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#UtsahmatijiPunyasagarji1965
Aryika Shri 105 Utsahmati Mataji received Initiation from Muni Shri 108 Punya Sagarji Maharaj
श्रीमती पुष्पाबाई चंपावत का जन्म धरियावद में हुआ था। उनके पिताजी का नाम श्री गणेशलाल और माताजी का नाम श्रीमती भूरी बाई था। उन्होंने कक्षा ५ तक शिक्षा प्राप्त की। उनका विवाह श्री कांतीलालजी चंपावत से हुआ, और उनके तीन पुत्र एवं दो पुत्रियाँ हैं। आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर होते हुए, उन्होंने आचार्य श्री १०८ अजित सागरजी महाराज से ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण किया। वर्ष २०१२ में उन्होंने गिरिडीह में मुनि श्री १०८ पुण्य सागरजी महाराज से २ प्रतिमा व्रत ग्रहण किया और फिर २०१५ में धरियावद में आचार्य श्री १०८ सुनील सागरजी महाराज से ७ प्रतिमा व्रत लिया। आध्यात्मिक उन्नति की ओर आगे बढ़ते हुए, ११ अक्टूबर २०१६ को विजयनगर, असम में मुनि श्री १०८ पुण्य सागरजी महाराज से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की, जिसके पश्चात उनका नया नाम आर्यिका श्री १०५ उत्साहमति माताजी रखा गया। उनके परिवार में उनके पति ने भी त्याग मार्ग को अपनाया और वे समाधिस्थ मुनी श्री १०८ समाधि सागरजी महाराज बने।
Husband- Shri Samadhi Sagarji Maharaj. Deeksha Samadhi - 11-March-1987
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आर्यिका श्री १०५ उत्साहमती माताजी
Muni Shri 108 Punyasagarji Maharaj-1965
मुनि श्री १०८ पुण्यसागरजी महाराज 1965 Muni Shri 108 Punyasagarji Maharaj-1965
Punyasagarji1965AjitSagarJiMaharaj
Aryika Shri 105 Utsahmati Mataji received Initiation from Muni Shri 108 Punya Sagarji Maharaj
Shrimati Pushpabai Champawat was born in Dhariyawad. Her father’s name was Shri Ganeshlal, and her mother’s name was Shrimati Bhuri Bai. She studied up to the 5th grade. She was married to Shri Kantilalji Champawat and had three sons and two daughters. Moving towards the spiritual path, she took Brahmacharya Vrat under Acharya Shri 108 Ajit Sagarji Maharaj. In 2012, she accepted the 2nd Pratima Vrat in Giridih from Muni Shri 108 Punya Sagarji Maharaj, and in 2015, she took the 7th Pratima Vrat in Dhariyawad from Acharya Shri 108 Sunil Sagarji Maharaj. Progressing further on the path of spirituality, she took Aryika Diksha on October 11, 2016, in Vijayanagar, Assam, from Muni Shri 108 Punya Sagarji Maharaj and was renamed Aryika Shri 105 Utsahamati Mataji. In her family, her husband also embraced the path of renunciation and became Samadhistha Muni Shri 108 Samadhi Sagarji Maharaj.
Husband- Shri Samadhi Sagarji Maharaj. Deeksha Samadhi - 11-March-1987
Aryika Shri 105 Utsahmati Mataji
मुनि श्री १०८ पुण्यसागरजी महाराज 1965 Muni Shri 108 Punyasagarji Maharaj-1965
मुनि श्री १०८ पुण्यसागरजी महाराज 1965 Muni Shri 108 Punyasagarji Maharaj-1965
Muni Shri 108 Punyasagarji Maharaj-1965
Aryika Shri 105 Utsahmati Mataji
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