| ID |
Chat ID
|
Chat Name
|
Sender
|
Phone
|
Message
|
Status
|
Date |
View |
| 10358 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
|
|
<a href="https://www.facebook.com/share/14SiZ5gyVMb/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/14SiZ5gyVMb/</a> |
|
2026-02-19 15:19:46 |
|
| 10357 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
<a href="https://youtube.com/shorts/rMv0r1HKYVg?feature=share" target="_blank">https://youtube.com/shorts/rMv0r1HKYVg?feature=share</a> |
|
2026-02-19 15:18:42 |
|
| 10355 |
40449730 |
True Jainism |
|
|
*अब मुसलमान व ईसाई नहीं हिन्दूवादी कह रहे है कि जैन समुदाय देश के लिए घातक व दुश्मन है……….!*???????????संघ व शाखा के नायक भागवती जी के सबसे बड़े समर्थक,मोदीजी के सबसे बड़े अंधभक्त और भाजपा के पक्ष में प्रचार के सबसे बड़े भोंपू जगतगुरु रामभद्राचार्य जी एलानिया जैनों को धमकाते व डराते कहते है कि जैन तो अतिक्रमणकारी,आक्रमणकारी, आतंकवादी और घातक है और पिछले कुछ दिन पहले ही तमिलनाडु के हाईकोर्ट के एक जज ने सारी सीमाएं पार कर अपने एक आदेश में यही गंभीर व सनसनीखेज आरोप जैनों पर लगाए ही नहीं बल्कि ऐसा फैसला भी दिया है,याने इन दोनों वैदिक ब्राह्मणवादियों की दृष्टि में जैन समुदाय मुसलमानों व ईसाइयों से ज़्यादा घातक व वे देश के लिए बहुत बड़े दुश्मन है,
हम यह भी कैसे भुल सकते है कि चार वर्ष पहले मुम्बई में पर्युषण पर्व पर मांस विक्रय पर प्रतिबंध की माँग से उठे हालातों पर बिफर कर भाजपा के साथ सत्ता के भागीदार व हिन्दू हृदय सम्राट उद्धवजी ने कहा कि जैनियों तुम अपनी औक़ात में रहों और जान लो कि मुसलमानों व ईसाइयों को तो मुँह छिपाने के लिए दर्जनों देश मिल ही जाएँगे मगर जैनों के लिए एक जगह नसीब नहीं होगी याने मांस व कत्लखानों पर बोलने वाला अहिंसा का पुजारी जैन समुदाय तो अब हिन्दूवादियों की नजरों में वे मुसलमानों व ईसाइयों से ज़्यादा घातक व देश के दुश्मन है,
वहीं मोदी परिवार से जुड़े भाजपा के सांसद
मोदीजी के ही आशीर्वाद से पूरे गिरनार तीर्थ को निगल लिया है,अब इसी मोदी परिवार से जुड़े कई कई भगवादारी संत व नेता पालीताणा को अपना घोषित कर उसे हड़पने का खेल रच रहे है और एक नहीं दो दो झारखण्ड के भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री सम्मेदशिखर को विशालकाय हिन्दू मंदिर में बदलने व आदिवासियों को भड़काकर उस पर बलात् कब्जा करवाने का घातक सारा अभियान चला आदिवासियों को समझा रहे है कि जैन तुम्हारे सबसे बड़े दुश्मन है,
आश्चर्य और दुखदायी व्यथा इससे अधिक और क्या होगी और अपनों द्वारा अपनी ही मौत की अर्थी गूँथने वाले बड़े बड़े नामधारी आचार्य व जैन संत इन्ही जैन धर्म व समुदाय को कभी पद्म श्री तो कभी पद्मभूषण तो कभी सिर्फ़ राजकीय अतिथि सत्कार पाने की तुच्छ हवस के लिए तो कुछ आगिवान समाज भूषण सरकारी लूट को साकार करने व इसी पार्टी विशेष में पद पाने के लिए ऐसे तत्वों के खेवनहार व आदर्श संघ नायक को अपने बड़े बड़े आयोजनों में लाकर और बुलाकर उनके समर्थकों के आरोपों को ही सही साबित कर रहे है कि जैन समुदाय घातक व देश के दुश्मन है.
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
*कविमन:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* |
|
2026-02-19 15:17:32 |
|
| 10356 |
40449730 |
True Jainism |
|
|
*??जैन धर्म दर्शन के घोर अनुयायी जैनी क्या देश के लिए घातक है और देश के दुश्मन है…….?*???जैन धर्म दर्शन ने मानवता पर कितना बडा व अपरिमित उपकार किया है, इंसानी सभ्यता में “*जियो और जीने*”दो का शंखनाद फूंककर मानव मात्र का कितना बड़ा उद्धार किया है और जिस धर्म ने विश्व कल्याण की ऐसी कालजयी अवधारणाओं को विश्व सभ्यता का आधार दिया है ऐसे धर्म के अनुयायी जैनी क्या देश के लिए घातक व देश के दुश्मन है,
जैन दर्शन की जिस अहिंसा व करुणा को
पकड़ ईसा मसीह ने ईसाई धर्म को विश्व का सबसे ज़्यादा मानने वालों का धर्म बना दिया,
जिस जैन धर्म के अनेकान्तवाद के दर्शन पर
संयुक्त राष्ट्र संघ का उदय हुआ और महामानव गाँधी जी ने जैन दर्शन के सत्य,अहिंसा और सत्याग्रह के अमोघ हथियारों से विश्व पर राज करने वाली ब्रितानिया हुकूमत को बिखेर दिया, ऐसे विश्व महान जैन दर्शन के अहिंसावादी जैन क्या देश के लिए घातक व देश के दुश्मन है.
दुनिया के विज्ञान के मनीषी व पितामह विश्व वैज्ञानिक आइंस्टाइन कि चाहना थी कि यदि मेरा पुनर्जन्म हो तो किसी जैन कोख में ही हो,डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया जैसी विश्व की विश्वसनीय महान पुस्तक के रचियता नेहरू ने अपनी खोजे पर दावा करते है बताया कि जैन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीनतम धर्म है और सर्वपल्ली राधाकृष्णन इसे स्वीकार करते कहते है कि जैन धर्म दर्शन दुनिया का महानतम धर्म दर्शन है और दुनिया के विश्वविख्यात महानतम जर्मन दार्शनिक harneb jekobi तो नेहरू व राधाकृष्णन से कई सौ कदम आगे बढकर उनकी खोजों पर अपनी मोहर लगा दुनिया को जैन दर्शन पर चलने का आव्हान करते है तो बताओ ऐसे विश्व यायावर शिखर सुमेरु धर्म के अनुयायी घोर अहिंसावादी क्या देश के लिए घातक व देश के दुश्मन है,
दुनिया मानती है कि महावीर के राज परिवार ने लोकतन्त्र को जन्म दिया,महावीर के
जन्म प्रासाद से निकल लोकतंत्र ने विश्व राज अवधारणा का समूचा स्वरूप बदल डाला व भारत देश इसी लोकतंत्र को पकड़ विश्व महान देश बन गया और इसी अहिंसा दर्शन की प्रेरणा का उज्ज्वल पाथेय पकड़ विश्व मिसाइल मैन
अब्दुल कलाम आजाद ने कहा कि दुनिया व सभ्यता जिस एकमात्र दर्शन से बच सकती है तो
जैन धर्म का अहिंसा दर्शन ही है और मेरी अंतिम चाहना है कि मैंने मारक व संहारक मिसाइलों का कितना भी निर्माण किया मगर मुझे विश्व को बचाने अब अहिंसा की मिसाइलों का ही निर्माण मेरे लिए सबसे जरूरी है,तो बताओं दुनिया जिसके लिए तरसती है,प्यासी है,उस दर्शन के घोर समर्पित अनुयायी जैनी क्या देश के लिए घातक है और देश के दुश्मन है….?
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
*कविमन:सोहन मेहता”क्रान्ति”जोधपुर,राज.* |
|
2026-02-19 15:17:32 |
|
| 10354 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
|
|
?*श्रुत वाणी प्रतियोगिता क्लास*?
*आज का विषय : जिन शासन में पूजा किसकी*
*समाधि देशना पेज़ नंबर* 325
18 febuary 2026
?*मुनि श्री १०८ विनिबोध सागर जी*?
?श्रुत वाणी प्रतियोगिता क्लास - प्रत्येक दिन - 2:30 PM - 3:00 PM??
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करे
<a href="https://chat.whatsapp.com/KMxZvuNOYw58rgYSgXs0TG" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/KMxZvuNOYw58rgYSgXs0TG</a>
जिनशासन में ज्येष्ठ की पूजा नहीं है, जिन शासन में श्रेष्ठ की पूजा हे ,स्वयं का पुत्र मुनि
बन जाए तो पिता नमस्कार करता है। एक गरीब का बेटा भी साधु बनकर आ जाए तो आप नमस्कार करते हो। शत्रु भी क्यों न हो, यदि मुनि बन जाता है, तो शत्रु को भी तुम भगवान् के रूप में देखते हो। ये जिनशासन की महिमा है। 'वन्दे तद्गुण लब्धये' जगत् में गुणों की आराधना करने में कोई संस्कृति है, तो उसका नाम जिनशासन है। कषाय का युद्ध, यहीं से प्रारम्भ होता है। यहीं से प्रारम्भहोती है बैर की जड़ और उस बैर की जड़ में कोई हेतु बनता है, तो उसका नाम स्त्री है। यदि महाभारत हुआ है, तो उसमें भी स्त्री का स्थान था। रामायण हुई है, उसमें भी स्त्री का स्थान था।
?? जय जिनेंद्र??
आयोजक .:विमल विराग फाउंडेशन ट्रस्ट (रजि) गुरुग्राम हरियाणा
मनोजजैन शिल्पा जैन आशीष जैन
अध्यक्ष महामंत्री कोषाध्यक्ष |
|
2026-02-19 15:17:09 |
|
| 10353 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
|
|
<a href="https://youtu.be/A0NEhN2jrb8?si=B63Mn6FqocDkiHFq" target="_blank">https://youtu.be/A0NEhN2jrb8?si=B63Mn6FqocDkiHFq</a> |
|
2026-02-19 15:16:04 |
|
| 10352 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
|
|
<a href="https://www.youtube.com/live/Z30wOOIjrTQ?si=5pOPiTSwCFbLbM3C" target="_blank">https://www.youtube.com/live/Z30wOOIjrTQ?si=5pOPiTSwCFbLbM3C</a> |
|
2026-02-19 15:15:07 |
|
| 10351 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
|
|
<a href="https://www.facebook.com/share/14SiZ5gyVMb/" target="_blank">https://www.facebook.com/share/14SiZ5gyVMb/</a> |
|
2026-02-19 15:14:55 |
|
| 10350 |
40449675 |
?विराग विशुद्ध विनिश्चल गुरुभक्त परिवार? |
|
|
?*श्रुत वाणी प्रतियोगिता क्लास*?
*आज का विषय : जिन शासन में पूजा किसकी*
*समाधि देशना पेज़ नंबर* 325
18 febuary 2026
?*मुनि श्री १०८ विनिबोध सागर जी*?
?श्रुत वाणी प्रतियोगिता क्लास - प्रत्येक दिन - 2:30 PM - 3:00 PM??
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करे
<a href="https://chat.whatsapp.com/KMxZvuNOYw58rgYSgXs0TG" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/KMxZvuNOYw58rgYSgXs0TG</a>
जिनशासन में ज्येष्ठ की पूजा नहीं है, जिन शासन में श्रेष्ठ की पूजा हे ,स्वयं का पुत्र मुनि
बन जाए तो पिता नमस्कार करता है। एक गरीब का बेटा भी साधु बनकर आ जाए तो आप नमस्कार करते हो। शत्रु भी क्यों न हो, यदि मुनि बन जाता है, तो शत्रु को भी तुम भगवान् के रूप में देखते हो। ये जिनशासन की महिमा है। 'वन्दे तद्गुण लब्धये' जगत् में गुणों की आराधना करने में कोई संस्कृति है, तो उसका नाम जिनशासन है। कषाय का युद्ध, यहीं से प्रारम्भ होता है। यहीं से प्रारम्भहोती है बैर की जड़ और उस बैर की जड़ में कोई हेतु बनता है, तो उसका नाम स्त्री है। यदि महाभारत हुआ है, तो उसमें भी स्त्री का स्थान था। रामायण हुई है, उसमें भी स्त्री का स्थान था।
?? जय जिनेंद्र??
आयोजक .:विमल विराग फाउंडेशन ट्रस्ट (रजि) गुरुग्राम हरियाणा
मनोजजैन शिल्पा जैन आशीष जैन
अध्यक्ष महामंत्री कोषाध्यक्ष |
|
2026-02-19 15:14:43 |
|
| 10349 |
40449726 |
साहुं शरणं नवग्रह तीर्थ वरुर आचार्य श्री गुणधरनंदीजी महाराज |
|
|
|
|
2026-02-19 15:12:56 |
|