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156 40449676 राष्ट्रीय मुनी सेवा संघ Jai jinendra?? 2026-02-12 07:24:14
155 40449687 अध्यात्मयोगी <a href="https://youtu.be/aVyEBO7pW_M" target="_blank">https://youtu.be/aVyEBO7pW_M</a> 2026-02-12 07:22:56
154 40449665 2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म ?????????? ?भाग्यशाली आज तिथि दसम(10) है✨ ?आज के दर्शन?? ?श्री गोड़ीजी पार्श्वनाथ भगवान? ?श्रीलंका से यहां बिराजमान किया हैं ? ✨ अति प्राचीन प्रतिमाजी ✨ ?? गुलमंडी, छत्रपति संभाजी नगर, ?? औरंगाबाद, महाराष्ट्र. ?️ भोजनशाला की व्यवस्था उपलब्ध है ? ?प्रातः कालीन वंदना? ?नमिउण पास विसहर वसह जिण फुलिंग? ?अरिहंते, सिद्धे, साहु, शरणं पवजामी केवली पन्नतम धम्मम शरणं पवजामी? ?लोक में विराजित समस्त अरिहंत परमेष्ठीयों को वंदन? ?लोक के अग्र भाग में सिध्द शिला पर विराजित समस्त सिध्द परमेष्ठीयों को वंदन ? ?ढाई द्वीप में विराजित समस्त आचार्य उपाध्याय साधु परमेष्ठीयों को नमन ? Facebook: fb.com/RajBagrechaa fb.com/JainRajeshBagrecha fb.com/RajeshBagrechaGharMandir Instagram: instagram.com/RajeshBagrecha.Jain.GharMandir Twitter: twitter.com/JainGoldnMandir ✊ "समूह रात्रिभोजन मुक्त जैन शासन" ? सामूहिक रात्रि भोजन त्याग हर जैनी को करना चाहिये ? ?सभी संयमी जीवो का रत्नत्रय सदाकाल उत्तम रहे सभी का दिन मंगलमय हो ? ?????????? 2026-02-12 07:22:55
153 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ Vandami mataji ????? 2026-02-12 07:22:01
152 48283815 Jain pramukh pathshala 1 <a href="https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeh5j7Fc-MVJ6a9Jb5x424YYufnRENFmVIAUKZ4Q-ISXXY2jg/viewform?usp=sharing&amp;ouid=112653187441854794126" target="_blank">https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeh5j7Fc-MVJ6a9Jb5x424YYufnRENFmVIAUKZ4Q-ISXXY2jg/viewform?usp=sharing&amp;ouid=112653187441854794126</a> *प्रमुख प्रश्न श्रंखला* Month: February Date: 12/02/26 *Question 12* शहद लपेटी तलवार, किस कर्म का उदाहरण है? 1. मोहनीय कर्म 2. वेदनीय कर्म 3. अंतराय कर्म 4. ज्ञानावरणीय कर्म Note: *प्रश्न का उत्तर आपको, ऊपर दिए गए गूगल फॉर्म लिंक में, आज शाम 5 बजे से पहले सबमिट करना है*?? 2026-02-12 07:21:55
151 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *मंगल शुभारंभ श्री तत्वार्थ सूत्र (मोक्ष शास्त्र )* *श्री तत्वार्थ सूत्र गोष्ठी एवं कंठ पाठ प्रतियोगिता* 2026-02-12 07:16:28
150 40449679 ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಜೈನಧರ್ಮ 2 ???? 2026-02-12 07:13:52
149 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ???? Wandami Matajii ???? Jai Jinendra Didi ?? 2026-02-12 07:13:04
148 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ??वंदामी माताजी?? ???????????? 2026-02-12 07:12:16
147 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी *।। द्रव्यानुयोग।।* _!! श्रीसर्वज्ञवीतरागाय नमः !!_ _श्रीमद्-भगवत्पूज्यपाद-आचार्य-प्रणीत_ *॥श्री इष्टोपदेश॥* _मूल संस्कृत गाथा_ ( *पंडित आशाधरजी* ) _मंगलाचरण_ *परमात्मानमानम्य, मुमुक्षुः स्वात्मसंविदे ।* *इष्टोपदेशमाचष्टे, स्वशक्त्याशाधरः स्फुटम् ॥* *मूलग्रन्थकर्ता का मंगलाचरण* *_यस्य स्वयं स्वाभावाप्ति, रभावे कृत्स्नकर्मणः_* *_तस्मै संज्ञान-रूपाय नमोऽस्तु परमात्मने ॥1॥_* _आत्मा को स्वयं ही स्वरूप की उपलब्धि कैसे? -_ *योग्योपादानयोगेन, दृषदः स्वर्णता मता* *द्रव्यादिस्वादिसंपत्तावात्मनोऽप्यात्मता मता ॥2॥* _स्वर्ण पाषाण सुहेतु से, स्वयं कनक हो जाय_ _सुद्रव्यादि चारों मिलें, आप शुद्धता थाय ॥२॥_ *अन्वयार्थ* : योग्य उपादान कारण के संयोग से जैसे पाषाण-विशेष स्वर्ण बन जाता है, वैसे ही सुद्रव्य सुक्षेत्र आदि रूप सामग्री के मिलने पर जीव भी चैतन्य-स्वरूप आत्मा हो जाता है। *आशाधरजी* : योग्य (कार्योत्पादनसमर्थी उपादान कारण के मिलने से पाषाण-विशेष, जिसमें सुवर्णरूप परिणमन (होने) की योग्यता पाई जाती है, वह जैसे स्वर्ण बन जाता है, वैसे ही अच्छे (प्रकृत कार्य के लिए उपयोगी) द्रव्य, क्षेत्र, काल, भावों की सम्पूर्णता होने पर जीव (संसारी आत्मा) निश्चल चैतन्य-स्वरूप हो जाता है। दूसरे शब्दों में, संसारी प्राणी जीवात्मा से परमात्म बन जाता है ॥२॥ 2026-02-12 07:11:40