मुनि श्री १०८ विश्वकीर्ति सागरजी महाराज ने आचार्य श्री १०८ विनम्रसागरजी महाराज के करकमलों से मुनि दीक्षा ग्रहण की। विशेष रूप से, वे आचार्य श्री १०८ विनम्रसागरजी महाराज के पूज्य पिताश्री भी हैं।
प्रदान की गई जानकारी 'दिगजैनविकी' डेटाबेस के अनुसार है और वास्तविक तथ्यों से भिन्न हो सकती है।" दीक्षा गुरु: Acharya Shri 108 Vinamra Sagarji Maharaj 1963