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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 70580 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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नवकार महामंत्र दिवस आज, सामूहिक नवकार मंत्र के पाठ से पुन्य कमाये!
आगरा मे चारो समाज का संयुक्त मुख्य कार्पक्रम एम डी जैन मे, सुबह 8 बजे अवश्य पधारें! |
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2026-04-09 05:47:26 |
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| 70579 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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नवकार महामंत्र दिवस आज, सामूहिक नवकार मंत्र के पाठ से पुन्य कमाये!
आगरा मे चारो समाज का संयुक्त मुख्य कार्पक्रम एम डी जैन मे, सुबह 8 बजे अवश्य पधारें! |
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2026-04-09 05:47:25 |
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| 70578 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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??वंदामी माताजी??
???????????? |
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2026-04-09 05:45:55 |
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| 70577 |
40449703 |
गणिनी आर्यिका जिनदेवी माँ |
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??वंदामी माताजी??
???????????? |
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2026-04-09 05:45:54 |
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| 70575 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
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<a href="https://www.youtube.com/live/gmxR82TVzPU?si=KVo7OeUIYYTWjALf" target="_blank">https://www.youtube.com/live/gmxR82TVzPU?si=KVo7OeUIYYTWjALf</a> |
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2026-04-09 05:45:15 |
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| 70576 |
40449689 |
? विद्या शरणम ०१ ? |
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<a href="https://www.youtube.com/live/gmxR82TVzPU?si=KVo7OeUIYYTWjALf" target="_blank">https://www.youtube.com/live/gmxR82TVzPU?si=KVo7OeUIYYTWjALf</a> |
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2026-04-09 05:45:15 |
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| 70574 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??????
????जयपुर? |
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2026-04-09 05:45:01 |
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| 70573 |
40449665 |
2.0 Jain Dharam ? जैन धर्म |
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??????
????जयपुर? |
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2026-04-09 05:45:00 |
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| 70572 |
48925761 |
आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 |
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*मैं समझता हूं पढ़ा लिखा होना इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि समझदार होना है।*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
???⭐⭐???
ज्ञान ही दुःख का.....मूल है,
ज्ञान ही भव का...कूल है।
राग सहित सो प्रतिकूल है,
राग रहित सो अनुकूल है,
चुन चुन इन में......समुचित तू
मत चुन अनुचित भूल है।
सब शास्त्रों का सार यही
समता बिन सब धूल है।
? *आंखों में धूल,* (डूबो मत लगाओ डुबकी) ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-09 05:44:19 |
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| 70571 |
48925761 |
आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज.3 |
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*मैं समझता हूं पढ़ा लिखा होना इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि समझदार होना है।*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
???⭐⭐???
ज्ञान ही दुःख का.....मूल है,
ज्ञान ही भव का...कूल है।
राग सहित सो प्रतिकूल है,
राग रहित सो अनुकूल है,
चुन चुन इन में......समुचित तू
मत चुन अनुचित भूल है।
सब शास्त्रों का सार यही
समता बिन सब धूल है।
? *आंखों में धूल,* (डूबो मत लगाओ डुबकी) ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-09 05:44:18 |
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