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#SheetalSagarJiMaharaj(VeerpurRaisen)DharmSagarJi

Muni Shri 108 Sheetal Sagar Ji Maharaj was born in Veerpur,Dist-Raisen,Madhya Pradesh.His name was Nanhelal before diksha.He received the initiation from Acharya Shri 108 Dharm Sagar Ji Maharaj.
आपका जन्म माघ सुदी पंचमी सम्वत् 1955 के दिन परवार जातीय बाझल्ल गोत्र में श्रीमान् गोपाल दासजी मोदी के घर श्रीमती हर बाईजी की कुक्षि से रायसेन जिले के बीरपुर ग्राम में हुआ था। गृहस्था वस्था में आपका नाम नन्हेंलाल था।
आपके माता-पिता उदार हृदयी सन्तोषी व्यक्ति थे । आप अपने माता पिता के बीच एक मात्र लाडले पुत्र थे । घर गृहस्थी का पूरा भार आपके ऊपर ही निर्भर था। आपके पिता ने आपको मात्र प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा ही दिलाई। अल्प शिक्षा प्राप्त कर अपने पिता को व्यापार आदि में सहयोग देने लगे । आपकी आर्थिक स्थिति विशेष सम्पन्न नहीं रही इसीलिए आजीविका की जिम्मेवारी आपके ऊपर थी। बाईस वर्ष की अवस्था में बांसादेई के श्रीमान् नन्हेंलालजी के घर श्रीमती कौंसाबाई के साथ आपका विवाह हुआ । पांच वर्ष बाद आप वीरपुर से व्यापार के उद्देश्य से सागर चले आए और वहीं रहने लगे । आपको तीन पुत्र और चार पुत्रियों का संयोग मिला।
आपके अन्तर में वैराग्य की निर्मल ज्योति का अंकुरण हुआ फलतः रेशंदीगिरिजी की पंच कल्याणक प्रतिष्ठा के समय परम पूज्य मुनिराज आदिसागरजी महाराज से दूसरी प्रतिमा के व्रत अङ्गीकार कर लिये । चार माह बाद ही आहारजी अतिशय क्षेत्र में मुनि श्री धर्मसागरजी महाराज से तीसरी प्रतिमा के व्रत ले लिए । अन्तर में वैराग्य की निर्मल धारा बही फलत: सावन सुदी अष्टमी सम्वत् २०२० के दिन सागर में मुनि श्री से ही सप्तम प्रतिमा के व्रत ग्रहण कर लिये।
शीघ्र ही वह भी समय आया जब अन्तर में सच्ची वैराग्यता झिलमिलाने लगी और कातिक शुक्ला एकादशी सं० २०२१ के दिन अतिशय क्षेत्र पपौराजी में परम पूज्य दि० जैनाचार्य श्री शिवसागरजी महाराज से आपने क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण कर ली। श्री धर्मसागरजी से मुनिदीक्षा महावीरजी में ली । टौंक में
समाधि मरण किया।
संसार की इस क्षण-भंगुर नश्वरता एवं प्रसारता से भयभीत होकर जिस पुरुषार्थ से आपने इस पथ का अवलम्बन किया, वह आपकी सच्ची वैराग्य भावना का प्रतीक है।
Book written by Pandit Dharmchandra Ji Shashtri -Digambar Jain Sadhu
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Book written by Pandit Dharmchandra Ji Shashtri -Digambar Jain Sadhu
मुनि श्री १०८ शीतल सागरजी महाराज
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| Siddharth jain Baddu | +917987281995 | #AcharyaShriVidyasagarjiMaharaj, #VishalSagarJiMaharaj1977VidyaSagarJi |
| Akshay Adadande | +919765069127 | #AcharyaShriVidyasagarjiMaharaj, #NiyamSagarJiMaharaj1957VidyaSagarJi |
| Mayur Jain | +918484845108 | #SundarSagarJiMaharaj1976SanmatiSagarJi, #VibhavSagarJiMaharaj1976ViragSagarJi, #PrabhavsagarjiPavitrasagarJiMaharaj1949, #MayanksagarjiRayansagarJiMaharaj1955 |
आचार्य श्री १०८ धर्म सागरजी महाराज १९१४ Acharya Shri 108 Dharm Sagarji Maharaj 1914
DharmSagarJiMaharaj1914
Book written by Pandit Dharmchandra Ji Shashtri -Digambar Jain Sadhu
Muni Shri 108 Sheetal Sagar Ji Maharaj was born in Veerpur,Dist-Raisen,Madhya Pradesh.His name was Nanhelal before diksha.He received the initiation from Acharya Shri 108 Dharm Sagar Ji Maharaj.
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आचार्य श्री १०८ धर्म सागरजी महाराज १९१४ Acharya Shri 108 Dharm Sagarji Maharaj 1914
आचार्य श्री १०८ धर्म सागरजी महाराज १९१४ Acharya Shri 108 Dharm Sagarji Maharaj 1914
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Muni Shri 108 Sheetal Sagarji Maharaj (Veerpur Raisen)
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