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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
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40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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ಶ್ರೀ ಕ್ಷೇತ್ರ ಸಿಂಹನಗದ್ದೆ ಬಸ್ತಿ ಮಠ, ನರಸಿಂಹರಾಜಪುರ ಜಾತ್ರಾ ಮಹೋತ್ಸವ Highlights
<a href="https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty" target="_blank">https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty</a>
Please share ??? |
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2026-04-12 08:47:46 |
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| 79197 |
40449657 |
?️?SARVARTHASIDDHI ??️ |
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ಶ್ರೀ ಕ್ಷೇತ್ರ ಸಿಂಹನಗದ್ದೆ ಬಸ್ತಿ ಮಠ, ನರಸಿಂಹರಾಜಪುರ ಜಾತ್ರಾ ಮಹೋತ್ಸವ Highlights
<a href="https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty" target="_blank">https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty</a>
Please share ??? |
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2026-04-12 08:47:45 |
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| 79196 |
40449679 |
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 |
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ಶ್ರೀ ಕ್ಷೇತ್ರ ಸಿಂಹನಗದ್ದೆ ಬಸ್ತಿ ಮಠ, ನರಸಿಂಹರಾಜಪುರ ಜಾತ್ರಾ ಮಹೋತ್ಸವ Highlights
<a href="https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty" target="_blank">https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty</a>
Please share ??? |
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2026-04-12 08:45:51 |
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| 79195 |
40449679 |
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 |
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ಶ್ರೀ ಕ್ಷೇತ್ರ ಸಿಂಹನಗದ್ದೆ ಬಸ್ತಿ ಮಠ, ನರಸಿಂಹರಾಜಪುರ ಜಾತ್ರಾ ಮಹೋತ್ಸವ Highlights
<a href="https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty" target="_blank">https://youtu.be/YQINFRdqcHc?si=2g_27N6XDB8htpty</a>
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2026-04-12 08:45:50 |
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| 79193 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 08:42:13 |
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| 79194 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-04-12 08:42:13 |
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| 79192 |
40449732 |
? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? |
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*नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी यतिराज के द्वितीय आचार्य पदारोहण दिवस के उपलक्ष्य में संस्कारधानी जबलपुर की धरती पर आ रहा है -*
*✨ रत्नत्रय*
*✨ गाथा : छोटे बाबा के बड़े शिष्य की*
? पूज्य मुनिश्री 108 निर्दोषसागर जी मुनिराज ससंघ एवं पूज्य मुनिश्री 108 निष्कंपसागर जी एवं पूज्य मुनिश्री 108 निष्कामसागर जी की प्रेरणापूर्ण सन्निधि में जबलपुर की धरती पर आ रहा है भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आध्यात्मिक शो - रत्नत्रय।
*? तो याद रखिए* 16 अप्रेल 2026 रात्रि 08 बजे से
*? स्थान :* शहीद स्मारक, गोल बाजार, जबलपुर (म.प्र.)
*<a href="https://www.instagram.com/the_ratnatrya_show?*" target="_blank">https://www.instagram.com/the_ratnatrya_show?*</a>
☀️ आयोजक - श्री दिगम्बर जैन संरक्षिणी सभा, जैन पंचायत सभा
? निवेदक - श्री पार्श्वनाथ दिग. जैन स्वर्ण मंदिर, लार्डगंज, जैन नवयुवक सभा
? सहयोगी संस्था - जाप मण्डल, अ.भा. दिग. जैन महिला परिषद् एवं सकल जैन समाज, जबलपुर
*॥ वर्धतां जिनशासनं ॥* |
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2026-04-12 08:41:35 |
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| 79191 |
40449732 |
? पंच परमेष्ठी जैनसमूह ? |
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*नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी यतिराज के द्वितीय आचार्य पदारोहण दिवस के उपलक्ष्य में संस्कारधानी जबलपुर की धरती पर आ रहा है -*
*✨ रत्नत्रय*
*✨ गाथा : छोटे बाबा के बड़े शिष्य की*
? पूज्य मुनिश्री 108 निर्दोषसागर जी मुनिराज ससंघ एवं पूज्य मुनिश्री 108 निष्कंपसागर जी एवं पूज्य मुनिश्री 108 निष्कामसागर जी की प्रेरणापूर्ण सन्निधि में जबलपुर की धरती पर आ रहा है भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आध्यात्मिक शो - रत्नत्रय।
*? तो याद रखिए* 16 अप्रेल 2026 रात्रि 08 बजे से
*? स्थान :* शहीद स्मारक, गोल बाजार, जबलपुर (म.प्र.)
*<a href="https://www.instagram.com/the_ratnatrya_show?*" target="_blank">https://www.instagram.com/the_ratnatrya_show?*</a>
☀️ आयोजक - श्री दिगम्बर जैन संरक्षिणी सभा, जैन पंचायत सभा
? निवेदक - श्री पार्श्वनाथ दिग. जैन स्वर्ण मंदिर, लार्डगंज, जैन नवयुवक सभा
? सहयोगी संस्था - जाप मण्डल, अ.भा. दिग. जैन महिला परिषद् एवं सकल जैन समाज, जबलपुर
*॥ वर्धतां जिनशासनं ॥* |
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2026-04-12 08:41:34 |
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| 79189 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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<a href="https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56" target="_blank">https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56</a>
विधि:—प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर, स्नान आदि दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्वच्छ एवं पवित्र वस्त्र धारण करें। फिर शान्त मन, शुद्ध हृदय और श्रद्धा-भक्ति से इन पावन मन्त्रों का पाठ करें अथवा उनका श्रवण करें। विशेष फल प्राप्ति के लिए, एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके इन मन्त्रों का पाठ या श्रवण लगातार 9 बार करें। ऐसा करने से साधक के चारों ओर एक पवित्र ऊर्जा का सञ्चार होता है, जिससे उसका मन स्थिर और चित्त प्रसन्न रहता है। नियमित रूप से ऐसा करने पर: 1. साधक के समस्त विघ्न, क्लेश और बाधाएँ शान्त होती हैं। 2. गृह में सुख, शान्ति और समृद्धि का वास होता है। 3. व्यापार और कार्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। 4. आत्मा में आध्यात्मिक बल और ऊर्जा का जागरण होता है। ये पावन मन्त्र अदम्य शक्ति और ऊर्जा से ओत-प्रोत, श्रुताराधक सन्त क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी गुरुदेव के श्रीमुख से उच्चारित हैं। इनका श्रद्धापूर्वक श्रवण अथवा पाठ आपके जीवन में दिव्यता और स्थायित्व लाएगा। |
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2026-04-12 08:41:06 |
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| 79190 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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<a href="https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56" target="_blank">https://youtu.be/6x9x2MJ2MC8?si=cFm0IBy2zXME0Z56</a>
विधि:—प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर, स्नान आदि दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर, स्वच्छ एवं पवित्र वस्त्र धारण करें। फिर शान्त मन, शुद्ध हृदय और श्रद्धा-भक्ति से इन पावन मन्त्रों का पाठ करें अथवा उनका श्रवण करें। विशेष फल प्राप्ति के लिए, एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके इन मन्त्रों का पाठ या श्रवण लगातार 9 बार करें। ऐसा करने से साधक के चारों ओर एक पवित्र ऊर्जा का सञ्चार होता है, जिससे उसका मन स्थिर और चित्त प्रसन्न रहता है। नियमित रूप से ऐसा करने पर: 1. साधक के समस्त विघ्न, क्लेश और बाधाएँ शान्त होती हैं। 2. गृह में सुख, शान्ति और समृद्धि का वास होता है। 3. व्यापार और कार्यों में उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। 4. आत्मा में आध्यात्मिक बल और ऊर्जा का जागरण होता है। ये पावन मन्त्र अदम्य शक्ति और ऊर्जा से ओत-प्रोत, श्रुताराधक सन्त क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी गुरुदेव के श्रीमुख से उच्चारित हैं। इनका श्रद्धापूर्वक श्रवण अथवा पाठ आपके जीवन में दिव्यता और स्थायित्व लाएगा। |
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2026-04-12 08:41:06 |
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