।
*दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए चौड़ा रास्ता मंदिर के साथ-साथ दुर्गापुरा मंदिर से भी शामिल करने की व्यवस्था भी रहेगी* आप निम्न नंबरों पर पूर्व में *सूचित कर चौड़ा रास्ता या दुर्गापुरा अपना स्थान आरक्षित करवाये* इससे व्यवस्था में सुविधा रहती है।
कमलजी बगड़ा 9314261435
मनोजजी बगड़ा 9413966945
सुनीलाजी जैन 9950846368
यह जिन मंदिर दर्शन यात्रा ई-रिक्शा के माध्यम से *स्वेच्छा सहयोग राशि पर कराई जा रही है* जिसमें जैन विद्वान भी साथ रहेंगे जो आपको उन मंदिरों के इतिहास तथा विशिष्ट महत्व से भी अवगत कराएंगे। पूरे दर्शन करने में लगभग 3 घंटे का समय लगेगा।
*(प्रत्येक इच्छुक दर्शनार्थी तक यह सूचना पहुंच सके इसके लिए आप अपने एवं अपने मंदिर परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में भेज कर सहयोग करें)*
*विशेष आग्रह*
प्रत्येक कॉलोनी की मंदिर कार्यकारिणी, मंदिर परिवार एवं रहने वाले सदस्यो से विशेष अनुरोध है कि *शहर की अपनी पुरानी भव्य धरोहरों के दर्शन के लिए आप स्वयं भी पधारे एवं लोगों को भी लगातार प्रेरित करें।*
प्रेरणा एवं सहयोगी:
*जयपुर जैन सभा समिति*
श्री दि. जैन मंदिर यति यशोदानंदजी
342, चौड़ा रास्ता, जयपुर |
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2026-06-15 07:29:45 |
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| 231334 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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*जिन दर्शन में इस रविवार सांगानेर के मंदिर*
इस रविवार 21 जून को प्रातः 7:00 बजे से देव दर्शन यात्रा श्री दि.जैन मंदिर यतियशोदानन्दजी चौड़ा रास्ता से *सांगानेर के 7 प्राचीन भव्य मदिरों के देव दर्शन करते हए* वापस चौड़ा रास्ता यतियशोदानन्दजी मंदिर पहुंचेगी।
*दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए चौड़ा रास्ता मंदिर के साथ-साथ दुर्गापुरा मंदिर से भी शामिल करने की व्यवस्था भी रहेगी* आप निम्न नंबरों पर पूर्व में *सूचित कर चौड़ा रास्ता या दुर्गापुरा अपना स्थान आरक्षित करवाये* इससे व्यवस्था में सुविधा रहती है।
कमलजी बगड़ा 9314261435
मनोजजी बगड़ा 9413966945
सुनीलाजी जैन 9950846368
यह जिन मंदिर दर्शन यात्रा ई-रिक्शा के माध्यम से *स्वेच्छा सहयोग राशि पर कराई जा रही है* जिसमें जैन विद्वान भी साथ रहेंगे जो आपको उन मंदिरों के इतिहास तथा विशिष्ट महत्व से भी अवगत कराएंगे। पूरे दर्शन करने में लगभग 3 घंटे का समय लगेगा।
*(प्रत्येक इच्छुक दर्शनार्थी तक यह सूचना पहुंच सके इसके लिए आप अपने एवं अपने मंदिर परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में भेज कर सहयोग करें)*
*विशेष आग्रह*
प्रत्येक कॉलोनी की मंदिर कार्यकारिणी, मंदिर परिवार एवं रहने वाले सदस्यो से विशेष अनुरोध है कि *शहर की अपनी पुरानी भव्य धरोहरों के दर्शन के लिए आप स्वयं भी पधारे एवं लोगों को भी लगातार प्रेरित करें।*
प्रेरणा एवं सहयोगी:
*जयपुर जैन सभा समिति*
श्री दि. जैन मंदिर यति यशोदानंदजी
342, चौड़ा रास्ता, जयपुर |
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2026-06-15 07:29:45 |
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49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-15 07:29:25 |
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