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221031 40449669 दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 *व्यय के अनुसार आय करो और आय के अनुसार व्यय करो।* ✨✨✨✨ *आय व्यय की नीति न आप समझ पा रहे हो न बच्चों को समझा पा रहे हो।* युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज ???✨✨??? ???????? रेत रेतिल से नहीं *रे! तिल से* तेल निकल सकता है *निकलता ही है विधिवत् निकालने से* नीर-मन्थन से नहीं विनीत-नवनीत *क्षीर-मन्थन से* निकल सकता है निकलता ही है *विधिवत् निकालने से* ये सब नीतियाँ सबको ज्ञात हैं *किन्तु हित क्या है ?* अहित क्या है ? हित किस में निहित है कहाँ ज्ञात है ? *किसे ज्ञात है ?* मानो ज्ञात भी हो तुम्हें *शाब्दिक मात्र...!* अन्यथा अहित पन्थ के पथिक *कैसे बने हो तुम!* निज को तज जड का मन्थन करते हो *तुम कैसे पागल हो ?* तुम कैसे ‘पाग' लहो | ? *तुम कैसे पागल हो* ( डूबो मत लगाओ डुबकी ) ? आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज 2026-06-11 06:57:30
221030 40449669 दिगंबर जैन मुनि विहार समूह 4 *व्यय के अनुसार आय करो और आय के अनुसार व्यय करो।* ✨✨✨✨ *आय व्यय की नीति न आप समझ पा रहे हो न बच्चों को समझा पा रहे हो।* युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज ???✨✨??? ???????? रेत रेतिल से नहीं *रे! तिल से* तेल निकल सकता है *निकलता ही है विधिवत् निकालने से* नीर-मन्थन से नहीं विनीत-नवनीत *क्षीर-मन्थन से* निकल सकता है निकलता ही है *विधिवत् निकालने से* ये सब नीतियाँ सबको ज्ञात हैं *किन्तु हित क्या है ?* अहित क्या है ? हित किस में निहित है कहाँ ज्ञात है ? *किसे ज्ञात है ?* मानो ज्ञात भी हो तुम्हें *शाब्दिक मात्र...!* अन्यथा अहित पन्थ के पथिक *कैसे बने हो तुम!* निज को तज जड का मन्थन करते हो *तुम कैसे पागल हो ?* तुम कैसे ‘पाग' लहो | ? *तुम कैसे पागल हो* ( डूबो मत लगाओ डुबकी ) ? आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज 2026-06-11 06:57:29
221028 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-11 06:54:31
221029 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी 2026-06-11 06:54:31
221027 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? *प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है ये आप ही के कर्मों से आती है दूसरों को क्षमा करें इसलिए नहीं की वे क्षमा के पात्र हैं बल्कि इसलिए कि आप शांति से जीना चाहते हैं।* जय जिनेंद्र? 2026-06-11 06:54:17
221026 40449664 ?सम्पूर्ण भारतवर्ष जैन मुनि विहार एवं माता जी विहार समूह ?और गणमान्यगण? *प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है ये आप ही के कर्मों से आती है दूसरों को क्षमा करें इसलिए नहीं की वे क्षमा के पात्र हैं बल्कि इसलिए कि आप शांति से जीना चाहते हैं।* जय जिनेंद्र? 2026-06-11 06:54:16
221024 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ??वंदामी माताजी?? ???????????? 2026-06-11 06:50:17
221025 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ??वंदामी माताजी?? ???????????? 2026-06-11 06:50:17
221022 49028270 1.श्री सम्मेद शिखर जी ?⏰*सुप्रभात* ?⏰ *हमारी..?‍♂️?‍♀️* *सबसे बड़ी धन सम्पत्ति..?* *हमारी बुद्धि है..?* *सबसे ताकतवर शस्त्र..?* *हमारा धैर्य है..?* *सबसे उत्तम सुरक्षा..?* *हमारा विश्वास है एवं..?* *सबसे प्रभावशाली..?* *है हमारी हँसी..?* *अपनो..?* *के प्रति मुस्कराहट..?* ✒️✒️✒️✒️✒️ *हमनें छोड़ दिये..?* *उन व्यक्तियों को जिन्हें..??* *हमारी आवश्यकता तो हैं है ..??* *किन्तु उनके मन में..❤️* *हमारे प्रति सम्मान..?* *नहीं है..??* *माँ की ममता और..?* *पिता की क्षमता का..?️* *कोई अंदाजा..?* *नहीं लगा सकता..??* ??? *आपका दिन शुभ मंगलमय हो* ??? *क्षु0 जिनदत्त सागर जी* 2026-06-11 06:50:08
221023 40449703 गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ ???? Wandami Matajii ???? Jai Jinendra Didi ?? 2026-06-11 06:50:08