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Aug 23
Das Lakshan Pooja-दस लक्षण पूजा

उत्तम क्षमा मारदव आरजव भाव हैं, सत्य शौच संयम तप त्याग उपाव हैं | आकिंचन ब्रह्मचर्य धरम दश सार हैं, चहुँगति -दुखतैं काढि मुक्ति करतार हैं ||

Aug 19
Atha Paramarshi Swasti Mangal Vidhan अथ परमर्षि स्वस्ति मंगल विधान

नित्याप्रकंपाद्भुत-केवलौघाः,स्फुरन्मनःपर्यय-शुद्धबोधा:। दिव्यावधिज्ञान-बलप्रबोधा:, स्वस्ति-क्रियासु: परमर्षयो न:।१।

Aug 19
Samucchay Mahaargh समुच्चय महार्घ्य

मैं देव श्री अर्हन्त पूजूँ सिद्ध पूजूँ चावसों | आचार्य श्री उवझाय पूजूँ साधु पूजूँ भाव सों ||१||

Aug 16
Shanti Path (Hindi) शांति-पाठ(हिन्दी)

शांतिनाथ। मुख शशि-उनहारी, शील-गुण-व्रत, संयमधारी। लखन एकसौ-आठ विराजें, निरखत नयन-कमल-दल लाजें ॥१॥

Aug 16
Veer Prabhu Ki Arati वीर प्रभु की आरती

ओम जय सन्मति-देवा, प्रभु जय सन्मति-देवा। वीर महा-अतिवीर, प्रभु जी वर्द्धमान-देवा।। टेक

Aug 16
Visarjan Paath विसर्जन पाठ

ज्ञानतोऽज्ञानतो वापि शास्त्रोक्तं न कृतं मया। तत्सर्वं पूर्णमेवास्तु त्वत्प्रसादाज्जिनेश्वर।१।

Aug 12
Chaturvinshati Tirthankar Swasti Vidhaan चतुर्विंशति तीर्थंकर स्वस्ति विधान

श्रीवृषभो नः स्वस्ति, स्वस्ति श्रीअजितः श्रीसंभवः स्वस्ति, स्वस्ति श्रीअभिनंदनः

Aug 12
Swasti Mangal Vidhan स्वस्ति मंगल विधान

श्रीमज्जिनेन्द्रमभिवंद्य जगत्त्रयेशम् । स्याद्वाद-नायक-मनंत-चतुष्टयार्हम् || श्रीमूलसंघ-सुदृशां सुकृतैकहेतुर । जैनेन्द्र-यज्ञ-विधिरेष मयाऽभ्यधायि |1|

Aug 12
Bhajan भजन

श्री जी! मैं थाने पूजन आयो, मेरी अरज सुनो दीनानाथ! श्री जी, मैं थाने पूजन आयो।॥१॥

Aug 12
Mangal Path मंगलपाठ

मंगलमूर्ति परमपद, पंच धरौं नित ध्यान। हरो अमंगल विश्व का, मंगलमय भगवान् ।१।

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