Nov 09
Mithyatam Nasve Ko- Jinvani-Stuti मिथ्याताम नाशवे को – जिनवाणी स्तुति

मिथ्यातम नासवे को, ज्ञान के प्रकासवे को, आपा-पर भासवे को, भानु-सी बखानी है ।

Nov 09
Sakal Dney Dnayak Tadapi- Darshan-Stuti सकल द्नेय द्नायक तदपि – दर्शन स्तुति

सकल ज्ञेय ज्ञायक तदपि, निजानंद रसलीन सो जिनेन्द्र जयवंत नित, अरि-रज-रहस विहीन ॥

Nov 08
Bando Shri Arihant Param Guru- Samadhimaran-Bhasha बंदो श्री अरिहंत परम गुरु – समाधिमरण भाषा

बन्दौं श्री अरिहंत परम गुरु, जो सबको सुखदाई इस जग में दुख जो मैं भुगते, सो तुम जानो राईं ॥

Nov 08
Din Raat Mere Swami- Samadhi-Bhavana दिन रात मेरे स्वामी – समाधि भावना

दिन रात मेरे स्वामी, मैं भावना ये भाऊँ, देहांत के समय में, तुमको न भूल जाऊँ ॥टेक॥

Nov 08
Gautam Swami Bando Nami- Samadhi-Maran गौतम स्वामी बंदो नामी – समाधि मरण

गौतम स्वामी बन्दों नामी मरण समाधि भला है मैं कब पाऊँ निश दिन ध्याऊँ गाऊँ वचन कला है ॥

Nov 08
Jo Moh Maya Maan Matsar- Mahavir-Vandana जो मोह माया मान मत्सर – महावीर वंदना

जो मोह माया मान मत्सर, मदन मर्दन वीर हैं जो विपुल विघ्नों बीच में भी, ध्यान धारण धीर हैं ॥