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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
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40449669 |
दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 |
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*दो व्यक्ति कहकर के आप दो सौ व्यक्ति को पाद प्रक्षालन के लिए बुलाते हो ये ठीक नहीं......*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
????????
संसार के जलधि से कब तैरना हो,
ऐसी त्वदीय यदि हार्दिक भावना से।
आस्वाद ले जिनप-पाद पयोज का तू,
ना नाम ले अब कभी उस काम का तू
॥५३॥
? *श्रमण शतक* ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-06 07:20:11 |
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| 68194 |
40449669 |
दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 |
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*दो व्यक्ति कहकर के आप दो सौ व्यक्ति को पाद प्रक्षालन के लिए बुलाते हो ये ठीक नहीं......*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
????????
संसार के जलधि से कब तैरना हो,
ऐसी त्वदीय यदि हार्दिक भावना से।
आस्वाद ले जिनप-पाद पयोज का तू,
ना नाम ले अब कभी उस काम का तू
॥५३॥
? *श्रमण शतक* ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-06 07:20:11 |
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| 68191 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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Jai Jinendra ?? |
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2026-04-06 07:19:37 |
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| 68192 |
40449699 |
3️⃣ ಜಿನೇಂದ್ರ ವಾಣಿ (G-3️⃣) |
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Jai Jinendra ?? |
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2026-04-06 07:19:37 |
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| 68189 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-06 07:18:50 |
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| 68190 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-06 07:18:50 |
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| 68187 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-06 07:18:48 |
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| 68188 |
40449660 |
Acharya PulakSagarji 07 |
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2026-04-06 07:18:48 |
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| 68186 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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जो दूसरों के रूप, सौन्दर्य, एश्वर्य, पद, प्रतिष्ठा, तप, त्याग को देखकर ईर्ष्या करते हैं,वे कालांतर में नीच और तिर्यच बनते हैं। मनुष्य से मनुष्य को जितनी ईर्ष्या या जलन होती है, उतनी संभवतः यमराज को भी नहीं होती होगी। आप सभी को सादर जय जिनेन्द्र। विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-04-06 07:18:33 |
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| 68185 |
40449668 |
आ,गुरु विद्यासागरजी कहां विराजमान है |
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जो दूसरों के रूप, सौन्दर्य, एश्वर्य, पद, प्रतिष्ठा, तप, त्याग को देखकर ईर्ष्या करते हैं,वे कालांतर में नीच और तिर्यच बनते हैं। मनुष्य से मनुष्य को जितनी ईर्ष्या या जलन होती है, उतनी संभवतः यमराज को भी नहीं होती होगी। आप सभी को सादर जय जिनेन्द्र। विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-04-06 07:18:32 |
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