आचार्य श्री १०८ सुनील सागरजी महाराज के परम शिष्य मुनी श्री १०८ सुमंत्र सागरजी महाराज के करकमलों से श्रीमती विमला पाटनी, रतलाम को क्षुल्लिका दीक्षा १७ नवंबर २०२४ को कुशलगढ, राजस्थान में दी गई, दीक्षा पश्चात उनका नाम क्षुल्लिका श्री १०५ सुबोधमती माताजी रखा गया।
On November 17, 2024, under the guidance of Muni Shri 108 Sumantra Sagarji Maharaj, the esteemed disciple of Acharya Shri 108 Sunil Sagarji Maharaj, Smt. Vimla Patni from Ratlam was given the Kshullika Diksha in Kushalgadh, Rajasthan. After the Diksha, she was named Kshullika Shri 105 Subodhmati Mataji.