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Chat ID
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Chat Name
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Sender
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Phone
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Message
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Status
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Date |
View |
| 73638 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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2026-04-10 06:54:38 |
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| 73637 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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2026-04-10 06:54:37 |
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| 73635 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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*जय जिनेंद्र!* ?✨
आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरवशाली है! ?
*NCERT की कक्षा 9वीं की नवीन संस्कृत पाठ्यपुस्तक शारदा में पाठ 10 में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की पावन कथा को सम्मिलित किया गया है।* विशेष बात यह है कि *इस पाठ का शीर्षक णमो अरिहंताणं* रखा गया है, ताकि हमारी नई पीढ़ी संस्कृत के साथ-साथ प्राकृत भाषा की प्राचीनता और मिठास से भी परिचित हो सके।
शिक्षा और जैन धर्म के गौरवशाली इतिहास का यह अद्भुत संगम, बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करेगा। शासन प्रभावना के इस पुनीत कार्य के लिए हम सभी हर्षित हैं।
*तीर्थंकर ऋषभदेव की जय!* ?♂️?" |
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2026-04-10 06:54:34 |
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| 73636 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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*जय जिनेंद्र!* ?✨
आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरवशाली है! ?
*NCERT की कक्षा 9वीं की नवीन संस्कृत पाठ्यपुस्तक शारदा में पाठ 10 में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की पावन कथा को सम्मिलित किया गया है।* विशेष बात यह है कि *इस पाठ का शीर्षक णमो अरिहंताणं* रखा गया है, ताकि हमारी नई पीढ़ी संस्कृत के साथ-साथ प्राकृत भाषा की प्राचीनता और मिठास से भी परिचित हो सके।
शिक्षा और जैन धर्म के गौरवशाली इतिहास का यह अद्भुत संगम, बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करेगा। शासन प्रभावना के इस पुनीत कार्य के लिए हम सभी हर्षित हैं।
*तीर्थंकर ऋषभदेव की जय!* ?♂️?" |
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2026-04-10 06:54:34 |
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| 73633 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
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|
O |
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2026-04-10 06:54:24 |
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| 73634 |
50892187 |
श्री जिनेन्द्र भक्तमण्डल ग्वालियर |
|
|
O |
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2026-04-10 06:54:24 |
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| 73632 |
40449734 |
3 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर |
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*आज का सुविचार ??* |
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2026-04-10 06:53:10 |
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| 73631 |
40449734 |
3 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर |
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*आज का सुविचार ??* |
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2026-04-10 06:53:09 |
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| 73629 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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*कर्म बंधे अज्ञान दशा में, तो ज्ञान दशा में कर्मों को समाप्त कर सकते हो.............*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
????????
मत बन किसी का दास,
पर बन; पर से उदास।
फलतः कर्मों का नाश,
उदित हो बोध - प्रकाश।।५२।।
? *मुक्तक शतक* ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-10 06:52:34 |
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| 73630 |
40449663 |
? आचार्य सुधीन्द्र संदेश ? |
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*कर्म बंधे अज्ञान दशा में, तो ज्ञान दशा में कर्मों को समाप्त कर सकते हो.............*
युगश्रेष्ठ संतशिरोमणी
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज
???✨✨???
????????
मत बन किसी का दास,
पर बन; पर से उदास।
फलतः कर्मों का नाश,
उदित हो बोध - प्रकाश।।५२।।
? *मुक्तक शतक* ?
आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज |
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2026-04-10 06:52:34 |
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