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2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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*आज शुक्रवार है १००८श्री पुष्पदंत भगवान का दिन है जय बोले पुष्पदन्त भगवान की जय*
*जय -जय विदेही आप जिनवर, पुष्पदंत जिनेश्वरम् |*
*श्री सुविधिनाथ जिनेश जय जय, भंवोदघि तारणम्*.
मैं करुॅ निर्मल भाव पूजन, ज्ञान सूर्यप्रकाशम्
मम आतमा में आ पधारो,हे मेरे परमेश्वरम्||
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*ॐ ह्रीं श्री पुष्पदंतजिनेन्द्राय् नमः*
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*दिन की शुरुवात पुष्पदंत भगवन् के दर्शन से,* ????????
पुष्पदंत भगवन् के पावन चरणों में त्रिवार वंदन
नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु। ?❤❤❤❤❤?साध्य की सिद्धि साधन से है, पर साधन साध्य नहीं...?
जो जीव साध्य को प्राप्त करने से पहले साधन को छोड़कर बैठ जाता है, वह बालकवत् है..!!
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*श्रमण संघ जयवंत हो, नमोस्तु शासन जयवंत हो, जयवंत हो वीतराग श्रमण संस्कृति.*
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*?आपका आज दिन शुक्रवार मंगलमय हो?*
*? जय जिनेन्द्र ?*
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*आप और आपके परिवार के यशस्वी वर्चस्वी स्वस्थ जीवन के लिए बहुत बहुत मंगल शुभकामनाएं*?????????? |
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2026-06-12 05:59:04 |
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