
पूजूँ मैं श्री पंच परमगुरु, उनमें प्रथम श्री अरहन्त । अविनाशी अविकारी सुखमय, दूजे पूजूँ सिद्ध महंत ॥
महावीर निर्वाण दिवस पर, महावीर पूजन कर लूँ वर्धमान अतिवीर वीर, सन्मति प्रभु को वन्दन कर लूँ ॥
प्रथम देव अरहंत, सुश्रुत सिद्धांत जू गुरु निर्ग्रन्थ महन्त, मुकतिपुर पन्थ जू ॥
देव-शास्त्र-गुरुवर अहो! मम स्वरूप दर्शाय। किया परम उपकार मैं, नमन करूँ हर्षाय॥
शुद्ध ब्रह्म परमात्मा, शब्दब्रह्म जिनवाणी। शुद्धातम साधक दशा, नमो जोड़ जुग पाणि।
(M) आहार सामग्री के भक्ष्य, अभक्ष्य की जानकारी एवं आवश्यक निर्देश:- Index and Quick Navigation A पूजन एवं आहारदान संबंधी निर्देश B. आहारदान की निम्न आवश्यक पात्रतायें एवं निर्देश C.निरन्तराय आहार हेतु सावधानियाँ एवं आवश्यक निर्देश D. फल, साग की सही प्रासुक विधि एवं सावधानियाँ E. आहार सामग्री की शुद्धि भी आवश्यक […]