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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Message
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Date |
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40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:23:09 |
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| 221859 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:23:09 |
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| 221856 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:22:14 |
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| 221857 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:22:14 |
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| 221854 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:22:00 |
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| 221855 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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*?दूध के जले -छाछ में सतर्क ?* 11-6-2026 गुरुवार ________________________ *मैं धरती की सबसे पुण्यशाली माँ होने का गौरव प्राप्त कर चुकी थी, मेरा मन सारी दुनिया को विद्यासमय की गाथा को सुनाने का है, यह सब एक कालचक्र द्वारा रचित वह जीवंत अद्भुत संस्मरण हैं जहाँ हम कदम कदम पर नियति के नियोजन के दर्शन कर रहे थे,* _चलिए मैं आपको पुनः पचपन वर्ष पीछे ले चलती हूँ, विद्या के सागर तो विद्या के सागर थे ही अब उसमें समय का भी विलय हो गया था,विद्या एवं समय का एक लघु संघ अद्भुत था,भारत वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550952?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:22:00 |
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| 221853 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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•••? जय श्रीमन नारायण ?••• जैसे दूध मे घी और फूल मे खुशबू होती है पर दिखाई नहीं देती, ठीक वैसे ही परमात्मा दिखाई नहीं देते परन्तु वो तो हमारे अंतर्मन और पृथ्वी के कण कण मे है l ... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550591?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550591?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:21:22 |
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| 221852 |
40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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•••? जय श्रीमन नारायण ?••• जैसे दूध मे घी और फूल मे खुशबू होती है पर दिखाई नहीं देती, ठीक वैसे ही परमात्मा दिखाई नहीं देते परन्तु वो तो हमारे अंतर्मन और पृथ्वी के कण कण मे है l ... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188550591?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188550591?utm_source=android_post_share_web&referral_code=JBHJP&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=PENDING</a> |
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2026-06-11 12:21:21 |
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| 221850 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*साधु साधु ही रहे, शेर या गीदड़ नहीं!*
आचार्य श्री सुनील सागर जी |
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2026-06-11 12:21:13 |
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| 221851 |
40449749 |
जिनोदय?JINODAYA |
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*साधु साधु ही रहे, शेर या गीदड़ नहीं!*
आचार्य श्री सुनील सागर जी |
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2026-06-11 12:21:13 |
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