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75550 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9N5jJE0Up/?igsh=OWJ6NDg2ZG1rdTh0" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9N5jJE0Up/?igsh=OWJ6NDg2ZG1rdTh0</a> ✨ ✨ Sab vaar chuke hain tumpe ?? ✨ Follow us - Vishudh mahamuniraj 2026-04-10 21:24:11
75549 42131354 जिनधर्म प्रभावक प्रकोष्ठ (JAIN INFLUENCER), विश्व जैन संगठन <a href="https://www.instagram.com/reel/DW9N5jJE0Up/?igsh=OWJ6NDg2ZG1rdTh0" target="_blank">https://www.instagram.com/reel/DW9N5jJE0Up/?igsh=OWJ6NDg2ZG1rdTh0</a> ✨ ✨ Sab vaar chuke hain tumpe ?? ✨ Follow us - Vishudh mahamuniraj 2026-04-10 21:24:10
75547 40449749 जिनोदय?JINODAYA *सहनशीलता की सीमा: क्षमा और कायरता के बीच की रेखा* जीवन में सहनशीलता एक महान गुण माना गया है। यह व्यक्ति को धैर्यवान, संयमी और स्थिर बनाता है। लेकिन हर गुण की एक सीमा होती है, और जब वह सीमा पार हो जाती है, तो वही गुण कमजोरी का कारण बन जाता है। क्षमा वीरों का आभूषण है, परंतु जब क्षमा कायरता की आड़ बन जाए, तब वह धर्म नहीं बल्कि अधर्म बन जाती है। आज समाज में कई बार लोग सहनशीलता के नाम पर अन्याय को सहते रहते हैं। वे यह सोचकर चुप रहते हैं कि शांत रहना ही श्रेष्ठ है। लेकिन यह समझना आवश्यक है कि अन्याय को सहना भी उतना ही बड़ा अपराध है, जितना कि अन्याय करना। जब कोई व्यक्ति बार-बार गलत करता है और हम केवल क्षमा करते रहते हैं, तो हम उसके गलत कार्यों को बढ़ावा दे रहे होते हैं। सहनशीलता का सही अर्थ है—सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना। जहां संवाद से समाधान संभव हो, वहां धैर्य रखना उचित है। लेकिन जहां बार-बार अपमान, अत्याचार या अन्याय हो रहा हो, वहां मौन रहना कायरता है। धर्म हमें यह नहीं सिखाता कि हर परिस्थिति में चुप रहें, बल्कि यह सिखाता है कि सत्य और न्याय के लिए खड़े हों। क्षमा तब तक सुंदर है, जब तक वह आत्मबल से उत्पन्न हो। यदि क्षमा डर, दबाव या कमजोरी के कारण की जा रही है, तो वह क्षमा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का हनन है। एक सच्चा और सजग व्यक्ति वही है, जो समय आने पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए और सही का साथ दे। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सहनशीलता और कायरता के बीच के अंतर को समझें। अपने भीतर इतना साहस रखें कि जहां जरूरत हो, वहां दृढ़ता से खड़े हो सकें। क्योंकि यदि हम ही चुप रहेंगे, तो गलत करने वालों का मनोबल बढ़ेगा और समाज में अधर्म फैलता जाएगा। इसलिए याद रखें—सहनशील बनें, लेकिन कमजोर नहीं। क्षमा करें, लेकिन अपनी आत्मा और सत्य के साथ समझौता न करें। यही सच्चे धर्म और जीवन की पहचान है। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-10 21:19:43
75548 40449749 जिनोदय?JINODAYA *सहनशीलता की सीमा: क्षमा और कायरता के बीच की रेखा* जीवन में सहनशीलता एक महान गुण माना गया है। यह व्यक्ति को धैर्यवान, संयमी और स्थिर बनाता है। लेकिन हर गुण की एक सीमा होती है, और जब वह सीमा पार हो जाती है, तो वही गुण कमजोरी का कारण बन जाता है। क्षमा वीरों का आभूषण है, परंतु जब क्षमा कायरता की आड़ बन जाए, तब वह धर्म नहीं बल्कि अधर्म बन जाती है। आज समाज में कई बार लोग सहनशीलता के नाम पर अन्याय को सहते रहते हैं। वे यह सोचकर चुप रहते हैं कि शांत रहना ही श्रेष्ठ है। लेकिन यह समझना आवश्यक है कि अन्याय को सहना भी उतना ही बड़ा अपराध है, जितना कि अन्याय करना। जब कोई व्यक्ति बार-बार गलत करता है और हम केवल क्षमा करते रहते हैं, तो हम उसके गलत कार्यों को बढ़ावा दे रहे होते हैं। सहनशीलता का सही अर्थ है—सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना। जहां संवाद से समाधान संभव हो, वहां धैर्य रखना उचित है। लेकिन जहां बार-बार अपमान, अत्याचार या अन्याय हो रहा हो, वहां मौन रहना कायरता है। धर्म हमें यह नहीं सिखाता कि हर परिस्थिति में चुप रहें, बल्कि यह सिखाता है कि सत्य और न्याय के लिए खड़े हों। क्षमा तब तक सुंदर है, जब तक वह आत्मबल से उत्पन्न हो। यदि क्षमा डर, दबाव या कमजोरी के कारण की जा रही है, तो वह क्षमा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का हनन है। एक सच्चा और सजग व्यक्ति वही है, जो समय आने पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए और सही का साथ दे। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सहनशीलता और कायरता के बीच के अंतर को समझें। अपने भीतर इतना साहस रखें कि जहां जरूरत हो, वहां दृढ़ता से खड़े हो सकें। क्योंकि यदि हम ही चुप रहेंगे, तो गलत करने वालों का मनोबल बढ़ेगा और समाज में अधर्म फैलता जाएगा। इसलिए याद रखें—सहनशील बनें, लेकिन कमजोर नहीं। क्षमा करें, लेकिन अपनी आत्मा और सत्य के साथ समझौता न करें। यही सच्चे धर्म और जीवन की पहचान है। नितिन जैन संयोजक — जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम, पलवल (हरियाणा) जिलाध्यक्ष — अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, पलवल मोबाइल: 9215635871 2026-04-10 21:19:43
75545 40449680 श्री हुमड़ जैन समाज, पुणे ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ? || श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैनोदय || ? ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ?️ जय जिनेंद्र ?️ ✨ मुनिसुव्रत भगवान का जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 ✨ ? दिनांक: १२ अप्रैल 2026, रविवार ? कार्यक्रम रूपरेखा ? ? प्रातः 8:00 बजे ? मुनिसुव्रत स्वामी का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा एवं आरती (बोलियों द्वारा) ? प्रातः 9:30 बजे ? श्री जी का पालना झूलाना ? प्रातः 10:00 बजे से ?️ साधर्मी अल्पोपहार ?️ ? स्थान: श्री मुनिसुव्रतनाथ जिनालय जैनोदय सोसाइटी, कोंढवा बी.के. गंगाधाम – शत्रुंजय मंदिर रोड, पुणे ? सभी साधर्मी बंधुओं से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पावन आयोजन को सफल बनाएं। ? ? संपर्क सूत्र: वीरेंद्र शाह – 9422001787 अनिल कसलीवाल – 9130682311 प्रशांत पांडे – 9860355577 ? आयोजनकर्ता: श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैनोदय ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 2026-04-10 21:15:59
75546 40449680 श्री हुमड़ जैन समाज, पुणे ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ? || श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैनोदय || ? ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● ?️ जय जिनेंद्र ?️ ✨ मुनिसुव्रत भगवान का जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 ✨ ? दिनांक: १२ अप्रैल 2026, रविवार ? कार्यक्रम रूपरेखा ? ? प्रातः 8:00 बजे ? मुनिसुव्रत स्वामी का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा एवं आरती (बोलियों द्वारा) ? प्रातः 9:30 बजे ? श्री जी का पालना झूलाना ? प्रातः 10:00 बजे से ?️ साधर्मी अल्पोपहार ?️ ? स्थान: श्री मुनिसुव्रतनाथ जिनालय जैनोदय सोसाइटी, कोंढवा बी.के. गंगाधाम – शत्रुंजय मंदिर रोड, पुणे ? सभी साधर्मी बंधुओं से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पावन आयोजन को सफल बनाएं। ? ? संपर्क सूत्र: वीरेंद्र शाह – 9422001787 अनिल कसलीवाल – 9130682311 प्रशांत पांडे – 9860355577 ? आयोजनकर्ता: श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैनोदय ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬● 2026-04-10 21:15:59
75543 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त जन्म मरण लाभ हानि यश अपयश,सब विधि के हाथ जब सबकुछ ईश्वर के हाथ है तो फिर हमारे उद्यम का क्या रह जाता मतलब ??? अरे ! समझो विधि का मतलब विधि यानि हमारा पूर्व का कृत्य कल का किया कर्म आता उदय में भाग्य बनकर यानि सबकुछ ही तो है आपके हाथ कर्तापन कहाँ है इसमें ईश्वर के हाथ ? विधि को मान लेते आप विधाता यानि ईश्वर जो नहीं है सही विधि यानि कर्म / भाग्य भी होता जैसा उद्यम करोगे आप वैसा ही फल होगा प्राप्त ,,,, आपने निंदा की किसी की तो अपयश आयेगा आपके हाथ प्रशंसा की / गुणगान किया तो य... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183891716?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183891716?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-10 21:15:38
75544 40449666 निर्यापक समय सागर जी भक्त जन्म मरण लाभ हानि यश अपयश,सब विधि के हाथ जब सबकुछ ईश्वर के हाथ है तो फिर हमारे उद्यम का क्या रह जाता मतलब ??? अरे ! समझो विधि का मतलब विधि यानि हमारा पूर्व का कृत्य कल का किया कर्म आता उदय में भाग्य बनकर यानि सबकुछ ही तो है आपके हाथ कर्तापन कहाँ है इसमें ईश्वर के हाथ ? विधि को मान लेते आप विधाता यानि ईश्वर जो नहीं है सही विधि यानि कर्म / भाग्य भी होता जैसा उद्यम करोगे आप वैसा ही फल होगा प्राप्त ,,,, आपने निंदा की किसी की तो अपयश आयेगा आपके हाथ प्रशंसा की / गुणगान किया तो य... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183891716?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183891716?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-10 21:15:38
75541 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी ??????️ *देवाधिदेव 20वे तीर्थंकर श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथजी का केवलज्ञान कल्याणक पर्व:तिथि वैशाख कृष्ण नवमी, शनिवार, श्री वीर निर्वाण संवत 2552, दि.11 अप्रैल, 2026 -सभी धर्मप्रेमियों को हार्दिक बधाई और मंगल शुभकामनायें* ????️?� (उत्तर पुराण के अनुसार) श्री मुनिसुव्रतनाथजी के ज्ञान कल्याणक की जय जय *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* ?⛺️ *मुनिसुव्रतनाथ केवलज्ञान कल्याणक का अर्घ्य⛺️* ? "चंपक तरु तल नाथ, वदी वैशाख नवमी के। केवलज्ञान विकास, समवशरण में तिष्ठे।। श्रीविहार में प्रभु चरण तले स्वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183891720?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183891720?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-10 21:15:26
75542 40449667 संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी ??????️ *देवाधिदेव 20वे तीर्थंकर श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथजी का केवलज्ञान कल्याणक पर्व:तिथि वैशाख कृष्ण नवमी, शनिवार, श्री वीर निर्वाण संवत 2552, दि.11 अप्रैल, 2026 -सभी धर्मप्रेमियों को हार्दिक बधाई और मंगल शुभकामनायें* ????️?� (उत्तर पुराण के अनुसार) श्री मुनिसुव्रतनाथजी के ज्ञान कल्याणक की जय जय *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* ?⛺️ *मुनिसुव्रतनाथ केवलज्ञान कल्याणक का अर्घ्य⛺️* ? "चंपक तरु तल नाथ, वदी वैशाख नवमी के। केवलज्ञान विकास, समवशरण में तिष्ठे।। श्रीविहार में प्रभु चरण तले स्वर्... <a href="https://primetrace.com/group/7374/post/1183891720?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING" target="_blank">https://primetrace.com/group/7374/post/1183891720?utm_source=android_post_share_web&amp;referral_code=JBHJP&amp;utm_screen=post_share&amp;utm_referrer_state=PENDING</a> 2026-04-10 21:15:26