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Message
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40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*⛳राजस्थान,महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखड, मेघालय* के सभी *जैन समाजबंधुओं से अत्यंत महत्वपूर्ण अनुरोध⛳*
आपके राज्य में *गणना कर्मी (Enumerator) Visit 14 जून तक है*
यदि अभी तक आपके घर गणना कर्मी नहीं पहुंचे हैं *तो कृपया आज ही तुरंत संपर्क करें।*
? सरकारी हेल्पलाइन 1855 पर तुरंत सूचना देकर सुनिश्चित करें कि वहाँ गणना कर्मी अवश्य पहुंचे।
कल के बाद यह अवसर निकल जाएगा, इसलिए *बिल्कुल भी देर न करें।*
अभी जांच करें, लोगों से संपर्क करें और तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें।
आइए सुनिश्चित करें कोई भी जैन परिवार गणना से छूटने न पाए।
सहायता के लिए WhatsApp करें: 9289811008
*Let Every Jain Count* |
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2026-06-11 11:09:56 |
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| 221663 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*⛳राजस्थान,महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखड, मेघालय* के सभी *जैन समाजबंधुओं से अत्यंत महत्वपूर्ण अनुरोध⛳*
आपके राज्य में *गणना कर्मी (Enumerator) Visit 14 जून तक है*
यदि अभी तक आपके घर गणना कर्मी नहीं पहुंचे हैं *तो कृपया आज ही तुरंत संपर्क करें।*
? सरकारी हेल्पलाइन 1855 पर तुरंत सूचना देकर सुनिश्चित करें कि वहाँ गणना कर्मी अवश्य पहुंचे।
कल के बाद यह अवसर निकल जाएगा, इसलिए *बिल्कुल भी देर न करें।*
अभी जांच करें, लोगों से संपर्क करें और तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें।
आइए सुनिश्चित करें कोई भी जैन परिवार गणना से छूटने न पाए।
सहायता के लिए WhatsApp करें: 9289811008
*Let Every Jain Count* |
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2026-06-11 11:09:56 |
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| 221661 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-06-11 11:09:16 |
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| 221660 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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2026-06-11 11:09:15 |
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| 221658 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*?प्रणाम सादर जय जिनेन्द्र?*
*?आम का त्याग आद्रा नक्षत्र...?*
*?आद्रा नक्षत्र दिनांक 22 जून 2026 को दोपहर 12:27 बजे बैठ रहा है। उसके बाद जीवों के बचाने और जीवन दान देने के लिए हैं सभी को आम का त्याग कर देना है।*
*हम सभी जानते हैं कि तारीख 22 जुन 2026 को दोपहर 12:27 से इस साल आद्रा नक्षत्र बैठ रहा है इसलिए आम का त्याग करना है।*
*♦️आद्रा ही क्यों?*
*?कुल सत्ताईस नक्षत्रों में से ग्यारह नक्षत्र बरसात के होते हैं और उनका प्रारंभ आद्रा नक्षत्र से होता है। सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तब से बरसात के वातावरण का और वातावरण में नमी (आद्रता) का प्रवेश हो जाता है।*
*?आम ही क्यों?*
*?नहीं, केवल आम ही नहीं, आम से बने हुयी अन्य वस्तुओं जैसे की आम पापड़ , करमदा, फालसा, जामुन आदि अन्य फल भी जिन पर नम वातावरण का असर होता है, वे सब फल त्याग करने होते हैं।*
*♦️यह त्याग किसलिए?*
*?प्रभु आज्ञा का पालन करने हेतु नम*
*वातावरण में जीवोत्पत्ति विशेष तौर पर होती है । जैन शासन में जयणा को बहुत ही महत्व दिया जाता है।*
*?आद्रा नक्षत्र बैठने पर या पहला बरसात आने पर (दोनों में से जो भी पहले हो) आम, जामुन आदि फलों में असंख्य जीवों की उत्पत्ति होने की शुरूरात हो जाती हैं ।*
*हमें खाने के लिये नहीं जीना पर जीने के लिए खाना होता है। हमारा खाना ऐसा होना चाहिए कि हमारा स्वास्थ्य भी पोषित हो और किसी जीव का शोषण भी नहीं हो।*
*कृपया ध्यान रखें कि 21 जून 2026 के बाद मंदिरजी में भी आम नहीं रखना है और पूजारीजी को भी सूचना देवे आद्रा नक्षत्र की ।*
*?क्योंकि अगर हम इसके बाद आम मंदिर में (स्वास्तिक करते वक्त सिद्धशिला पर) रखेंगे और उसका उपयोग अगर आद्रा नक्षत्र बैठने के बाद किया जाएगा तो उसका दोष भी हमें ही लगेगा। इसलिए मंदिर में एक दिन पहले से ही आम नहीं रखना हितावह है।*
*?आम के त्याग का समय*
*तारीख: 22-06-2026*
*समय - दोपहर 12:27 के पहेले*
*?संकलन - देवलोक जिनालय पालीताणा*
*?सिर्फ जैन समाज ग्रुप में भेजे?*
????????? |
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2026-06-11 11:08:58 |
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| 221659 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*?प्रणाम सादर जय जिनेन्द्र?*
*?आम का त्याग आद्रा नक्षत्र...?*
*?आद्रा नक्षत्र दिनांक 22 जून 2026 को दोपहर 12:27 बजे बैठ रहा है। उसके बाद जीवों के बचाने और जीवन दान देने के लिए हैं सभी को आम का त्याग कर देना है।*
*हम सभी जानते हैं कि तारीख 22 जुन 2026 को दोपहर 12:27 से इस साल आद्रा नक्षत्र बैठ रहा है इसलिए आम का त्याग करना है।*
*♦️आद्रा ही क्यों?*
*?कुल सत्ताईस नक्षत्रों में से ग्यारह नक्षत्र बरसात के होते हैं और उनका प्रारंभ आद्रा नक्षत्र से होता है। सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तब से बरसात के वातावरण का और वातावरण में नमी (आद्रता) का प्रवेश हो जाता है।*
*?आम ही क्यों?*
*?नहीं, केवल आम ही नहीं, आम से बने हुयी अन्य वस्तुओं जैसे की आम पापड़ , करमदा, फालसा, जामुन आदि अन्य फल भी जिन पर नम वातावरण का असर होता है, वे सब फल त्याग करने होते हैं।*
*♦️यह त्याग किसलिए?*
*?प्रभु आज्ञा का पालन करने हेतु नम*
*वातावरण में जीवोत्पत्ति विशेष तौर पर होती है । जैन शासन में जयणा को बहुत ही महत्व दिया जाता है।*
*?आद्रा नक्षत्र बैठने पर या पहला बरसात आने पर (दोनों में से जो भी पहले हो) आम, जामुन आदि फलों में असंख्य जीवों की उत्पत्ति होने की शुरूरात हो जाती हैं ।*
*हमें खाने के लिये नहीं जीना पर जीने के लिए खाना होता है। हमारा खाना ऐसा होना चाहिए कि हमारा स्वास्थ्य भी पोषित हो और किसी जीव का शोषण भी नहीं हो।*
*कृपया ध्यान रखें कि 21 जून 2026 के बाद मंदिरजी में भी आम नहीं रखना है और पूजारीजी को भी सूचना देवे आद्रा नक्षत्र की ।*
*?क्योंकि अगर हम इसके बाद आम मंदिर में (स्वास्तिक करते वक्त सिद्धशिला पर) रखेंगे और उसका उपयोग अगर आद्रा नक्षत्र बैठने के बाद किया जाएगा तो उसका दोष भी हमें ही लगेगा। इसलिए मंदिर में एक दिन पहले से ही आम नहीं रखना हितावह है।*
*?आम के त्याग का समय*
*तारीख: 22-06-2026*
*समय - दोपहर 12:27 के पहेले*
*?संकलन - देवलोक जिनालय पालीताणा*
*?सिर्फ जैन समाज ग्रुप में भेजे?*
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2026-06-11 11:08:58 |
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| 221656 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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2026-06-11 11:08:51 |
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| 221657 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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2026-06-11 11:08:51 |
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| 221654 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*?मुंबई महानगर में चौविहार करने के स्थान भोजनशाला दोपहर एवं शांम चालौ चौविहार करिये यह संदेश सभी जैन समाज ग्रुप में भेजे जय जिनेन्द्र?* |
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2026-06-11 11:08:17 |
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| 221655 |
40449678 |
1)जैन गुरुकुल से एकता, धर्म और समाज का उत्थान और तीर्थ रक्षा |
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*?मुंबई महानगर में चौविहार करने के स्थान भोजनशाला दोपहर एवं शांम चालौ चौविहार करिये यह संदेश सभी जैन समाज ग्रुप में भेजे जय जिनेन्द्र?* |
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2026-06-11 11:08:17 |
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