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230842 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? 2026-06-15 04:02:19
230840 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? ??सादर जय जिनेन्द्र?? 2026-06-15 04:01:43
230839 40449686 सैतवाल मुखपत्र ? ??सादर जय जिनेन्द्र?? 2026-06-15 04:01:42
230838 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ??️ *आत्म संबोधन* ?️? ✨ *वीतरागता ही आत्मकल्याण का मार्ग है* ✨ जो पुरुष वीतराग (राग-द्वेष से रहित), निजानन्दस्वरूप (आत्मिक आनन्द में स्थित) तथा *शुद्ध आत्मतत्त्व की भावना* में लीन रहता है, वह राग-द्वेष का पूर्ण त्याग कर देता है। ? ऐसा महापुरुष *केवल ज्ञान ? और दर्शन* ? के आधार पर समस्त जीवों को समान दृष्टि से देखता है। वह समभाव ? में स्थित होकर शीघ्र ही शिवपुर (मोक्षधाम) ?️ को प्राप्त करता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *समभाव का लक्षण* ? समभाव का अर्थ है— ⚖️ *जीवन और मृत्यु को समान समझना।* ⚖️ *लाभ और अलाभ (हानि) में सम रहना।* ⚖️ *सुख और दुःख में विचलित न होना।* ⚖️ *अनुकूलता और प्रतिकूलता में समचित्त बने रहना।* ? जो सिद्ध परमात्मा हो चुके हैं और जो भविष्य में सिद्ध होंगे, उनकी महानता का मूल कारण यही *समभाव* है। ━━━━━━━━━━━━━━━ ?️ मोक्ष और समभाव ?️ ✨ समभाव से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। ? मोक्षस्थान अत्यन्त अद्भुत, अवर्णनीय एवं अनन्त गुणों से परिपूर्ण है। वहाँ— ? केवलज्ञान ? केवलदर्शन ? अनन्त सुख सदैव विद्यमान रहते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *जीवन का संदेश* ? मनुष्य को राग-द्वेष का त्याग करके *शुद्ध आत्मा के अनुभवस्वरूप समभाव* का निरन्तर अभ्यास करना चाहिए। यही आत्मकल्याण और मोक्षमार्ग का सार है। ? ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *संक्षिप्त सार* ? राग-द्वेष का त्याग ⬇️ ? समभाव की प्राप्ति ⬇️ ?️ आत्मानुभूति ⬇️ ?️ मोक्ष की प्राप्ति ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *निष्कर्ष* ? जो व्यक्ति *सुख-दुःख, लाभ-हानि, जीवन-मरण* आदि सभी परिस्थितियों में समभाव रखता है और अपने शुद्ध आत्मस्वरूप में स्थित रहता है, वही मोक्षमार्ग पर अग्रसर होकर परम कल्याण को प्राप्त करता है। ? "*समभाव ही आत्मा का स्वाभाविक धर्म है, और वही मोक्ष का द्वार है।*" ? ? — *राजेश जैन, मैनपुरी*? 2026-06-15 03:43:19
230837 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ??️ *आत्म संबोधन* ?️? ✨ *वीतरागता ही आत्मकल्याण का मार्ग है* ✨ जो पुरुष वीतराग (राग-द्वेष से रहित), निजानन्दस्वरूप (आत्मिक आनन्द में स्थित) तथा *शुद्ध आत्मतत्त्व की भावना* में लीन रहता है, वह राग-द्वेष का पूर्ण त्याग कर देता है। ? ऐसा महापुरुष *केवल ज्ञान ? और दर्शन* ? के आधार पर समस्त जीवों को समान दृष्टि से देखता है। वह समभाव ? में स्थित होकर शीघ्र ही शिवपुर (मोक्षधाम) ?️ को प्राप्त करता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *समभाव का लक्षण* ? समभाव का अर्थ है— ⚖️ *जीवन और मृत्यु को समान समझना।* ⚖️ *लाभ और अलाभ (हानि) में सम रहना।* ⚖️ *सुख और दुःख में विचलित न होना।* ⚖️ *अनुकूलता और प्रतिकूलता में समचित्त बने रहना।* ? जो सिद्ध परमात्मा हो चुके हैं और जो भविष्य में सिद्ध होंगे, उनकी महानता का मूल कारण यही *समभाव* है। ━━━━━━━━━━━━━━━ ?️ मोक्ष और समभाव ?️ ✨ समभाव से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। ? मोक्षस्थान अत्यन्त अद्भुत, अवर्णनीय एवं अनन्त गुणों से परिपूर्ण है। वहाँ— ? केवलज्ञान ? केवलदर्शन ? अनन्त सुख सदैव विद्यमान रहते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *जीवन का संदेश* ? मनुष्य को राग-द्वेष का त्याग करके *शुद्ध आत्मा के अनुभवस्वरूप समभाव* का निरन्तर अभ्यास करना चाहिए। यही आत्मकल्याण और मोक्षमार्ग का सार है। ? ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *संक्षिप्त सार* ? राग-द्वेष का त्याग ⬇️ ? समभाव की प्राप्ति ⬇️ ?️ आत्मानुभूति ⬇️ ?️ मोक्ष की प्राप्ति ━━━━━━━━━━━━━━━ ? *निष्कर्ष* ? जो व्यक्ति *सुख-दुःख, लाभ-हानि, जीवन-मरण* आदि सभी परिस्थितियों में समभाव रखता है और अपने शुद्ध आत्मस्वरूप में स्थित रहता है, वही मोक्षमार्ग पर अग्रसर होकर परम कल्याण को प्राप्त करता है। ? "*समभाव ही आत्मा का स्वाभाविक धर्म है, और वही मोक्ष का द्वार है।*" ? ? — *राजेश जैन, मैनपुरी*? 2026-06-15 03:43:18
230835 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म *??दिन की शुरुआत सत्य और अहिंसा के साथ ??* *?? आप सभी आत्मीय स्नेही स्वजनों को सादर सविनय जय जिनेन्द्र आत्म वंदन नमन ??* *??दिन का समापन आप सभी से उत्तम क्षमा के साथ ??* *सबसे क्षमा ?सबको क्षमा ?* 2026-06-15 03:07:44
230836 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म *??दिन की शुरुआत सत्य और अहिंसा के साथ ??* *?? आप सभी आत्मीय स्नेही स्वजनों को सादर सविनय जय जिनेन्द्र आत्म वंदन नमन ??* *??दिन का समापन आप सभी से उत्तम क्षमा के साथ ??* *सबसे क्षमा ?सबको क्षमा ?* 2026-06-15 03:07:44
230834 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE 2026-06-15 02:02:58
230833 40449670 SRI DIGAMBER JN SAMAJ BANGALORE 2026-06-15 02:02:57
230832 40449684 ?(5)णमोकार मंत्र तीर्थ उद्धारक आचार्य श्री प्रबल सागर ???? NAMOSTU NAMOSTU NAMOSTU GURUDEVAJI ?????? 2026-06-15 01:27:42