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Message
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Date |
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40449667 |
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी |
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<a href="https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DZPBXCCSBLR/?igsh=cDNwZ201bmwxM3Nu</a> Jai Jinendra dev ji ki jai ho prabhu ji ??? विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-13 05:38:49 |
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| 225957 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-13 05:38:24 |
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| 225958 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-13 05:38:24 |
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| 225956 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-13 05:37:14 |
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| 225955 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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2026-06-13 05:37:13 |
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| 225952 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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*"ताकतवर होकर भी"* *"झुक जाना श्रेष्ठ गुण है,"* *"और श्रेष्ठ होकर भी"* *"साधारण रहना सर्वश्रेष्ठ"* *"गुण है..!!"* *??जय जिनेंद्र??* विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-13 05:36:54 |
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| 225953 |
47534159 |
Maharstra (kartick) |
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*आत्मचिंतन - (नं. 2638)*
*******************************
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(*248*)
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं -
*|| तीसरा अध्याय II*
*द्वयोर्द्वयो: पूर्वा: पूर्वागा: ||*
(अध्याय 3 / सूत्र 22)
*व्दयो: व्दयो: पूर्वा: पूर्वागा: ॥3/22॥*
*मतलब -*
~~~~~~
गंगा, रोहित, हरित, सीता, नारी, सुवर्णकुला और रक्ता ये सात नदियाँ पूर्वी समुद्र में मिलती हैं।
*शेषास्त्वपरगा: ||*
( अध्याय 3 / सूत्र 23 )
*शेषा: तु अपरगा || 3/23||*
*मतलब -*
~~~~~~~
बाकी सात नदियाँ ( यानी सिंधु, रोहितास्या, हरिकांता, सीतोदा, नरकांता, रूप्यकुला और रक्तोदा ) पश्चिमी समुद्र में मिलती हैं।
*(क्रमशः) ( ता. 13/06/2026 )*
*--डॉ.अजीत जे.पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र*
???
(कु.9880/आ.3305) |
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2026-06-13 05:36:54 |
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| 225954 |
49028270 |
1.श्री सम्मेद शिखर जी |
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CMnv |
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2026-06-13 05:36:54 |
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| 225949 |
40449666 |
नव आचार्य समय सागर जी भक्त |
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*"ताकतवर होकर भी"* *"झुक जाना श्रेष्ठ गुण है,"* *"और श्रेष्ठ होकर भी"* *"साधारण रहना सर्वश्रेष्ठ"* *"गुण है..!!"* *??जय जिनेंद्र??* विद्या पूर्ण धर्म प्रभावना का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App
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2026-06-13 05:36:53 |
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47534159 |
Maharstra (kartick) |
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*आत्मचिंतन - (नं. 2638)*
*******************************
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र तथा मोक्षशास्त्र*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(*248*)
*श्रीतत्त्वार्थसूत्र* अपरनाम *मोक्षशास्त्र* जैन दर्शन का सुंदर विश्लेषण करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ / आगम / शास्त्र है। हम इसे स्टेप बाय स्टेप समझ रहे हैं -
*|| तीसरा अध्याय II*
*द्वयोर्द्वयो: पूर्वा: पूर्वागा: ||*
(अध्याय 3 / सूत्र 22)
*व्दयो: व्दयो: पूर्वा: पूर्वागा: ॥3/22॥*
*मतलब -*
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गंगा, रोहित, हरित, सीता, नारी, सुवर्णकुला और रक्ता ये सात नदियाँ पूर्वी समुद्र में मिलती हैं।
*शेषास्त्वपरगा: ||*
( अध्याय 3 / सूत्र 23 )
*शेषा: तु अपरगा || 3/23||*
*मतलब -*
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बाकी सात नदियाँ ( यानी सिंधु, रोहितास्या, हरिकांता, सीतोदा, नरकांता, रूप्यकुला और रक्तोदा ) पश्चिमी समुद्र में मिलती हैं।
*(क्रमशः) ( ता. 13/06/2026 )*
*--डॉ.अजीत जे.पाटिल जैन, सांगली, महाराष्ट्र*
???
(कु.9880/आ.3305) |
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2026-06-13 05:36:53 |
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