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77080 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन *यदि मैने जैन धर्म को बचाने के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया...* *तब तो मेरा जीवन, जीवन है अन्यथा ऐसे जीवन तो कितनी बार मिले, कितनी बार नष्ट हो जायेंगे...* *हम किसी का कुछ नहीं लेते, बस हमारा छीनने की कोशिश न करों...* "भगवान महावीर ने कहा है....तेरा सो तेरा, मेरा सो मेरा" -- मुनि श्री 108 अनुसरण सागर जी महाराज ?? महाराष्ट्र के मंत्री जैन समाज के लोढ़ा जी... *जैन धर्म भारत का स्वतंत्र धर्म है, अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए तथ्यहीन कुतर्को से जैन समाज को भ्रमित कर जैन धर्म को अन्य धर्म का हिस्सा बनाने की कोशिश न करों, राजनीति को धर्म में मत लाओ*....संजय जैन, विश्व जैन संगठन, व्हाट्सएप: 8800001532 2026-04-11 12:18:59
77079 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन *यदि मैने जैन धर्म को बचाने के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया...* *तब तो मेरा जीवन, जीवन है अन्यथा ऐसे जीवन तो कितनी बार मिले, कितनी बार नष्ट हो जायेंगे...* *हम किसी का कुछ नहीं लेते, बस हमारा छीनने की कोशिश न करों...* "भगवान महावीर ने कहा है....तेरा सो तेरा, मेरा सो मेरा" -- मुनि श्री 108 अनुसरण सागर जी महाराज ?? महाराष्ट्र के मंत्री जैन समाज के लोढ़ा जी... *जैन धर्म भारत का स्वतंत्र धर्म है, अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए तथ्यहीन कुतर्को से जैन समाज को भ्रमित कर जैन धर्म को अन्य धर्म का हिस्सा बनाने की कोशिश न करों, राजनीति को धर्म में मत लाओ*....संजय जैन, विश्व जैन संगठन, व्हाट्सएप: 8800001532 2026-04-11 12:18:58
77077 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? *मन्दिर के नीचे सुरंग* *चमत्कारी सुरंग* *हंसती हुई जैन प्रतिमायें कैसे और कहाॅ......❓❓* ???️‍?? ???️??️ *वीडियों देखिए और जानिए ?????️‍?* श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1183895590?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1183895590?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 12:18:57
77078 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? *मन्दिर के नीचे सुरंग* *चमत्कारी सुरंग* *हंसती हुई जैन प्रतिमायें कैसे और कहाॅ......❓❓* ???️‍?? ???️??️ *वीडियों देखिए और जानिए ?????️‍?* श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App <a href="https://primetrace.com/group/12738/post/1183895590?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/12738/post/1183895590?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=DV192&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-11 12:18:57
77075 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन *हमे अपने बारे मे निम्न जानकारी होनी चाहिए !!!* ✏✏ न्यायालयों के निर्णय✏✏ ?हमारा जैन धर्म हिंदू धर्म से प्राचीन धर्म है एवम हिंदू धर्म से अलग है इसके कुछ प्रमाण? ? 1927-- मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा air 1927 मद्रास 228 मुकदमें के निर्णय में " जैन धर्म को स्वतंत्र, प्राचीन ब ईसा से हजारो वर्ष पूर्व का माना ।" ? 1939 -- बम्बई उच्च न्यायालय ने Air1939 बम्बई 377 मुकदमें के निर्णय में कहा कि " जैन धर्म वेदों को स्वीकार नही करता हैं, श्राद्धों को नही मानता है ब अनुसंधान बताते हैं कि भारत में जैन धर्म ब्राह्राण धर्म से पहले था।" ? बम्बई सरकार ने 19 अगस्त, 1948 को अपनी अधिसूचना में इस तथ्य को स्वीकार किया कि "यद्दपि जैनों पर हिन्दू लॉ लागू है परंतु जैनों को हिन्दुओ के रूप में बर्णित नही किया जा सकता" । ? 1951-- बम्बई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.सी. छगला और न्यायमूर्ति गजेन्द्र गड़कर ने याचिका CWJC 91/1951 पर यह निर्णय दिया कि "हरिजनों को जैनों के मंदिरों में प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं है क्योकि बे हिन्दू मंदिर नही है, यह विदित है कि जैन हिंदुओं से भिन्न मतावलंबी हैं " ?1954 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1954 SC 282 के निर्णय में माना कि " भारत में जैनधर्म व बौद्ध अपनी पहचान रखते हैं व वैदिक धर्म से भिन्न हैं । " ? 1958 -- उच्चतम न्यायालय ने केरल शिक्षा बिल मामले में कहा कि " जैन समाज अल्पसंख्यकता प्राप्त करने के लिए उपयुक्त है।" ?1963-- उच्चतम न्यायालय ने 649 ( V50 C101) निर्णय में कहा था की हिन्दू मुस्लिम ईसाई व जैनों में ब्राह्राण, बनिया ब कायस्थ समुदाय के अलावा सभी समुदायों को सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े माना गया है। ?1968 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने AIR 1968 कलकता 74 के निर्णय में कहा कि " जैन हिन्दू नही हैं केवल उनके फैसले हिन्दू लॉ के अनुसार किये जाते हैं । ?1968-- उच्चतम न्यायालय ने 74 (VSSC14) के निर्णय में " जैनों को हिन्दू नही माना।" ?1975-- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1975 CW96 के निर्णय में "जैनों को दिल्ली में अपने शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन करने का निर्णय दिया था। ?1976 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने AIR 1976 दिल्ली 207 के निर्णय में कहा था " संबिधान का अनुच्छेद 25 जैनों को स्वतन्त्र रूप से मानता है जो की सर्वोच्च नियम है" । ?1993-- उच्चतम न्यायालय ने बाबरी मस्जिद मुकदमें के निर्णय में (1993,AIR 317) "जैनधर्म को अन्य अल्पसंख्यक धर्म की तरह हिन्दू धर्म से भिन्न माना था" । ?1995 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1975, SC 2089 के निर्णय में माना था की ---" भारत में बौद्ध व जैन धर्म जाने पहचाने धर्म हैं जो ईश्वर के होने में विश्वास नहीं रखते।" ?2003 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 2003 SC 724 में कहा कि " राष्ट्रीय गान में जैनों को प्रथक रूप से दिखाया गया है।" ?2006 -- भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री एस.बी. सिन्हा और श्री दलवीर भण्डारी जी की खंडपीठ ने अपने एक फैसले में कहा कि " यह अविवादित तथ्य है कि जैनधर्म हिन्दुधर्म का हिस्सा नही हैं।" ( दैनिक हिन्दुतान , नई दिल्ली 24.08.2006 ✏कृपया सभी ग्रुप में भेंजे जब हमारे पक्ष में इतने निर्णय है तो फिर ये पक्षपात क्यों किया । ???जिनशासन की जय हो जय हो जय हो??? 2026-04-11 12:18:56
77076 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन *हमे अपने बारे मे निम्न जानकारी होनी चाहिए !!!* ✏✏ न्यायालयों के निर्णय✏✏ ?हमारा जैन धर्म हिंदू धर्म से प्राचीन धर्म है एवम हिंदू धर्म से अलग है इसके कुछ प्रमाण? ? 1927-- मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा air 1927 मद्रास 228 मुकदमें के निर्णय में " जैन धर्म को स्वतंत्र, प्राचीन ब ईसा से हजारो वर्ष पूर्व का माना ।" ? 1939 -- बम्बई उच्च न्यायालय ने Air1939 बम्बई 377 मुकदमें के निर्णय में कहा कि " जैन धर्म वेदों को स्वीकार नही करता हैं, श्राद्धों को नही मानता है ब अनुसंधान बताते हैं कि भारत में जैन धर्म ब्राह्राण धर्म से पहले था।" ? बम्बई सरकार ने 19 अगस्त, 1948 को अपनी अधिसूचना में इस तथ्य को स्वीकार किया कि "यद्दपि जैनों पर हिन्दू लॉ लागू है परंतु जैनों को हिन्दुओ के रूप में बर्णित नही किया जा सकता" । ? 1951-- बम्बई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.सी. छगला और न्यायमूर्ति गजेन्द्र गड़कर ने याचिका CWJC 91/1951 पर यह निर्णय दिया कि "हरिजनों को जैनों के मंदिरों में प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं है क्योकि बे हिन्दू मंदिर नही है, यह विदित है कि जैन हिंदुओं से भिन्न मतावलंबी हैं " ?1954 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1954 SC 282 के निर्णय में माना कि " भारत में जैनधर्म व बौद्ध अपनी पहचान रखते हैं व वैदिक धर्म से भिन्न हैं । " ? 1958 -- उच्चतम न्यायालय ने केरल शिक्षा बिल मामले में कहा कि " जैन समाज अल्पसंख्यकता प्राप्त करने के लिए उपयुक्त है।" ?1963-- उच्चतम न्यायालय ने 649 ( V50 C101) निर्णय में कहा था की हिन्दू मुस्लिम ईसाई व जैनों में ब्राह्राण, बनिया ब कायस्थ समुदाय के अलावा सभी समुदायों को सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े माना गया है। ?1968 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने AIR 1968 कलकता 74 के निर्णय में कहा कि " जैन हिन्दू नही हैं केवल उनके फैसले हिन्दू लॉ के अनुसार किये जाते हैं । ?1968-- उच्चतम न्यायालय ने 74 (VSSC14) के निर्णय में " जैनों को हिन्दू नही माना।" ?1975-- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1975 CW96 के निर्णय में "जैनों को दिल्ली में अपने शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन करने का निर्णय दिया था। ?1976 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने AIR 1976 दिल्ली 207 के निर्णय में कहा था " संबिधान का अनुच्छेद 25 जैनों को स्वतन्त्र रूप से मानता है जो की सर्वोच्च नियम है" । ?1993-- उच्चतम न्यायालय ने बाबरी मस्जिद मुकदमें के निर्णय में (1993,AIR 317) "जैनधर्म को अन्य अल्पसंख्यक धर्म की तरह हिन्दू धर्म से भिन्न माना था" । ?1995 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 1975, SC 2089 के निर्णय में माना था की ---" भारत में बौद्ध व जैन धर्म जाने पहचाने धर्म हैं जो ईश्वर के होने में विश्वास नहीं रखते।" ?2003 -- उच्चतम न्यायालय ने AIR 2003 SC 724 में कहा कि " राष्ट्रीय गान में जैनों को प्रथक रूप से दिखाया गया है।" ?2006 -- भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री एस.बी. सिन्हा और श्री दलवीर भण्डारी जी की खंडपीठ ने अपने एक फैसले में कहा कि " यह अविवादित तथ्य है कि जैनधर्म हिन्दुधर्म का हिस्सा नही हैं।" ( दैनिक हिन्दुतान , नई दिल्ली 24.08.2006 ✏कृपया सभी ग्रुप में भेंजे जब हमारे पक्ष में इतने निर्णय है तो फिर ये पक्षपात क्यों किया । ???जिनशासन की जय हो जय हो जय हो??? 2026-04-11 12:18:56
77073 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? 2026-04-11 12:18:38
77074 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? 2026-04-11 12:18:38
77071 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? 2026-04-11 12:18:14
77072 40449727 GROUP ??दसा नरसिंहपुरा समाज?? 2026-04-11 12:18:14