यह कवि देहलीके निवासी थे। कभी-कभी ये सांगानेर भी आकर रहा करते थे। इनके पिताका नाम सुन्दर और माताका नाम अभिषा था। इन्होंने भट्टारक लामीदास के पास विद्याध्ययन किया था। इनकी निम्नलिखित रचनाएँ उपलब्ध हैं १.हरिवंशपुराण (सं० १७८०) २. पद्मपुराण (सं० १७८५) ३. धन्यकुमारचरित ४. जम्बूचरित ५. व्रतकथाकोश
नयी घटनाये
All Chaturmas Details
परिचय
खुशालचंद काला
यह कवि देहलीके निवासी थे। कभी-कभी ये सांगानेर भी आकर रहा करते थे। इनके पिताका नाम सुन्दर और माताका नाम अभिषा था। इन्होंने भट्टारक लामीदास के पास विद्याध्ययन किया था। इनकी निम्नलिखित रचनाएँ उपलब्ध हैं १.हरिवंशपुराण (सं० १७८०) २. पद्मपुराण (सं० १७८५) ३. धन्यकुमारचरित ४. जम्बूचरित ५. व्रतकथाकोश
यह कवि देहलीके निवासी थे। कभी-कभी ये सांगानेर भी आकर रहा करते थे। इनके पिताका नाम सुन्दर और माताका नाम अभिषा था। इन्होंने भट्टारक लामीदास के पास विद्याध्ययन किया था। इनकी निम्नलिखित रचनाएँ उपलब्ध हैं १.हरिवंशपुराण (सं० १७८०) २. पद्मपुराण (सं० १७८५) ३. धन्यकुमारचरित ४. जम्बूचरित ५. व्रतकथाकोश