Mar 07
Arahant Siddha Acharya Naman-Panchaparamesthi-Pavaiyaji Krit अरहंत सिद्ध आचार्य नमन् – पंचपरमेष्ठी – पवैया जी कृत

अरहन्त सिद्ध आचार्य नमन, हे उपाध्याय हे साधु नमन जय पंच परम परमेष्ठी जय, भवसागर तारणहार नमन॥

Mar 07
Dev-Shastra-Naman-Samucch Pooja-Bal Brahmachari Sardarmal Ji Krut देव शास्त्र नमन् समुच्च पूजा – बाल ब्रह्मचारी सरदारमल जी कृत

देव-शास्त्र-गुरु नमन करि, बीस तीर्थंकर ध्याय I सिद्ध शुद्ध राजत सदा, नमूँ चित्त हुलसाय॥

Mar 06
Veetarag Arihant Dev-Dev-Shastra-Guru-Pandit Pavaiya Krut वीतराग अरिहंत देव – देव शास्त्र गुरु – पंडित पवैया कृत

वीतराग अरिहंत देव के पावन चरणों में वन्दन। द्वादशांग श्रुत श्री जिनवाणी जग कल्याणी का अर्चन॥

Mar 02
Keval Ravi Kirno se- Dev Shastra Guru Puja – Yugal Ji Krut केवल रवि किरणों से – देव शास्त्र गुरु पूजा – युगल जी कृत

केवल-रवि किरणों से जिसका, सम्पूर्ण प्रकाशित है अंतर । उस श्री जिनवाणी में होता, तत्त्वों का सुंदरतम दर्शन ॥ सद्दर्शन-बोध-चरण पथ पर, अविरल जो बढते हैं मुनि-गण। उन देव परम आगम गुरु को, शत-शत वंदन शत-शत वंदन ॥

Jan 12
Karma Kaise Kare- कर्म कैसे करे,मुनिश्री क्षमासागरजी – Download Pravachans

Karma Kaise Kare- कर्म कैसे करे,मुनिश्री क्षमासागरजी - Download Pravachans

Nov 15
Apurva Avasar

अपूर्व-अवसर Author: Shrimad RajchandraLanguage : HindiRhythm: Type: Apurva AvasarParticulars: PaathCreated By: Shashank Shaha अपूर्व अवसर ऐसा किस दिन आएगाकब होऊँगा बाह्यान्तर निर्ग्रंथ जबसंबंधों का बंधन तीक्ष्ण छेदकरविचरूंगा कब महत्पुरुष के पंथ जब॥१॥ उदासीन वृत्ति हो सब परभाव सेयह तन केवल संयम हेतु होय जबकिसी हेतु से अन्य वस्तु चाहूँ नहींतन में किंचित भी ​​मूर्च्छा नहीं […]

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