मुनि श्री १०८ सुपार्श्वसेनजी महाराज ने आचार्य श्री 108 सुबल सागरजी महाराज से दीक्षा ली। १० नवंबर २०२५ को महाराज जी ने शांत एवं निर्मल भाव से आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होते हुए उत्कृष्ट समाधि मरण प्राप्त किया।
Muni Shri 108 Suparshwasenji Maharaj received Initiation from Acharya Shri 108 Subal Sagarji Maharaj. On 10 November 2025 Maharaj ji had a soulful samadhi.