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78467 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन <a href="https://youtube.com/shorts/D1x6AMkIGus?si=TnOfhmhPnKlxQ42q" target="_blank">https://youtube.com/shorts/D1x6AMkIGus?si=TnOfhmhPnKlxQ42q</a> 2026-04-11 23:00:14
78468 40449677 तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ जन आंदोलन <a href="https://youtube.com/shorts/D1x6AMkIGus?si=TnOfhmhPnKlxQ42q" target="_blank">https://youtube.com/shorts/D1x6AMkIGus?si=TnOfhmhPnKlxQ42q</a> 2026-04-11 23:00:14
78466 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी *सावधान* कल विश्व नवकार दिवस मनाया गया, विश्व में जैन धर्म को प्रसिद्ध करने के लिए यह उपक्रम सराहनीय है परंतु इसमें हमसे *बहुत गंभीर भूल हो रही है* इसे ध्यान से समझे - णमोकार महामंत्र प्राकृत भाषा में बोला जाता है, इसी भाषा में लिखा गया है, इसमें सभी छंद "ण" से प्रारंभ होते है, - प्राचीन जैन आगमों और ग्रंथों में इसका मूल नाम “णमोकार मंत्र” लिखा है - इसमें बारंबार "णमो" शब्द का उच्चारण आया है इसलिए इसे णमोकार मंत्र कहते हैं, बारंबार एक ही शब्द दोहराने को "कार" कहते है जैसे जयजयकार हाहाकार - हमारे श्वेतांबर भाई "न" से णमोकार मंत्र कहते हैं न से भी कहे तो यह मंत्र नमोकार होना चाहिए था नवकार नहीं, - "णमोकार" प्राकृत शब्द है परंतु प्राकृत भाषा के (अपभ्रंश) विकृत उच्चारण से, अशुद्ध उच्चारण से, या संस्कृत के प्रभाव से नमस्कार शब्द बना है - अगर संस्कृत भाषा में भी कहे तो इसे नमस्कार मंत्र कहना चाहिए परंतु इसे नवकार क्यों कहा गया? क्यों किया गया? यह समझ नहीं आता - अतः इसे णमोकार कहना ही उचित है, आगम प्रमाण है, नवकार कहना उचित नहीं है - यह भाषा की चूक है और इसी गलत परंपरा से हम मूल शब्द और भाषा से दूर होते चले जाएंगे - अगर हम ही गलत बोलेंगे तो अगली पीढ़ी इसे क्या समझ पाएगी कि यह णमोकार मंत्र है नवकार नहीं, वह तो इसे नवकार ही बोलेगी और इसे नवकार ही समझेगी - यह विवाद करने के लिए नहीं और ना ही कार्यक्रम को असफल करने के लिए लिखा है, - यह जानबूझकर आज ही लिखा है ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा ना आए, ना विवाद हो - यह इसीलिए लिखा है क्योंकि आज तक हुई गलती हम आगे ना दोहराएं और हम भी इसे समझे और सभी को समझाएं - सही समझ से सकल जैन समाज की एकता और अखंडता बनी रहे *धर्म का मर्म* शब्दार्थ णमो = नमस्कार, प्रणाम, वंदन कार = पुनः पुनः सही उच्चारण णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आइरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं एसो पंच णमोयारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं होहि मंगलं 2026-04-11 22:52:08
78465 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी *सावधान* कल विश्व नवकार दिवस मनाया गया, विश्व में जैन धर्म को प्रसिद्ध करने के लिए यह उपक्रम सराहनीय है परंतु इसमें हमसे *बहुत गंभीर भूल हो रही है* इसे ध्यान से समझे - णमोकार महामंत्र प्राकृत भाषा में बोला जाता है, इसी भाषा में लिखा गया है, इसमें सभी छंद "ण" से प्रारंभ होते है, - प्राचीन जैन आगमों और ग्रंथों में इसका मूल नाम “णमोकार मंत्र” लिखा है - इसमें बारंबार "णमो" शब्द का उच्चारण आया है इसलिए इसे णमोकार मंत्र कहते हैं, बारंबार एक ही शब्द दोहराने को "कार" कहते है जैसे जयजयकार हाहाकार - हमारे श्वेतांबर भाई "न" से णमोकार मंत्र कहते हैं न से भी कहे तो यह मंत्र नमोकार होना चाहिए था नवकार नहीं, - "णमोकार" प्राकृत शब्द है परंतु प्राकृत भाषा के (अपभ्रंश) विकृत उच्चारण से, अशुद्ध उच्चारण से, या संस्कृत के प्रभाव से नमस्कार शब्द बना है - अगर संस्कृत भाषा में भी कहे तो इसे नमस्कार मंत्र कहना चाहिए परंतु इसे नवकार क्यों कहा गया? क्यों किया गया? यह समझ नहीं आता - अतः इसे णमोकार कहना ही उचित है, आगम प्रमाण है, नवकार कहना उचित नहीं है - यह भाषा की चूक है और इसी गलत परंपरा से हम मूल शब्द और भाषा से दूर होते चले जाएंगे - अगर हम ही गलत बोलेंगे तो अगली पीढ़ी इसे क्या समझ पाएगी कि यह णमोकार मंत्र है नवकार नहीं, वह तो इसे नवकार ही बोलेगी और इसे नवकार ही समझेगी - यह विवाद करने के लिए नहीं और ना ही कार्यक्रम को असफल करने के लिए लिखा है, - यह जानबूझकर आज ही लिखा है ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा ना आए, ना विवाद हो - यह इसीलिए लिखा है क्योंकि आज तक हुई गलती हम आगे ना दोहराएं और हम भी इसे समझे और सभी को समझाएं - सही समझ से सकल जैन समाज की एकता और अखंडता बनी रहे *धर्म का मर्म* शब्दार्थ णमो = नमस्कार, प्रणाम, वंदन कार = पुनः पुनः सही उच्चारण णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आइरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं एसो पंच णमोयारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं होहि मंगलं 2026-04-11 22:52:07
78464 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आनन्द आएगा ??? 2026-04-11 22:52:06
78463 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आनन्द आएगा ??? 2026-04-11 22:52:05
78462 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी Buy One Get One FREE 2026-04-11 22:52:04
78461 50889696 श्री सर्वतोभद्र नवग्रह तीर्थ प्रतिष्ठान क्षेत्र आर्यिका श्री चंद्रामती माताजी मंगसुळी Buy One Get One FREE 2026-04-11 22:52:03
78459 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 22:46:56
78460 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-04-11 22:46:56