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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-12 11:32:21 |
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| 224278 |
40449702 |
Mahaveer Ki Pathshala Main |
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2026-06-12 11:31:17 |
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| 224277 |
40449702 |
Mahaveer Ki Pathshala Main |
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2026-06-12 11:31:16 |
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| 224275 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
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? |
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2026-06-12 11:31:04 |
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| 224276 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
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? |
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2026-06-12 11:31:04 |
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| 224274 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?️? आचार्य श्री के अनमोल विचार ?️?*। *?️??️?भेदविज्ञान जैसे गूढ़ विषय पर संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी के बहुत ही सरल शब्दों में अनमोल विचार ???*
“ आत्मा में रमण करने के लिए पोथी का ज्ञान आवश्यक नहीं मात्र भेद विज्ञान की आवश्यकता है ।।”
इस शरीर का क्या स्वरूप है ? यह जानना ही भेद-विज्ञान है।
चतुर्थ गुणस्थान वाला भेदविज्ञान श्रद्धात्मक होता है और सप्तम गुणस्थान वाला भेदविज्ञान अनुभूति परक होता है। जैसे एक स्कूल में है और एक प्रयोगशाला में है।
मैं काया में अवश्य हूँ लेकिन काया के बिना भी रह सकता हूँ यह श्रद्धान ही भेदविज्ञान कहलाता है।
भेदविज्ञान की शुरुआत ही सही जीवन की शुरुआत है, यह केवलज्ञान तक ले जाने वाला है, जो कभी अंत को प्राप्त नहीं होता है।
अनेक बार शरीर को पाया पर यह बोध नहीं आया कि मैं कौन हूँ? मैं एक आत्म तत्व हूँ और शरीर से पृथक् हूँ, इस प्रकार का ज्ञान भेदविज्ञान माना जाता है।
शरीर की वेदना को पड़ोसी की वेदना समझना सम्यक ज्ञान है, भेदविज्ञान है।
भेदविज्ञानियों के पास जाकर सतचित में आनंद की प्राप्ति का प्रयास करो, फिर स्वयं सच्चिदानंद बन जाओगे।
भेदविज्ञान का परिणाम है फूल सा मुस्कराना।
शरीर अलग है, आत्मा अलग है, इस प्रकार का ज्ञान होना भेदविज्ञान कहलाता है।
भेदविज्ञान से ध्यान की भूमिका बन जाती है।
हम रात-दिन निमित्त को दोष देते रहते हैं, यह सब भेदविज्ञान के अभाव के कारण होता है।
भेद-भाव से व्यक्ति राग-द्वेष करता रहता है और भेदविज्ञान प्राप्त कर ले तो राग-द्वेष समाप्त हो जाता है।
भेदविज्ञान के बल पर ही धर्म में लीन हुआ जाता है।
आत्मा में रमण करने के लिए पोथी का ज्ञान आवश्यक नहीं, मात्र भेदविज्ञान की आवश्यकता है।
?आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?।* *?आपका जीवन मंगलमय हो ?* *?️? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ?️?*। <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188623173?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188623173?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-06-12 11:30:00 |
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40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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*?️? आचार्य श्री के अनमोल विचार ?️?*। *?️??️?भेदविज्ञान जैसे गूढ़ विषय पर संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी के बहुत ही सरल शब्दों में अनमोल विचार ???*
“ आत्मा में रमण करने के लिए पोथी का ज्ञान आवश्यक नहीं मात्र भेद विज्ञान की आवश्यकता है ।।”
इस शरीर का क्या स्वरूप है ? यह जानना ही भेद-विज्ञान है।
चतुर्थ गुणस्थान वाला भेदविज्ञान श्रद्धात्मक होता है और सप्तम गुणस्थान वाला भेदविज्ञान अनुभूति परक होता है। जैसे एक स्कूल में है और एक प्रयोगशाला में है।
मैं काया में अवश्य हूँ लेकिन काया के बिना भी रह सकता हूँ यह श्रद्धान ही भेदविज्ञान कहलाता है।
भेदविज्ञान की शुरुआत ही सही जीवन की शुरुआत है, यह केवलज्ञान तक ले जाने वाला है, जो कभी अंत को प्राप्त नहीं होता है।
अनेक बार शरीर को पाया पर यह बोध नहीं आया कि मैं कौन हूँ? मैं एक आत्म तत्व हूँ और शरीर से पृथक् हूँ, इस प्रकार का ज्ञान भेदविज्ञान माना जाता है।
शरीर की वेदना को पड़ोसी की वेदना समझना सम्यक ज्ञान है, भेदविज्ञान है।
भेदविज्ञानियों के पास जाकर सतचित में आनंद की प्राप्ति का प्रयास करो, फिर स्वयं सच्चिदानंद बन जाओगे।
भेदविज्ञान का परिणाम है फूल सा मुस्कराना।
शरीर अलग है, आत्मा अलग है, इस प्रकार का ज्ञान होना भेदविज्ञान कहलाता है।
भेदविज्ञान से ध्यान की भूमिका बन जाती है।
हम रात-दिन निमित्त को दोष देते रहते हैं, यह सब भेदविज्ञान के अभाव के कारण होता है।
भेद-भाव से व्यक्ति राग-द्वेष करता रहता है और भेदविज्ञान प्राप्त कर ले तो राग-द्वेष समाप्त हो जाता है।
भेदविज्ञान के बल पर ही धर्म में लीन हुआ जाता है।
आत्मा में रमण करने के लिए पोथी का ज्ञान आवश्यक नहीं, मात्र भेदविज्ञान की आवश्यकता है।
?आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो ?।* *?आपका जीवन मंगलमय हो ?* *?️? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का ऐप है ?️?*। <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1188623173?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1188623173?utm_source=android_post_share_web&referral_code=N29CX&utm_screen=post_share&utm_referrer_state=BROADCASTER</a> |
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2026-06-12 11:29:59 |
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| 224272 |
40449707 |
? Mahaveer ki Pathshala 1️⃣ |
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2026-06-12 11:29:41 |
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| 224271 |
40449707 |
? Mahaveer ki Pathshala 1️⃣ |
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2026-06-12 11:29:40 |
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| 224270 |
47501359 |
जैन बाल संस्कार चैनल 6 |
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*?विकासनगर देहरादून से सीधा प्रसारण*
<a href="https://www.youtube.com/live/C3NEg13Qcro?si=SjM37IpApXelfyq6" target="_blank">https://www.youtube.com/live/C3NEg13Qcro?si=SjM37IpApXelfyq6</a>
??*देखिए विकासनगर देहरादून मे आयोजित आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी के पावन सानिध्य मे आयोजित श्री भक्तमर महामण्डल विधान का सीधा प्रसारण*
दिनांक - 12 जून 2026।
*चैनल के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े*
<a href="https://chat.whatsapp.com/CqlhvWqnD1lKLMJLFHSmg0" target="_blank">https://chat.whatsapp.com/CqlhvWqnD1lKLMJLFHSmg0</a>
*जैन बाल संस्कार चैनल उत्तराखंड*
9917874166, 9358909559 |
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2026-06-12 11:29:06 |
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