WhatsApp Messages Dashboard

Total Records in Table: 11808

Records Matching Filters: 11808

From: To: Global Search:

Messages

ID Chat ID
Chat Name
Sender
Phone
Message
Status
Date View
8128 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म 108 आचार्य श्री विद्यासागर जी के चरणों में शत शत नमन? 2026-02-18 04:50:01
8127 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म जय जिनेन्द्र सुप्रभात 2026-02-18 04:49:31
8126 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? 2026-02-18 04:45:11
8125 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? 2026-02-18 04:45:09
8124 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? 2026-02-18 04:45:08
8123 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 ??? 2026-02-18 04:38:46
8122 40449660 Acharya PulakSagarji 07 <a href="https://www.instagram.com/reel/DU3kXT6knEX/?igsh=b2kwdTB3cGhwODB0" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DU3kXT6knEX/?igsh=b2kwdTB3cGhwODB0</a> *प्रश्न बहुत आसान है पर अच्छे अच्छे नहीं दे पाए है जवाब क्या आप दे सकते है* ❓❓❓❓ *जवाब इंस्टाग्राम ? पर ही देने है* *? फॉलो भी कीजिए* ????? *फोटो भी सेंड कीजिएगा* ???? 2026-02-18 04:37:41
8121 40449678 1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा सुप्रभात ? सभी को सादर जय जिनेन्द्र ??? 2026-02-18 04:36:05
8120 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ *मृत्यु — एक अटल सत्य* कहते हैं एक बार एक तोते को देखकर यमराज मुस्कुरा दिए। तोता घबरा गया। उसने सोचा कि जब मृत्यु के देवता मुझे देखकर हंस रहे हैं तो अवश्य ही मेरा अंत निकट है। भयभीत होकर वह भगवान के वाहन गरुड़ के पास पहुंचा और विनती करने लगा कि किसी भी प्रकार उसे यमराज से बचा लिया जाए। गरुड़ जी को उस पर दया आ गई। वे उसे अपनी पीठ पर बैठाकर सात समंदर पार एक दूरस्थ गुफा में छोड़ आए और बोले—अब तुम सुरक्षित हो, यहां कोई तुम्हें ढूंढ नहीं पाएगा। तोता मन ही मन प्रसन्न हुआ और सोचने लगा कि अब वह मृत्यु से बच गया है। उधर गरुड़ जी सीधे यमलोक पहुंचे और यमराज से पूछ बैठे कि आप उस छोटे से तोते को देखकर क्यों हंसे थे। यमराज ने शांत भाव से उत्तर दिया—मैं इसलिए हंसा क्योंकि उसकी मृत्यु सात समंदर पार एक गुफा में एक बिल्ली के हाथों निश्चित थी और मैं सोच रहा था कि वह छोटा सा तोता इतनी दूर कैसे पहुंचेगा। तभी ज्ञात हुआ कि तोते की आत्मा आ चुकी है। गरुड़ जी चकित रह गए। वे समझ गए कि जिसे वे बचाने गए थे, उसी को वे नियति के स्थान तक पहुंचा आए। यही जीवन का सत्य है—जब समय आता है तो कोई भी उसे टाल नहीं सकता। मृत्यु से भागने का प्रयास केवल भ्रम है। मनुष्य चाहे कितनी भी योजना बना ले, अंत वही होता है जो निश्चित है। इसलिए भय में जीने के बजाय सत्य को स्वीकार कर कर्तव्यपथ पर चलना ही बुद्धिमानी है। जीवन का हर क्षण मूल्यवान है, उसे व्यर्थ चिंता में नहीं, बल्कि सार्थक कर्म में लगाना चाहिए। मृत्यु अटल है, पर उससे पहले का जीवन हमारे हा 2026-02-18 04:30:32
8119 40449676 राष्ट्रीय मुनी सेवा संघ *_??ओम् ह्रीं आचार्य श्री सौभाग्य सागर गुरूवै नम :??_* *मनुष्य की नजर का ऑपरेशन तो संभव है लेकिन नजरिये का नही.....!!!* *"जय जिनेन्द्र देव की"* *सुप्रभात* *आपका आज शुभ एवं मंगलमय हो* 2026-02-18 04:29:58